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यूपीआई: एमडीआर लागू करने की तारीख बढ़ा सकती है केंद्र सरकार, 15 अक्तूबर की जगह इस दिन से हो सकता है बदलाव
Thu, 08 Oct 2026 07:02 PM IST
राहुल कुमार
पीटीआई, नई दिल्ली।
पीटीआई, नई दिल्ली।
Published by: राहुल कुमार
Updated Thu, 08 Oct 2026 07:02 PM IST
सार
यूपीआई लेनदेन पर एमडीआर लागू करने की समयसीमा बढ़ सकती है। 15 अक्तूबर की जगह 1 जनवरी से इसे लागू करने के प्रस्ताव पर विचार हो रहा है। हालांकि अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है। पढ़ें रिपोर्ट...
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एमडीआर लागू करने की तारीख बढ़ा सकती है सरकार
- फोटो : Amar Ujala Graphics
विस्तार
यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस यानी यूपीआई से जुड़े लेनदेन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) लागू करने की तारीख आगे बढ़ सकती है। मौजूदा समय में इसके 15 अक्तूबर से लागू होने की बात है, लेकिन अब सरकार इसे आगे बढ़ाने के प्रस्ताव पर विचार कर रही है।
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पीटीआई के मुताबिक, एमडीआर लागू करने की समयसीमा को 15 अक्तूबर से बढ़ाकर 1 जनवरी करने का प्रस्ताव सामने आया है। इस पर अगले कुछ दिनों में फैसला होने की उम्मीद है। हालांकि, अभी तक तारीख बढ़ाने को लेकर कोई अंतिम निर्णय नहीं हुआ है।
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क्या होता है MDR?
मर्चेंट डिस्काउंट रेट यानी एमडीआर वह शुल्क है, जो डिजिटल भुगतान स्वीकार करने वाले कारोबारियों से लेनदेन की प्रक्रिया के लिए लिया जाता है। यूपीआई से जुड़े एमडीआर में बदलाव का असर भुगतान कंपनियों और डिजिटल पेमेंट से जुड़े कारोबार पर पड़ सकता है।
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यूपीआई एमडीआर पर जीएसटी घटने की तैयारी?
इसके अलावा, जीएसटी परिषद ने यूपीआई मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) पर जीएसटी को मौजूदा 18 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत करने के प्रस्ताव पर भी विचार किया। ज्यादातर राज्यों ने यूपीआई एमडीआर पर 18 प्रतिशत जीएसटी को लेकर चिंता जताई। नए यूपीआई एमडीआर फ्रेमवर्क के तहत ज्यादा वैल्यू वाले मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर चार्ज लगाने की योजना है।
जीएसटी दर को घटाकर 5 प्रतिशत करने का प्रस्ताव भारत के डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम के लिए एक अहम समय पर आया है। नए यूपीआई फ्रेमवर्क में, कुछ शर्तों और छूट के साथ, 2,000 रुपए से ज्यादा के खास 'पर्सन-टू-मर्चेंट' ट्रांजैक्शन पर 0.4 प्रतिशत का एमडीआर तय किया गया है। सरकार के मुताबिक, 'पर्सन-टू-मर्चेंट' यूपीआई ट्रांजैक्शन में से लगभग 96 प्रतिशत पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा।
Paytm समेत फिनटेक कंपनियों के शेयर गिरे
यूपीआई पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) लागू करने की समयसीमा 15 अक्तूबर से बढ़ाकर एक जनवरी करने के प्रस्ताव पर विचार किए जाने की खबरों के बीच पेटीएम और वन मोबिक्विक सिस्टम्स समेत अन्य वित्तीय प्रौद्योगिकी कंपनियों के शेयर गुरुवार को गिरावट के साथ बंद हुए।
पेटीएम ब्रांड का स्वामित्व रखने वाली वन97 कम्युनिकेशंस का शेयर बीएसई पर कारोबार के दौरान 10 प्रतिशत तक गिरकर 1,560.60 रुपये पर आ गया। हालांकि, बाद में इसमें कुछ सुधार हुआ और यह 5.42 प्रतिशत की गिरावट के साथ 1,640 रुपये पर बंद हुआ।