टैरिफ पर ट्राई के नए आदेश से प्रभावित होगा टीवी उद्योग, नौकरियों पर पड़ेगा असरः IBF
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टेलीविजन प्रसारणकर्ताओं ने टैरिफ पर ट्राई के नए आदेश की आलोचना करते हुए शुक्रवार को कहा कि इस कदम से कंटेट क्रिएशन पर खतरा बढ़ेगा और उद्योग प्रभावित होगा। ट्राई ने पिछले दिनों उपभोक्ताओें के लिए चैनल की अधिकतम कीमत की दरें तय करने का आदेश जारी किया था।
ट्राई ने अपने आदेश में किसी चैनल की अधिकतम कीमत को पूर्व के 19 रुपये से घटाकर 12 रुपये प्रति माह कर दिया था। इंडियन ब्रॉडकास्टिंग फाउंडेशन (आईबीएफ) की अगुवाई में टेलीविजन प्रसारणकर्ताओं ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर उद्योग जगत की चिंताओं को सामने रखा।
आईबीएफ अध्यक्ष और सोनी इंटरटेनमेंट के प्रमुख एनपी सिंह ने कहा कि पिछले साल आए टैरिफ आदेश के बाद चीजों को समायोजित करने की प्रक्रिया चल रही है। ऐसे में टैरिफ दरों को नियंत्रित करने संबंधी किसी नए आदेश की जरूरत नहीं थी।
उन्होंने कहा कि प्रसारणकर्ताओं को अभी उपभोक्ता द्वारा किए गए भुगतान का महज 25 फीसदी हिस्सा मिलता है, जबकि 65 फीसदी हिस्सा वितरक ले जाते हैं। इसके अलावा हम पिछले आदेश पर लोगों को जागरूक करने के लिए पहले ही 1,000 करोड़ रुपये खर्च चुके हैं। पिछले साल के आदेशों के बाद 1.2 करोड़ उपभोक्ताओं ने सेवाएं लेना भी बंद कर दिया है।
नौकरियों पर भी होगा असर
स्टार टीवी के उदय शंकर ने कहा कि ट्राई का नया आदेश काफी ऊटपटांग है और उद्योग जगत संविधान के अनुरूप इसे चुनौती देने पर विचार कर रहा है। टीवी टुडे के अरुण पुरी ने कहा कि टेलीविजन उद्योग की अर्थव्यवस्था में बड़ी भूमिका है और सरकार को इसे प्रोत्साहन देना चाहिए। डिस्कवरी नेटवर्क की मेघा टाटा ने कहा कि भारत का केबल बाजार दुनिया के मुकाबले पहले से ही सस्ता है। इस पर नए नियामकीय आदेशों से असर होगा और नौकरियां भी प्रभावित हो सकती हैं।