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बदल रहा चंदौली, गाजीपुर और प्रयागराज के किसानों का जीवन

Thu, 03 Jan 2019 06:11 PM IST
paliwal पालीवाल राजदीप जाखड़, अमर उजाला
राजदीप जाखड़, अमर उजाला Published by: paliwal पालीवाल Updated Thu, 03 Jan 2019 06:11 PM IST
सार

  • ‘बारह महीने हरियाली’ कार्यक्रम का दिख रहा असर 
  • साल में तीन-तीन फसल ले रहे किसान 

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this is how the farmers of chandauli, ghazipur and prayagraj has empowered their income

विस्तार

पहले साल में बमुश्किल एक से दो फसल लेने वाले चंदौली, गाजीपुर और प्रयागराज के किसान अब न केवल तीन फसल ले रहे हैं बल्कि अनाज उत्पादन में भी 50 फीसदी से ज्यादा की बढ़ोतरी हो गई है। खेती में ये बदलाव ‘बारह महीने हरियाली’ जैसे कार्यक्रम का नतीजा है।  

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इसके अलावा इन जिलों में ई-स्वास्थ्य चौपाल के माध्यम से महिलाओं के जीवन को खुशहाल बनाया जा रह है। यहां भूमिहीन लोगों को रोजगार देकर भी लाभान्वित किया जा रहा है।  

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एग्री बिजनेस क्षेत्र की कंपनी 

आईटीसी द्वारा वर्ष 2000 में शुरू की गई ‘ई-चौपाल’ को किसानों ने हाथों-हाथ लिया था। अब इस कंपनी द्वारा चलाया जा रहा ‘बारह महीने हरियाली’ कार्यक्रम तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। जनपद चंदौली के बड़े क्षेत्र में 'चौपाल प्रदर्शन क्षेत्र' लिखे बोर्ड ही नजर आते हैं।

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गांव जेवरी में खेत प्रदर्शन कार्यक्रम में पहुंचे किसानों ने मीडिया के साथ अपने अनुभव साझा किए। गांव के प्रगतिशील किसान लालजी यादव ने बताया कि यहां के किसान पहले धान और गेहूं की बुआई करते थे।

उन्नत प्रजाति के बीज, कृषि यंत्रों और जानकारी के अभाव में केवल पेट भरने के लिए अनाज पैदा होता था। लेकिन, जब से यहां के किसान ई-चौपाल से जुड़े है, न केवल अब वे तीन फसल (धान, गेहू और मूंग) ले रहे हैं, बल्कि फसल लागत घटाकर उन्नत प्रजाति के बीजों से दोगुना कमाई कर रहे हैं। कंपनी किसानों से एमएसपी पर अनाज खरीद कराकर उनका शोषण होने से भी बचा रही है।

ई-चौपाल से हो रहा किसानों का भला

कंपनी की ई-चौपाल किसानों के बेहतर जीवन के लिए सबसे बड़ा प्लेटफार्म साबित हुई है। इसके माध्यम से क्षेत्र के किसानों को मौसम और देश की विभिन्न मंडियों के रेट की जानकारी दी जाती है। न्याय पंचायत स्तर पर चल रही ई-चौपालों का संचालन गांव के प्रगतिशील किसान कर रहे हैं। इनमें प्रयोग होने वाले कंप्यूटर के पूरे सेटअप को कंपनी ने मुहैया कराया है।

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बदल रही महिलाओं की जिंदगी

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ई-स्वास्थ्य चौपाल से क्षेत्र की महिलाओं के स्वास्थ्य में तेजी से सुधार हो रहा है। इस कार्यक्रम के तहत गांव की महिलाओं को अपने साथ जोडक़र न केवल उन्हें आशा बहनों की तर्ज पर प्रशिक्षित किया गया है बल्कि उन्हें स्वास्थ्य किट भी उपलब्ध कराई जाती है।

प्रशिक्षित महिलाएं गांव-गांव जाकर महिलाओं को परिवार नियोजन और पीरियड आदि के बारे में जागरूक कर रही है। इस कार्यक्रम से जुड़ी महिलाओं सरोज, पवित्रा, आरती, सुशीला, सुधा पांडे, निशा आदि ने बताया कि पहले तो गांव वालों ने उनका विरोध किया था, लेकिन अब सब सही होने लगा है। 

प्रोजेक्ट से जुड़े किसान और बढ़ रही आमदनी के आंकड़े

जिला            गांव      किसान       रकबा          बढ़ी आमदनी
प्रयागराज      38       268          2516 एकड़      35 फीसदी
चंदौली          74      1685         20764 एकड़    67 फीसदी
गाजीपुर         56     1211         12964 एकड़     33 फीसदी
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                  168        3164   36244 एकड़       51 फीसदी
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कंपनी का उद्देश्य सीमांत और लघु किसानों की 'बारह महीने हरियाली' कार्यक्रम से आमदनी बढ़ाकर उन्हें लाभ पहुंचाना है। ई-चौपाल के माध्यम से किसानों को तमाम जानकारी के साथ ही फसल बुआई से लेकर कटाई और बिक्री तक कराई जाती है। कार्यक्रम से लाभान्वित हो रहे किसानों को देखकर दूसरे किसान भी लगातार जुड़ रहे हैं। - रजनीकांत राय, सीईओ आईटीसी एग्री बिजनेस

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