{"_id":"65e739904d5937e4960abc37","slug":"unemployment-rate-dips-to-3-1-pc-in-2023-2024-03-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Unemployment: साल 2023 में बेरोजगारी दर घटकर 3.1% पर पहुंची, पिछले तीन साल में सबसे कम","category":{"title":"Business Diary","title_hn":"बिज़नेस डायरी","slug":"business-diary"}}
Unemployment: साल 2023 में बेरोजगारी दर घटकर 3.1% पर पहुंची, पिछले तीन साल में सबसे कम
Tue, 05 Mar 2024 08:56 PM IST
कुमार विवेक
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: कुमार विवेक
Updated Tue, 05 Mar 2024 08:56 PM IST
सार
Unemployment: 2023 में 15 वर्ष या उससे अधिक आयु के व्यक्तियों के लिए बेरोजगारी दर घटकर 3.1 प्रतिशत हो गई, जो पिछले तीन वर्षों में सबसे कम है। ग्रामीण क्षेत्रों में यह 2023 में घटकर 2.4 प्रतिशत हो गया, जो 2022 में 2.8 प्रतिशत और 2021 में 3.3 प्रतिशत था।
विज्ञापन
राष्ट्रीय सैंपल सर्वे
विस्तार
सांख्यिकी मंत्रालय के तहत राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण संगठन (एनएसएसओ) की एक रिपोर्ट के अनुसार, 2023 में 15 वर्ष या उससे अधिक आयु के व्यक्तियों के लिए बेरोजगारी दर घटकर 3.1 प्रतिशत हो गई, जो पिछले तीन वर्षों में सबसे कम है। कैलेंडर वर्ष 2023 के लिए आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण (पीएलएफएस) के अनुसार, बेरोजगारी दर 2023 में घटकर 3.1 प्रतिशत हो गई, जो 2022 में 3.6 प्रतिशत और 2021 में 4.2 प्रतिशत थी।
विज्ञापन
बेरोजगारी, या बेरोजगारी दर, श्रम बल में बेरोजगार लोगों के प्रतिशत के रूप में परिभाषित की गई है। आंकड़ों के अनुसार, मार्च 2020 में सरकार ने घातक कोरोनावायरस के प्रसार को रोकने के लिए लॉकडाउन लगाने का एलान किया। हालांकि हालात के बाद रोजगार की स्थिति में सुधार हो रहा है।
विज्ञापन
आंकड़ों से यह भी पता चलता है कि केंद्र और राज्यों द्वारा लॉकडाउन हटाने के बाद आर्थिक गतिविधियों में तेजी में सुधार हुआ है। सर्वेक्षण से पता चला है कि महिलाओं में बेरोजगारी दर भी 2023 में घटकर 3 प्रतिशत हो गई, जो 2022 में 3.3 प्रतिशत और 2021 में 3.4 प्रतिशत थी। इसी तरह पुरुषों के लिए, यह 2023 में घटकर 3.2 प्रतिशत हो गया, जो 2022 में 3.7 प्रतिशत और 2021 में 4.5 प्रतिशत था। शहरी क्षेत्रों में बेरोजगारी की समग्र दर भी घटकर 2023 में 5.2 प्रतिशत हो गई, जो 2022 में 5.7 प्रतिशत और 2021 में 6.5 प्रतिशत थी।
विज्ञापन
इसी तरह, ग्रामीण क्षेत्रों में यह 2023 में घटकर 2.4 प्रतिशत हो गया, जो 2022 में 2.8 प्रतिशत और 2021 में 3.3 प्रतिशत था। शहरी क्षेत्रों में 15 वर्ष और उससे अधिक आयु के लोगों के लिए वर्तमान साप्ताहिक स्थिति (CWS) में श्रम बल भागीदारी दर (LFPR) 2023 में बढ़कर 56.2 प्रतिशत हो गई, जो 2022 में 52.8 प्रतिशत और 2021 में 51.8 प्रतिशत थी।
श्रम बल जनसंख्या के उस हिस्से की जानकारी देता है जो वस्तुओं और सेवाओं के उत्पादन के लिए आर्थिक गतिविधियों को आगे बढ़ाने के लिए श्रम की आपूर्ति या आपूर्ति करने की पेशकश करता है और इसलिए, इसमें नियोजित और बेरोजगार दोनों व्यक्ति शामिल हैं।
एनएसएसओ ने अप्रैल 2017 में पीएलएफएस लॉन्च किया था। सीडब्ल्यूएस में बेरोजगार व्यक्तियों के अनुमान सर्वेक्षण अवधि के दौरान सात दिनों की छोटी अवधि में बेरोजगारी की औसत तस्वीर देते हैं।
सीडब्ल्यूएस के अनुसार, एक व्यक्ति को बेरोजगार माना जाता है यदि उसने सप्ताह के दौरान किसी भी दिन एक घंटे के लिए भी काम नहीं किया है, लेकिन उस अवधि के दौरान किसी भी दिन कम से कम एक घंटे के लिए काम उपलब्ध था।
सीडब्ल्यूएस के अनुसार, श्रम बल, सर्वेक्षण की तारीख से पहले एक सप्ताह में औसतन नियोजित या बेरोजगार व्यक्तियों की संख्या है। एलएफपीआर को श्रम बल में जनसंख्या के प्रतिशत के रूप में परिभाषित किया गया है। श्रमिक जनसंख्या अनुपात (WPR) को जनसंख्या में नियोजित व्यक्तियों के प्रतिशत के रूप में परिभाषित किया गया है। डब्ल्यूपीआर भी 2023 में बढ़कर 53.4 प्रतिशत हो गया, जो 2022 में 49.8 प्रतिशत और 2021 में 48 प्रतिशत था।