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आपके आधार डाटा से अब नहीं हो सकेगी छेड़छाड़, अब जीपीएस से होगी डिवाइसेस की निगरानी

Tue, 03 Jul 2018 12:30 PM IST
पीयूष पांडेय, अमर उजाला, नई दिल्ली
पीयूष पांडेय, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Tue, 03 Jul 2018 12:30 PM IST
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uidai takes more steps for securing your aadhaar data at centers

बैंक, डाकघर एवं सरकारी केंद्रों से बाहर आधार कार्ड बनाने वालों की अब खैर नहीं। भारतीय विशिष्ट पहचान पत्र प्राधिकरण (यूआईडीएआई) आधार बनाने वाले सभी पंजीकृत उपकरणों की निगरानी जीपीएस से कर रहा है। अगर किसी भी मशीन का प्रयोग निर्धारित केंद्र से बाहर हुआ, तो वह प्राधिकरण की निगाह में आ जाएगा और उन पर आपराधिक कार्रवाई के साथ विभिन्न कानूनों के तहत मुकदमा चलाया जाएगा।  

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केंद्रों के बाहर बन रहे हैं आधार कार्ड
सरकार की तमाम कोशिशों के बावजूद, देश के कुछ हिस्सों में सरकारी केंद्रों से इतर आधार बनाने की गतिविधियों के खिलाफ हाल में कार्रवाई हुई थी। इस पर यूआईडीएआई (प्राधिकरण) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) एबी पांडेय का कहना है कि प्राधिकरण इस मामले में बहुत सख्त है और कड़ी निगरानी के लिए नित नए कदम उठा रहा है।
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उन्होंने कहा कि देश के लोगों से मेरी अपील है कि वे सिर्फ बैंकों, डाकघरों और सरकारी परिसर स्थित केंद्रों से ही आधार बनवाएं या उसमें कोई बदलाव करवाएं। आधार के निर्माण या उसमें बदलाव के लिए कोई भी निजी परिसर वैध नहीं है। उन सभी को भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के मद्देनजर बंद कराया जा चुका है।

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अनियमितता खत्म करना है मकसद 

uidai takes more steps for securing your aadhaar data at centers
आधार कार्ड

सीईओ पांडेय ने कहा कि करीब 15,000 बैंकों और डाकघरों में आधार केंद्र स्थापित हैं। कुल 22,000 केंद्र बैंकों व डाकघरों में स्थापित होने हैं और सभी केंद्रों की निगरानी जीपीएस प्रणाली के जरिये प्राधिकरण द्वारा की जा रही है। अगर आधार निर्मित करने वाले पंजीकृत उपकरण का उपयोग निर्धारित केंद्र से इतर किया गया, तो वह तत्काल हमारी नजर में आ जाएगा।

उन्होंने स्पष्ट किया कि अब किसी भी गैर-पंजीकृत उपकरण का प्रयोग आधार निर्माण या उसमें बदलाव के लिए नहीं किया जा रहा है। यहां तक की सभी टेलीकॉम कंपनियां भी पंजीकृत उपकरणों का ही प्रयोग कर रही हैं। यह सारी व्यवस्था बायोमैट्रिक को प्राधिकरण से इतर संरक्षित करने से रोकने के लिए की गई है। जबकि बैंकों, डाकघरों और सरकारी परिसरों में केंद्रों की स्थापना का मकसद अनियमितता को पूरी तरह खत्म करना है। 

अब तक 121 करोड़ आधार कार्ड बने 
उन्होंने कहा कि 121 करोड़ लोगों के आधार देशभर में बन चुके हैं। अब ज्यादातर पांच साल से छोटे बच्चों के आधार का निर्माण शेष है। सीईओ पांडेय ने कहा कि सब्सिडी वाली सारी योजनाओं में अब तक 90,000 करोड़ रुपये आधार के जरिये बचाए जा चुके हैं।

फर्जी आधार के निर्माण के सवाल पर उन्होंने कहा कि हम अपनी तरह से पूरी सतर्कता बरत रहे हैं। राज्यों से लगातार हमारी चर्चा होती है। ऐसे में नागरिक भी यह जान लें कि सिर्फ बैंक, डाकघर और सरकारी परिसर स्थित केंद्रों में ही आधार बनवाएं। अगर उन्हें किसी निजी परिसर में आधार केंद्र दिखाई दे, तो वह सीधे यूआईडीएआई को शिकायत कर सहायता करें।    

गाजियाबाद में हुआ था पर्दाफाश
गौरतलब है कि हाल ही में गाजियाबाद के विजय नगर में एक निजी परिसर में आधार कार्ड बनाने का पर्दाफाश हुआ था। इस दौरान प्रशासन ने भारी मात्रा में आधार कार्ड बरामद किए थे। जबकि इससे पहले भी कई शहरों में ऐसी गतिविधियों के खिलाफ शिकंजा कसा गया है।

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