फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Business Diary ›   Women dreaming of becoming self reliant entrepreneurs and paying attention to their health

रिपोर्ट : कोरोना के दौर से निकलकर अपना कारोबार शुरू करने का सपना देख रही हैं 75 फीसदी महिलाएं

Thu, 11 Mar 2021 08:58 PM IST
‌डिंपल अलावाधी पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली Published by: ‌डिंपल अलावाधी Updated Thu, 11 Mar 2021 08:58 PM IST
विज्ञापन
Women dreaming of becoming self reliant entrepreneurs and paying attention to their health
महिलाओं में बढ़ी बेरोजगारी दर - फोटो : pixabay

कोरोना वायरस महामारी से सभी वर्ग प्रभावित हुए हैं। लेकिन अब टीकाकरण शुरू होने के बाद से आर्थिक सुधार की स्थिति बेहतर हो रही है। बात अगर सिर्फ महिलाओं की करें, तो कोविड-19 के दौर से निकलने के लिए संघर्ष कर रही महिलाएं अब अपनी सेहत पर अधिक ध्यान देने और कोई कारोबार शुरू कर आत्मनिर्भरता के साथ ही उद्यमी बनने के सपने देख रही हैं। 

विज्ञापन


अपना कारोबार शुरू करने का सपना देख रही हैं 75 फीसदी महिलाएं
बॉबल एआई ने हाल ही में एक सर्वेक्षण कराया, जिसके अनुसार 75 फीसदी महिलाएं अब अपना कारोबार शुरू कर अपने पैरों पर खड़े होने का सपना देख रही हैं। जनवरी 2021 से पिछले दो महीने में करवाए गए इस सर्वेक्षण के दायरे में आई 55 फीसदी से अधिक महिलाएं अब अपनी सेहत, फिटनेस और उत्साह पर ध्यान दे रही हैं और साथ ही इसके बारे में अपनी दोस्तों के बीच जानकारी और चिंताएं भी अधिक खुलकर साझा कर रही हैं। भारतीय संदर्भों में रिपोर्ट में कहा गया है कि कोविड-19 के कारण बहुत सी भारतीय महिलाओं को अपना व्यवसाय बीच में छोड़ना पड़ा है। 
विज्ञापन


मुश्किलों के बावजूद महिलाओं के हौसले बुलंद
कुछ समय पूर्व सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी (सीएमआईई) की एक रिपोर्ट में कहा गया था कि कोरोना ने महिलाओं की श्रम बल में पहले से ही कम भागीदारी को और कम कर दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

 इसमें कहा गया था कि 71 फीसदी कामकाजी पुरुषों के मुकाबले महिलाओं के मामले में यह दर 11 प्रतिशत रह गई है। कार्य स्थलों पर इतनी कम महिलाओं के साथ महिलाओं में बेरोजगारी की दर पुरुषों के छह फीसदी के मुकाबले 17 फीसदी हो गई है। कोविड के कारण अचानक से नौकरी से हाथ धो बैठने से भारत में महिलाओं के मानसिक स्वास्थ्य पर भी सीधा असर पड़ा है। हालांकि बॉबल एआई का कहना है कि तमाम मुश्किलों के बावजूद भारतीय महिलाओं के हौसले बुलंद हैं।

औसतन एक महिला ने 18 बार किया 'सॉरी' शब्द का इस्तेमाल 
सर्वेक्षण रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि जीवन शैली में बदलाव, बढ़ते शहरीकरण, पश्चिमी सभ्यता के अधिक संपर्क में आने के चलते भारत में महिलाओं और युवतियों के बीच प्यार और शादी को लेकर भी विचारों में तेजी से बदलाव आ रहा है। रिपोर्ट में उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, टिंडर, बम्बल, हिंज, हैप्पन, ओके क्यूपिड जैसी डेटिंग एप के बढ़ते इस्तेमाल के बीच 72 फीसदी महिलाएं डेटिंग और सच्चे प्रेम की तलाश के बारे में बातें कर रही हैं। रिपोर्ट में कोविड के बाद की स्थितियों में महिलाओं की जीवनशैली के संबंध में आए बदलावों को आंकने का प्रयास किया गया है। बॉबल एआई की सर्वेक्षण रिपोर्ट कहती है कि आमतौर पर पतियों और प्रेमियों को यह शिकायत रहती है कि किसी भी मामले में उन्हें 'सॉरी' शब्द बोलना पड़ता है। सर्वेक्षण कहता है कि पिछले दो महीनों में औसतन एक महिला ने 18 बार से अधिक सॉरी शब्द का इस्तेमाल किया। 


इसके बाद औसतन एक महिला ने 16 बार 'लव' और 15 बार 'हूं' कहा। इस प्रकार महिलाओं के बीच 'सॉरी' वर्ष का सबसे अधिक इस्तेमाल किया गया शब्द रहा। इस सर्वेक्षण को करवाने वाली बॉबल एआई एक मीडिया प्लेटफॉर्म कंपनी है जिसने यह जानने के लिए सर्वेक्षण करवाया कि कोरोना महामारी के दौर में महिलाएं किन मुद्दों पर बात कर रही हैं। बॉबल एआई फेसबुक, व्हाट्सएप, टिंडर, हिंज जैसी सोशल मीडिया साइटों पर लोगों के बीच होने वाली बातचीत के बारे में सर्वेक्षण करती है और यह पता लगाने की कोशिश करती है कि आधुनिक तकनीकी क्रांति के दौर में समाज में संवाद प्रक्रिया किस प्रकार आकार ले रही है।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed