{"_id":"65d9c6c6c885b1f9fe01d77a","slug":"ttk-prestige-md-chandru-kalro-gave-success-mantra-to-entrepreneurs-said-create-value-not-valuation-2024-02-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"TTK Prestige: एमडी चंद्रू कालरो ने नए उद्यमियों को दिया सफलता का मंत्र, बोले- वैल्यूएशन नहीं वैल्यू बनाएं","category":{"title":"Business Diary","title_hn":"बिज़नेस डायरी","slug":"business-diary"}}
TTK Prestige: एमडी चंद्रू कालरो ने नए उद्यमियों को दिया सफलता का मंत्र, बोले- वैल्यूएशन नहीं वैल्यू बनाएं
Sat, 24 Feb 2024 04:24 PM IST
कुमार विवेक
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: कुमार विवेक
Updated Sat, 24 Feb 2024 04:24 PM IST
सार
TTK Prestige: चंद्रू कालरो ने बताया कि नवउद्यमियों को वैल्युएशन से अधिक वैल्यू बनाने पर जोर देना चाहिए। नए दौर के उद्यमियों को सस्टेनेबल बिजनेस मॉडल बनाचा चाहिए। आजकल क्या हो रहा है पैसे हैं तो स्टार्टअप आते हैं, नुकसान कर देते हैं, फिर चले जाते हैं, ऐसा मत करो। कालरो ने कहा, "प्लीज क्रिएट वैल्यू नॉट वैल्यूएशन"।
विज्ञापन
चंद्रू कालरो
- फोटो : Social Media
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
अमर उजाला की खास पेशकश शिखर का सफर में टीटीके प्रेस्टीज ग्रुप के मैनेजिंग डायरेक्टर चंद्रू कालरो ने किचन कुकवेयर मैन्युफैक्चरिंग उद्योग में कंपनी की उपलब्धियों के बारे में बताया। नवउद्यमियों के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें वैल्युएशन नहीं वैल्यू क्रिएट करने पर ध्यान देना चाहिए।
विज्ञापन
टीटीके प्रेस्टीज ग्रुप सिर्फ प्रेशर कुकर नहीं बनाता। उसकी जो प्रोडक्ट रेंज है, उत्पाद शृंखला है वो बहुत लंबी है। कंपनी के एमडी चंद्रू कालरोस ने बताया कि टीटीके प्रेस्टीज भारत में सबसे पहले प्रेशर कुकर को लाया था। उन्होंने कहा, "बहुत से लोगों को यह जानकर हैरानी होगी कि हमारे उत्पादों में प्रेशर कुकर का टर्नओवर मात्रा एक तिहाई है। हमारे कंपनी के टर्नओवर में दो तिहाई हिस्सा अन्य उपादों का है। इनमें कुकवेयर जैसे नॉन स्टिक, स्टेनलेस स्टील, कास्ट आयरन आदि शामिल हैं। हम इंडक्शन कुकटॉप बनाते हैं। हम मिक्सर ग्राइंडर और स्मॉल इलेक्ट्रिक अप्लायंसेज बनाते हैं। हमारे पास करीब 700 एक्टिव प्रोडक्ट्स हैं।"
विज्ञापन
विज्ञापन
कंपनी के सबसे सस्ते और अफोर्डेबल कुकर से जुड़े सवाल कालरोस ने बताया कि कंपनी का सबसे सस्ता और अफोर्डेबल कुकर करीब 900 रुपये का है। वहीं, सबसे महंगा कुकर करीब ₹4000 के करीब है। उन्होंने बताया कि 10 साल या 15 साल पहले अगर आप देखें तो अल्युमिनियम के उत्पादों का सेल लगभग 75% था, वहीं 25% सेल था स्टील स्टेनलेस स्टील उत्पादों का। अब लोगों की धारना बदल रही है और स्टेनलेस स्टील के उत्पादों की बिक्री बढ़ी है। उन्होंने बताया कि उदाहरण के लिए उत्तर प्रदेश में सेल जो एक समय में 90% अल्युमिनियम उत्पादों का था, वहां आज लगभग 50% स्टेनलेस स्टील के उत्पाद बिक रहे हैं।
कुछ लोग ऐसा कहते हैं की अल्युमिनियम सेहत के लिए उतना फायदेमंद नहीं है, इस बारे में जब टीटीके प्रेस्टीज के एमडी से जब सवाल पूछा गया तो उन्होंने बताया कि हमने बहुत रिसर्च पेपर्स देखे हैं जो की अंतरराष्ट्रीय स्तर के हैं, ऐसी कोई बात नहीं है। अगर कोई ऐसी बात होती तो खुद हमारी सरकार इसे बैन कर देती।
कोविड के बाद कंपनी ने कैसे रिकवर किया इस सवाल के जवाब में कालरो ने बताया कि टीटीके प्रेस्टीज कूकवेयर सेगमेंट की लीडर कंपनी है। कोविडकाल ने किचन को सबसे आगे कर कर दिया। जब लॉकडाउन हुआ तो लोग घरों में फंस गए। लोगों को घर से बाहर जाने का मौका न हीं मिल रहा था। इस दौरान बहुत सारे ऐसे पुरुषों ने किचन में कदम रखा जिन्होंने कभी पहले कभी ऐसा नहीं किया था। इस दौरान हमने अपनी सेवाओं को बेहतर करने की कोशिश की। इस दौरान हमने अपने कॉल सेंटर के जरिए ग्राहकों को अपने उत्पाद कैसे ठीक करें इस बारे में जानाकारी दी। क्योंकि लॉकडाउन के कारण सर्विस से जुड़ी गतिविधियां बंद थीं।
कोविड काल में भी हमने ग्राहकों को सर्वोपरि रखा। हमने अपने सप्लायर्स को पेमेंट ऑन टाइम किया, क्योंकि कोविड के कारण उनका भी काम बंद था। कालरो ने बताया कि कुछ ऐसे मौके आते हैं किसी कंपनी के सफर में जहां पर आपको दिखाने का एक मौका मिलता है की कल्चर क्या होता है, एथिक्स क्या होती है। कोविडकाल वैसा ही मौका था। लॉकडाउन के दौरान हमारे सारे कर्मचारियों ने घर बैठ कर घर बैठकर बहुत सारा काम किया। बहुत मेहनत की। कोविड ने हमें बहुत कुछ सिखाया। कोविड ने बताया कि आपदाएं बड़े अवसर भी लेकर आती हैं और हमें अपने आप को देखने का समझने का नया मौका मिलता है।
कालरो के अनुसार, एक कीमती बात जो कोविड ने समझाई वह यह है कि हीरे को परखना है तो अंधेरों का इंतजार करो। धूप में तो कांच के टुकड़े भी चमचमाते हैं। कोविड लॉकडाउन के दौरान जब पूरा बिजनेस बंद था हमने अपने डीलर्स और अपने जो स्टेकहोल्डर्स हैं को उनकी पेमेंट समय पर करना जारी रखा। उनका साथ दिया। यही मौके होते हैं जब किसी बड़ी कंपनी की कार्यशैली और उसकी कल्चर का इम्तिहान होता है।
अपनी कंपनी के उत्पादों के ऑनलाइन सेल्स के बारे में कालरोस ने बताया कि हमारी मूल फिलासफी है कि प्रेस्टीज उन सभी जगहों पर उपलब्ध हो जहां कस्टमर जाता है। बहुत ही एक सिंपल सी फिलासफी है। अगर आप ऑनलाइन में जाते हो तो आपको प्रेस्टीज मिलनी चाहिए ऑफलाइन में जाते हो हमारे उत्पाद आपको मिलने चाहिए। आप छोटी दुकान में जाते हो प्रेस्टीज मिलना चाहिए। प्रेस्टीज इस दिशा में लगातार काम कर रहा है।
टीटीके प्रेस्टीज के समाजिक दायित्व से जुड़े कार्यों पर बोलते हुए चंद्रू कालरोस ने बताया कि शिक्षा और स्वास्थ्य इन दोनों क्षेत्र में हम कम करते हैं तो हमारा तमिलनाडु में एक स्कूल है जिसको हम चलते हैं जहां पर लगभग साढ़े तीन हजार स्टूडेंट हैं। वे बिल्कुल मुफ्त शिक्षा पाते हैं। यह मान्यकुड़ी नामक गांव है जहां पर यह स्कूल चलता है।
नए दौर के उद्यमियों के बारे में उन्होंने कहा कि हमारी पीढ़ी जो है हमने बिना फोन के घर देखे हैं उसके बाद लैंडलाइन देखे उसके बाद पेजर देखें उसके बाद मोबाइल फोन देखे, उसके बाद स्मार्टफोन देखे। आजकल के बच्चे डायरेक्ट स्मार्टफोन पर आ गए हैं। टेक्नोलॉजी का एक बिल्कुल सैलाब आ रहा है। कोई भी एंटरप्रेनर अगर आज नया कोई स्टार्टअप शुरू करें तो टेक्नोलॉजी का जरूर ख्याल रखें। समय के साथ हो रहे हर बदलाव को जाने पहचाने और उसका इस्तेमाल करें। कालरोस ने कहा कि हमारी 65 साल पुरानी कंपनी है लेकिन हम हर दिन कुछ न कुछ सीख रहे हैं। उन्होंने कहा कि नवउद्यमियों को वैल्युएशन से अधिक वैल्यू बनाने पर जोर देना चाहिए। नए दौर के उद्यमियों को सस्टेनेबल बिजनेस मॉडल बनाचा चाहिए। आजकल क्या हो रहा है पैसे हैं तो स्टार्टअप आते हैं, नुकसान कर देते हैं, फिर चले जाते हैं, ऐसा मत करो। कालरो ने कहा, "प्लीज क्रिएट वैल्यू नॉट वैल्यूएशन"।