सरकार ने इन कर्मियों को दिया पुरानी पेंशन स्कीम में शामिल होने का अवसर
एक जनवरी 2004 से देश में नेशनल पेंशन स्कीम लागू की गई थी। इस तिथि के बाद केंद्र सरकार और राज्य सरकार में नौकरी पाने वाले कर्मचारियों को पुरानी पेंशन व्यवस्था से बाहर कर दिया गया...
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उन्हें नेशनल पेंशन स्कीम में शामिल कर दिया गया। ऐसे में इनका जीपीएफ अकाउंट बंद हो गया। अब ये कर्मचारी तीन माह के भीतर संबंधित विभाग को अपना केस भेज सकते हैं।
साथ ही ऐसे कर्मचारियों को यह विकल्प भी दिया गया है कि वे 2004 से पूर्व सेवा का लाभ अपनी मौजूदा सर्विस में जुड़वाना चाहते हैं तो उन्हें पुरानी पेंशन व्यवस्था के दौरान लिए गए सभी वित्तीय फायदे वापस करने होंगे।
इसके बाद संबंधित विभाग नई सेवा में उनकी पिछली राशि जमा करा देगा। एनपीएस से कर्मियों का खाता बंद कर उसे जीपीएफ में ट्रांसफर कर दिया जाएगा।
बता दें कि एक जनवरी 2004 से देश में नेशनल पेंशन स्कीम लागू की गई थी। इस तिथि के बाद केंद्र सरकार और राज्य सरकार में नौकरी पाने वाले कर्मचारियों को पुरानी पेंशन व्यवस्था से बाहर कर दिया गया।
अब उन्हें एनपीएस में शामिल किया गया था। पुरानी पेंशन व्यवस्था में जीपीएफ का प्रावधान था। डीओपीटी के अनुसार, ऐसे कर्मचारी जिन्होंने सेवा में बदलाव किया है और वे पुरानी सर्विस का फायदा लेना चाहते हैं तो उन्हें अपने विभाग को आवेदन देना होगा।
अगर उनके दस्तावेज ठीक हैं तो 01 जनवरी 2004 से लेकर 28 अक्तूबर 2009 के बीच सर्विस बदलने वाले कर्मियों को पुरानी पेंशन व्यवस्था में शामिल कर दिया जाएगा।
यदि ये कर्मचारी अपनी पूर्व सेवा के फायदों को मौजूदा सेवा में जुड़वाना चाहते हैं तो उन्हें ब्याज सहित पुराने वित्तीय फायदे लौटाने होंगे। इसके बाद कर्मियों का नाम एनपीएस से हटाकर पुरानी पेंशन व्यवस्था में जोड़ दिया जाएगा। जीपीएफ खाता भी दोबारा से चालू होगा।