फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Business Diary ›   TRAI may ban discount offers on TV channels, know how it will affect your pocket

टीवी चैनल डिस्काउंट ऑफर्स पर रोक लगा सकता है ट्राई, जानें आपकी जेब पर कैसा असर होगा

Sat, 17 Aug 2019 06:25 AM IST
Nilesh Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Nilesh Kumar Updated Sat, 17 Aug 2019 06:25 AM IST
सार

  • 70 फीसदी तक छूट दे रहे वितरक चैनल बुके पर ग्राहकों को 
  • प्रभावित हो रही उपभोक्ताओं की चैनल चुनने की आजादी 
  • ट्राई ने परामर्श पत्र जारी कर हितधारकों से मांगी है राय 
  • ऑफर्स पर प्रतिबंध के लिए 30 सितंबर तक देनी है राय

विज्ञापन
TRAI may ban discount offers on TV channels, know how it will affect your pocket
tv channels

विस्तार

ट्राई की ब्रॉडकास्टर और वितरकों की ओर से ग्राहकों को अपने प्लेटफॉर्म पर रोकने के लिए दिए जाने वाले बंपर डिस्काउंट पर पूरी नजर है। दूरसंचार नियामक का कहना है कि इन ऑफर्स की वजह से ग्राहकों को चैनल चुनने की पूरी आजादी नहीं मिल पा रही है। छूट पर लगाम लगाने के लिए ट्राई ने शुक्रवार को परामर्श पत्र जारी कर हितधारकों से राय मांगी है।

विज्ञापन


दरअसल, ग्राहकों को अतिरिक्त चैनल के बोझ से मुक्ति दिलाने के लिए 29 दिसंबर, 2018 से नया नियामकीय ढांचा लागू किया गया था। बावजूद इसके टीवी चैनल ब्रॉडकास्टर और डिस्ट्रीब्यूशन ऑपरेटर्स ग्राहकों को बनाए रखने के लिए नए-नए ऑफर्स लेकर आ रहे हैं। इसमें चुनिंदा चैनलों का बुके ग्राहकों को उपलब्ध कराते हैं, जिन पर छूट दी जा रही है।
विज्ञापन


विज्ञापन
विज्ञापन


ऐसे में उपभोक्ताओं को कई गैरजरूरी चैनल्स के भी पैसे देने पड़ रहे हैं। दूरसंचार नियामक ट्राई ने कहा है कि नियमों में बदलाव के बावजूद ग्राहकों को चैनल चुनने की पूरी आजादी नहीं मिली है। ट्राई ने डिस्काउंट, बुके की जरूरत और सीलिंग प्राइस पर 30 सितंबर तक हितधारकों से राय मांगी है।

किस चैनल पर कितनी छूट 

टीवी-18  46.3 फीसदी
टीवी टुडे   47.1 फीसदी
जी     42.8 फीसदी
टाइम्स  54.2 फीसदी
सन टीवी    44.8 फीसदी
सोनी   46.8 फीसदी
एनडीटीवी  40.7 फीसदी
डिज्नी   47.1 फीसदी
डिस्कवरी   53.3 फीसदी

नियमों में ढील का उठा रहे फायदा

ट्राई ने कहा कि नए नियामकीय ढांचे का मकसद टीवी दर्शकों को पसंद के चैनल चुनने का अधिकार देना था। इसके जरिये दर्शक अपने मासिक बिल को नियंत्रित कर सकते थे, लेकिन ब्रॉडकास्टर और डिस्ट्रीब्यूशन ऑपरेटर नियमों के खिलाफ जाकर नए-नए ऑफर ला रहे हैं।

नए नियमों में उन्हें चैनल का बुके पेश करने की छूट मिली है, जिसका फायदा उठा रहे हैं। चूंकि, नए नियमों में इस पर लगाम लगाने का कोई प्रावधान नहीं है। ऐसे में टीवी दर्शकों के हित में ट्राई इन ऑफर्स पर लगाम कसने की तैयारी कर रहा है।

चैनल की कीमतों पर भ्रम

ट्राई ने परामर्श पत्र में कहा है कि अधिकतर सेवा प्रदाता कंपनियां और ऑपरेटर्स की ओर से उपभोक्ताओं को चैनल के बुके पर 70 फीसदी तक डिस्काउंट दिया जा रहा है। ज्यादातर बुके में थोड़े फेरबदल के साथ एक जैसे चैनल ही शामिल हैं। इससे ग्राहकों को टीवी चैनल्स की वास्तविक कीमतों का पता नहीं चल पाता है।

उदाहरण के तौर स्टार इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने एसवीपी हिन्दी बुके में 15 चैनल दिए हैं, जिनकी एक माह की कीमत 75.10 रुपये है। ऑफर के तहत 34.8 फीसदी छूट के साथ यह 49 रुपये में उपलब्ध कराया जा रहा है, जिसमें टैक्स अलग से है। 

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed