राहत : मई में देश के आठ प्रमुख उद्योगों का संयुक्त सूचकांक 125.8 रहा, पिछले साल की तुलना में 16.8 फीसदी की वृद्धि
मई में देश के आठ प्रमुख उद्योगों का संयुक्त सूचकांक 125.8 रहा जो कि पिछले साल मई की तुलना में 16.8 फीसदी अधिक है।
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देश में बुधवार को अर्थव्यवस्था के लिए एक अच्छी खबर आई। इसके तहत मई में देश के आठ प्रमुख उद्योगों का संयुक्त सूचकांक 125.8 रहा जो कि पिछले साल मई की तुलना में 16.8 फीसदी अधिक है। वहीं इससे पहले अप्रैल 2021 में आठ प्रमुख उद्योंगों का सूचकांक 126.7 पर रहा था। यह सूचकांक देश के आठ प्रमुख क्षेत्रों में उत्पादन के संयुक्त और व्यक्तिगत प्रदर्शन को मापता है। इन आठ प्रमुख उद्योगों में कोयला, कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस, रिफाइनरी उत्पाद, उर्वरक, इस्पात, सीमेंट और बिजली शामिल है।
The combined Index of Eight Core Industries stood at 125.8 in May 2021, which increased by 16.8% (provisional) as compared to the Index of May 2020: Ministry of Commerce & Industry pic.twitter.com/3W6lLGQGy3
— ANI (@ANI) June 30, 2021विज्ञापन
औद्योगिक मजदूरों के लिए खुदरा मुद्रास्फीति में मामूली बढ़त
इधर, औद्योगिक मजदूरों के लिए मई 2021 में खुदरा मुद्रास्फीति अप्रैल के 5.14 प्रतिशत से मामूली बढ़त के साथ 5.24 प्रतिशत हो गई। इस वृद्धि की मुख्य वजह कुछ खाद्य वस्तुओं एवं पेट्रोलियम उत्पादों और साथ ही मोबाइल फोन की खुदरा कीमतों में आई तेजी है।
श्रम मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि (मई 2021) महीने के लिए सालाना मुद्रास्फाति पिछले महीने (अप्रैल 2021) के 5.14 प्रतिशत और एक साल पहले इसी महीने (मई 2020) के 5.10 प्रतिशत की तुलना में 5.24 प्रतिशत थी। इसी तरह खाद्य मुद्रास्फीति पिछले महीने 5.26 प्रतिशत थी जबकि अप्रैल 2021 में यह 4.78 प्रतिशत और मई 2020 में 5.88 प्रतिशत थी।
श्रम और रोजगार मंत्रालय के श्रम ब्यूरो देश के औद्योगिक रूप से महत्वपूर्ण 88 से ज्यादा केंद्रों में फैले 317 बाजारों से एकत्रित खुदरा कीमतों के आधार पर हर महीने औद्योगिक मजदूरों के लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई-आईडब्ल्यू) तैयार करता है। मई 2021 में पूरे भारत का सीपीआई-आईडब्ल्यू 0.5 अंक की वृद्धि के साथ 120.6 अंक रहा। इस साल अप्रैल में यह 120.1 अंक था।