फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Business Diary ›   union budget 2020 income tax slab for financial year 2020 announced by Nirmala Sitharaman

Budget 2020: वैकल्पिक हैं नई टैक्स स्लैब की दरें, छूट नहीं लेने पर देना होगा कम रेट से टैक्स

Sat, 01 Feb 2020 02:53 PM IST
‌डिंपल अलावाधी बजट डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बजट डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: ‌डिंपल अलावाधी Updated Sat, 01 Feb 2020 02:53 PM IST
विज्ञापन
union budget 2020 income tax slab for financial year 2020 announced by Nirmala Sitharaman
Budget 2020, Income Tax Slab 2020-21 - फोटो : pti

शनिवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2020 पेश किया। निर्मला सीतारमण ने मध्यम वर्ग को बड़ी राहत देते हुए टैक्स स्लैब की दरों में बड़ा बदलाव करने की घोषणा की। टैक्स स्लैब्स में बड़ा बदलाव करते हुए उन्होंने नौकरी करने वालों को छूट दी। 

विज्ञापन

वैकल्पिक हैं नई टैक्स स्लैब की दरें

हालांकि वित्त मंत्री ने नई टैक्स स्लैब की दरों को वैकल्पिक रखा है। अगर किसी करदाता को पुराने स्लैब से ज्यादा फायदा हो रहा है तो वो उसे दाखिल कर सकता है। हालांकि नई टैक्स स्लैब के लागू होने से करदाता किसी तरह की छूट का लाभ नहीं ले पाएंगे। 

विज्ञापन


उन्होंने कहा कि अगर टैक्सपेयर्स इनकम टैक्स एक्ट के तहत मिल रही कुछ टैक्स छूट को नहीं लेते हैं, तो 15 लाख रुपये तक की आमदनी वालों को पहले के मुकाबले कम रेट से टैक्स देना होगा। हालांकि, यह टैक्सपेयर्स की मर्जी पर निर्भर करेगा कि वह पहले वाला टैक्स स्लैब चुनता है या नए वाला। 

विज्ञापन
विज्ञापन

डायरेक्ट टैक्स कोड पर बनी कमेटी ने की थी सिफारिश 

पिछले साल ही डायरेक्ट टैक्स कोड पर बनी कमेटी ने सरकार से आयकर स्लैब में परिवर्तन करने की सिफारिश की थी। इस टास्क फोर्स का खास फोकस मध्यम वर्ग पर है। कमेटी ने सिफारिश की थी कि टैक्स छूट की सीमा बढ़ाकर 6.25 लाख रुपये की जानी चाहिए। बता दें कि अभी पांच लाख रुपये तक की आय कर मुक्त है। सूत्रों के मुताबिक इस कमेटी ने 2.50 लाख से 10 लाख तक की आमदनी पर 10 फीसदी, 10 लाख से 20 लाख तक की आमदनी पर 20 फीसदी टैक्स लगाने की सिफारिश की थी। 

सुपर रिच के लिए 30 फीसदी स्लैब

कमेटी ने सुपर रिच में शामिल लोग जिनकी सालाना आय 20 लाख रुपये से दो करोड़ रुपये के बीच में है, उनपर 30 फीसदी और दो करोड़ से ज्यादा की आमदनी पर 35 फीसदी टैक्स की सिफारिश की है। इसने सिर्फ खास मकसद से ही सरचार्ज लगाने की सिफारिश की है। समिति ने कहा था कि टैक्स स्लैब रिवाइज करने से दो तीन साल के लिए आय में कमी हो सकती है, लेकिन इसके बाद टैक्स भरने में लोगों को आसानी होगी इसके साथ ही टैक्स की चोरी भी रुकेगी।

खत्म हों सरचार्ज

इसके अलावा समिति ने सरचार्ज व सेस को पूरी तरह से खत्म करने की सिफारिश की है। अभी भारतीय कंपनियों को किसी वित्त वर्ष में घोषित या चुकाए गए कुल डिविडेंड पर 15 फीसदी का डिस्ट्रीब्यूशन टैक्स देना पड़ता है। इस पर 12 फीसदी का सरचार्ज और तीन फीसदी का एजुकेशन सेस भी लगता है। पैनल के मुताबिक, सभी कैपिटल गेंस को तीन कैटेगरी में रखना चाहिए- फाइनेंशियल इक्विटी, फाइनेंशियल अन्य और नॉन फाइनेंशियल।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed