Twitter Takeover: ट्विटर में ‘बदलाव’ के लिए दफ्तर में सो रहे मस्क, आशंकित कर्मियों का भी ऑफिस ही ‘आशियाना’
Twitter Takeover: माइक्रोब्लॉगिंग साइट ट्विटर का अधिग्रहण करने के बाद एलन मस्क ने ट्विटर के लगभग आधे कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया था, जिसमें ट्विटर के तत्कालीन सीईओ पराग अग्रवाल भी शामिल थे। अब वे इसमें बदलाव के लिए ट्विटर हेडक्वार्टर में ही सो रहे हैं।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
दुनिया के सबसे अमीर शख्स एलन मस्क (Elon Musk) ने अपने बारे में एक बड़ा खुलासा किया है। सोमवार को एक ट्वीट करते हुए टेस्ला (Tesla), स्पेसएक्स (SpaceX) और ट्विटर (Twitter) जैसी कंपनियों के कर्ताधर्ता मस्क ने बताया है कि फिलहाल वे सेन फ्रांसिस्को स्थित हेडक्वार्टर् में ही सो रहे हैं। बता दें उन्होंने यह ट्वीट उन खबरों के बीच किया है जिसमें कहा गया है कि ट्विटर के नए बॉस मस्क की डर से दफ्तर में ही सोने को मजबूर हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार ट्विटर की कमान संभालने के बाद से ही एलन मस्क इसे नया स्वरुप देना चाहते हैं। इसके लिए वे बदलावों पर काम कर रहे हैं। हालांकि, इस पूरी प्रक्रिया में उनकी ओर से प्रस्तावित कुछ बदलावों की आलोचना भी हो रही है। इन सबके बीच कई मीडिया रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया है कि नौकरी जाने की डर से कई ट्विटर कर्मचारी रात को ऑफिस में सो रहे हैं। इन खबरों के बाद अब मस्क ने भी साफ किया है कि वे खुद ट्विटर हेडक्वार्टर में सो रहे हैं, और ऐसा तब तक चलेगा जब तक ट्विटर पर सबकुछ ठीक नहीं हो जाता है। हालांकि, उनकी इस ट्वीट को बाद में डिलीट कर दिया गया।
बता दें कि माइक्रोब्लॉगिंग साइट ट्विटर का अधिग्रहण करने के बाद एलन मस्क ने ट्विटर के लगभग आधे कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया था, जिसमें ट्विटर के तत्कालीन सीईओ पराग अग्रवाल भी शामिल थे। जो कर्मचारी कंपनी में बचे थे उन्हें नई वर्क डेडलाइन दे दी गई थी। ट्विटर के अधिग्रहण के बाद सोशल मीडिया पर कई तस्वीरें वायरल हुई थीं जिनमें कई कर्मचारी ऑफिस में ही स्लिपिंग बैंग्स में सोते दिखे थे। हालांकि ये तस्वीरें ट्विटर के किसी दफ्तर के थे यह साफ नहीं हो पाया था।
ट्विटर के टेकओवर के बाद मस्क ने यह भी कहा है कि संस्था में सुधार के लिए जो कदम उठाए जा रहे हैं, उससे उनका खुद का काम भी काफी बढ़ गया है। इस बीच, कंपनी के कर्मियों को भी सख्त लहजे में कहा गया कि उन्हें अब हर हफ्ते 80 घंटे काम करने के लिए तैयार रहना पड़ेगा। इसका साफ मतलब था कि उन्हें हर दिन 16 घंटे काम करना पड़ेगा। इसके साथ ही मस्क ने वर्क फ्रॉम होम की सुविधा भी समाप्त कर दी थी।