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Online Fraud: ₹5000 बचाने के चक्कर में मुंबई की महिला ने छह लाख रुपये गंवाए, साइबर ठगों ने ऐसे लगाया चूना
Fri, 04 Oct 2024 03:24 PM IST
कुमार विवेक
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: कुमार विवेक
Updated Fri, 04 Oct 2024 03:24 PM IST
सार
Online Fraud: मुंबई में 31 वर्षीय एक महिला ने एक नंबर डायल करने के बाद ऑनलाइन ठगी करने वालों के हाथों कथित तौर पर छह लाख रुपये गंवा दिए। यह नंबर उसे गूगल सर्च के बाद मिला था। महिला को लगा कि यह नंबर किसी सरकारी संस्था का हेल्पलाइन नंबर है।
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ऑनलाइन धोखाधड़ी
- फोटो : Amar Ujala
विस्तार
मुंबई पुलिस ने शुक्रवार को बताया कि 31 वर्षीय एक महिला ने एक नंबर डायल करने के बाद ऑनलाइन ठगी करने वालों के हाथों कथित तौर पर छह लाख रुपये गंवा दिए। यह नंबर उसे गूगल सर्च के बाद मिला था। महिला को लगा कि यह नंबर किसी सरकारी संस्था का हेल्पलाइन नंबर है।
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एक अधिकारी ने बताया कि यह धोखाधड़ी बुधवार को तब सामने आई जब निजी फर्म में काम करने वाली एक महिला शिकायत लेकर घाटकोपर पुलिस थाने पहुंची।
अधिकारी ने बताया कि घाटकोपर पश्चिम के पूर्वी उपनगर चिराग नगर इलाके में रहने वली महिला ने 26 सितंबर को अपने बैंक के मोबाइल एप के जरिए कार्डलेस सुविधा का उपयोग करके एटीएम से 5,000 रुपये निकालने की कोशिश की। हालांकि, संभवतः किसी गड़बड़ी के कारण, उन्हें यह संदेश मिला कि धनराशि UPI (यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस) खाते 'kerlacmdrf.covid@icici' के माध्यम से 'मुख्यमंत्री आपदा राहत कोष' में भेज दी गई है।
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अगले दिन महिला ने गूगल पर नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) की टोल-फ्री हेल्पलाइन सर्च की, जो यूपीआई का संचालन करता है। उसने पुलिस में दर्ज अपनी शिकायत में बताया कि सर्च रिजल्ट में नंबर ' 1800-41-2222-32 ' दिखा।
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इस नंबर को असली समझकर उन्होंने उसे डायल किया तो एक व्यक्ति, जिसने खुद को एनपीसीआई की बांद्रा शाखा का कर्मचारी और नाम सुरेश शर्मा बताया, ने कहा कि किसी अन्य नंबर से कॉल आएगा।
बाद में, खुद को अमित यादव बताने वाले एक व्यक्ति ने शिकायतकर्ता को फोन किया और उसे एक एप डाउनलोड करने और सहायता के लिए अपने मोबाइल स्क्रीन तक पहुंच देने के लिए कहा। अधिकारी ने कहा कि उस ठग ने महिला को अपने बैंक खाते का विवरण, पासवर्ड और अपने पैन और यूपीआई खातों के बारे में जानकारी साझा करने के लिए राजी किया।
अधिकारी ने बताया कि जानकारी साझा करने के तुरंत बाद ही उसके खाते से 93,062 रुपये कट गए। यह रकम वीरेंद्र रायकवार नामक व्यक्ति के खाते में ट्रांसफर कर दी गई। यादव ने महिला से कहा कि उसके लिए नया खाता खोल दिया गया है और उसे 24 घंटे के भीतर खाते से कटी हुई सारी रकम मिल जाएगी।
28 सितंबर को महिला ने एनसीपीआई के “टोल-फ्री” नंबर पर संपर्क किया और सुरेश शर्मा को बताया कि 24 घंटे बाद भी उसका पैसा वापस नहीं किया गया। शर्मा ने फिर उसे राकेश कुमार दोसारा नाम के एक व्यक्ति से बात कराई, उसने भी उसकी सारी जानकारी ले ली। उन्होंने बताया कि एक बार फिर उसके बैंक खाते से पैसे कट गए।
अधिकारी ने बताया कि महिला के साथ ठगी का यह खेल दोहराया गया और इस दौरान महिला को 16 से 20 सितंबर के बीच करीब 6 लाख रुपये का नुकसान हुआ। महिला को बाद में एहसास हुआ कि वह साइबर जालसाजों के जाल में फंस गई है। इसके बाद उसने बुधवार को पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। अधिकारी ने बताया कि अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ ऑनलाइन धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच की जा रही है।