CCI: अल्ट्राटेक की बढ़ीं मुश्किलें; प्रतिस्पर्धा नियमों के उल्लंघन का आरोप, सीसीआई ने मांगे वित्तीय दस्तावेज
निष्पक्ष व्यापार नियामक सीसीआई ने आदित्य बिड़ला की कंपनी अल्ट्राटेक और उसके अधिकारियों को वित्तीय दस्तावेज जमा करने का निर्देश दिया है। यह मामला ओएनजीसी द्वारा दायर की गई शिकायत से जुड़ा है। महानिदेशक ने 18 फरवरी, 2025 को अपनी जांच रिपोर्ट प्रस्तुत की थी, जिसमें प्रतिस्पर्धा नियमों का उल्लंघन पाया गया था।
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विस्तार
भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) ने आदित्य बिड़ला की कंपनी और उसके अधिकारियों को वित्तीय दस्तावेज जमा करने का निर्देश दिया है। अल्ट्राटेक अब दक्षिण की सीमेंट कंपनी इंडिया सीमेंट्स के साथ दो अन्य निर्माताओं की भी मालिक है। यह निर्देश आयोग की जांच द्वारा प्रतिस्पर्धा नियमों के उल्लंघन की पुष्टि के बाद दिया गया है। आयोग ने डालमिया भारत सीमेंट्स और श्री दिग्विजय सीमेंट्स को आदेश के आठ सप्ताह के भीतर बैलेंस शीट और लाभ-हानि खातों सहित वित्तीय विवरण प्रस्तुत करने भी निर्देश दिया है।
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कंपनियों को वित्तीय विवरण प्रस्तुत करने का निर्देश
सीसीआई ने अल्ट्राटेक को निर्देश दिया है कि वह वित्त वर्ष 2015 से वित्त वर्ष 2019 तक की अवधि के लिए अपनी सहायक कंपनी इंडिया सीमेंट्स के वित्तीय विवरण प्रस्तुत करे। वहीं डेलमिया भारत और श्री दिग्विजय सीमेंट्स को वित्त वर्ष 2011 से वित्त वर्ष 2019 तक के वित्तीय दस्तावेज देने होंगे। इसके अलावा, संबंधित कंपनियों के अधिकारियों को भी पांच वर्षों के आयकर रिकॉर्ड और विस्तृत वित्तीय विवरण, जांच रिपोर्ट पर अपने औपचारिक उत्तर के साथ प्रस्तुत करने होंगे।
ओएनजीसी ने की थी शिकायत
यह मामला ओएनजीसी द्वारा दायर की गई शिकायत से जुड़ा है। उसके टेंडरों में गुटबाजी का आरोप लगाया गया था। इसके बाद 18 नवंबर 2020 को सीसीआई ने इस मामले की जांच के निर्देश दिए थे। महानिदेशक ने 18 फरवरी, 2025 को अपनी जांच रिपोर्ट प्रस्तुत की थी, जिसमें प्रतिस्पर्धा नियमों का उल्लंघन पाया गया था।
कंपनियों को गैर-प्रतिस्पर्धी मिलीभगत में संलिप्त पाया गया
इसमें अल्ट्राटेक की सहायक इंडिया सीमेंट्स, श्री दिग्विजय और डेलमिया सीमेंट्स को एक बिचौलिये उमाकांत अग्रवाल के साथ गैर-प्रतिस्पर्धी मिलीभगत में संलिप्त पाया गया। इसके आधार पर 26 मई 2025 को सीसीआई ने कंपनियों से उस अवधि की आय की जानकारी भी मांगी है, जो कथित उल्लंघनों के दौरान सार्वजनिक क्षेत्र की इकाई से हुई थी। आयोग ने यह भी कहा कि आयोग कंपनियां गलत या अधूरी जानकारी देती हैं या समयसीमा में जानकारी नहीं देतीं, तो उन्हें धारा 45 के तहत दंडित किया जा सकता है।
इससे पहले, दिसंबर 2024 में, अल्ट्राटेक सीमेंट्स ने इंडिया सीमेंट्स लिमिटेड के प्रमोटरों और प्रमोटर समूह संस्थाओं से 32.72 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल की थी। इससे पहले वह 22.77% हिस्सेदारी पहले ही बाजार से खरीद चुकी थी।