UCISPF: आने वाले समय में नंबर-1 अर्थव्यवस्था बनेगा भारत, अध्यक्ष बोले- 2024 में बड़ी शक्ति बनने की राह पर भारत
जॉन का दावा है कि साइबर सुरक्षा का बाजार फिर लौटेगा और तेजी से बढ़ेगा। 2023 में हुए साइबर हमले और बड़े वित्तीय नुकसान इसकी वजह होंगे। अकेले क्लोरॉक्स साइबर हमले से 60 करोड़ डॉलर के राजस्व का नुकसान आंका गया है।
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भारत आने वाले समय में दुनिया की नंबर-1 अर्थव्यवस्था बन जाएगा। यह बात भारत-अमेरिका रणनीतिक सहयोग फोरम (यूएसआईएसपीएफ) के अध्यक्ष जॉन चैंबर्स ने कही। उन्होंने कहा, साल 2024 में भारत दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की राह पर आगे बढ़ता रहेगा।
जॉन के मुताबिक, इस समय भारत अपने इतिहास के महत्वपूर्ण क्षणों में है। वह इस क्षण को अपने कब्जे में करेगा, प्रगति पर आगे बढ़ेगा और आने वाले वर्षों के लिए अवसर भी पैदा करेगा। 2023 भारत-अमेरिकी साझेदारी के लिए अहम वर्ष रहा। 2024 में भारत-अमेरिका दुनिया के सबसे अहम रणनीतिक साझेदार बनने जा रहे हैं। वे दुनियाभर के लिए इनोवेशन को दिशा देंगे और नौकरियां पैदा करेंगे। इसमें डिजिटल व एआई इंडिया जैसी पहल अहम भूमिका निभाएंगी। भारत की अमेरिका व अन्य प्रमुख देशों के साथ सहयोग और रणनीतिक साझेदारी बढ़ाने की उत्सुकता भी इसमें बड़ा योगदान देगी।
साइबर सुरक्षा का बाजार लौटेगा और तेजी से बढ़ेगा
जॉन का दावा है कि साइबर सुरक्षा का बाजार फिर लौटेगा और तेजी से बढ़ेगा। 2023 में हुए साइबर हमले और बड़े वित्तीय नुकसान इसकी वजह होंगे। अकेले क्लोरॉक्स साइबर हमले से 60 करोड़ डॉलर के राजस्व का नुकसान आंका गया है।
इस साल डिजिटल से एआई युग में करेंगे प्रवेश
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) तकनीक को जॉन ने साल 2024 में आने वाला सबसे बुनियादी तकनीकी बदलाव बताया। कहा, यह तकनीक मुख्यधारा में आ जाएगी। मैंने 2022 में भी यह कहा था, 2023 में हमने ऐसा होते हुए देखा, लेकिन 2024 में यह बहुत आगे पहुंच जाएगी। हम डिजिटल युग से एआई युग में प्रवेश कर जाएंगे। हर कंपनी में एआई आधारित काम की मांग बढ़ेगी। जो स्टार्टअप एआई का उपयोग नहीं करेंगे, जल्दी विफल होंगे। बड़ी कंपनियां भी विफल होंगी, लेकिन उनसे कुछ धीरे। एआई ज्यादा बड़े बाजार और दिमागों पर भी कब्जा करेगा।
डीपफेक बड़ा खतरा
जॉन चैंबर्स ने कहा, डीपफेक आम लोगों से लेकर कंपनियों और सरकारों के लिए सबसे बड़ा साइबर खतरा बनेंगे।