वालमार्ट-फ्लिपकार्ट डील के खिलाफ आंदोलन करेंगे व्यापारी, पॉलिथीन पर पाबंदी के फैसले पर भी रोष
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ व्यापारियों की शिकायतें बढ़ने लगी हैं। जीएसटी के एक साल पूरा होने पर सरकार जरूर इसे सफल कर प्रणाली मान रही हो, लेकिन व्यापारी इससे खुश नहीं हैं। इसके साथ ही वालमार्ट व फ्लिपकार्ट डील के कारण अपना व्यवसाय प्रभावित होता देख वे आंदोलन करने की तैयारी में हैं। रविवार को भारतीय उद्योग व्यापार मंडल की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में भी व्यापारियों ने केंद्र सरकार की कई नीतियों पर नाराजगी जाहिर की।
जीएसटी से अब भी हो रही है परेशानी
बैठक में आए व्यापारियों का कहना था कि जीएसटी के एक साल बाद भी इसकी विसंगतियां कम नहीं हुईं। सरकारी विभागों में इंस्पेक्टर राज, खुदरा व्यवसाय में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश, कृषि उपज समिति व्यवस्था, खाद्य सुरक्षा मानक प्रावधान, सीलिंग की समस्या समेत कई मुद्दों पर व्यापारियों ने चर्चा किया।
भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्याम बिहारी मिश्रा व चेयरमैन मनोहरलाल कुमार ने संयुक्त रूप से बताया कि दिल्ली के साथ ही कई राज्यों में व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर की जा रही सीलिंग की कार्रवाई उद्योग, व्यापार के लिए नई समस्या है।
वालमार्ट-फ्लिपकार्ट डील के खिलाफ आंदोलन
बैठक में एक प्रस्ताव पारित कर कहा गया कि वालमार्ट व फ्लिपकार्ट डील के खिलाफ देशभर में आंदोलन किया जाएगा। बैठक में जीएसटी समिति में व्यापारियों को प्रतिनिधित्व देने की मांग की गई। पॉलिथीन पर रोक लगाए जाने के मुद्दे पर व्यापारियों ने कहा कि बिना विकल्प के इस पर पाबंदी का फैसला उचित नहीं है।
ई-वे बिल से भी हो रही है परेशानी
राष्ट्रीय महामंत्री विजय प्रकाश जैन ने बताया कि कुछ माह पूर्व देश भर में लागू हुए ई-वे बिल को लेकर भी व्यापारियों को समस्याएं आ रही हैं। ई-वे बिल की लिमिट हर राज्य में अलग-अलग होने के कारण व्यापार में दिक्कतें आ रही हैं।
व्यापारी चाहते हैं कि इस लिमिट को बढ़ाकर कम से कम 2 लाख रुपये किया जाए और वह देशभर में एक समान हो। खुदरा व्यापार में एफडीआई, वॉलमार्ट-फ्लिपकार्ट डील बेहद ही खतरनाक है। इसके खिलाफ केंद्र सरकार को आगे आना होगा।