आम आदमी को झटका, खुदरा के बाद थोक महंगाई दर भी बढ़ी
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थोक मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति के आधिकारिक आंकड़े मंगलवार को जारी किए गए। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, थोक मूल्य पर आधारित मुद्रास्फीति दिसंबर 2019 में 2.59 फीसदी पर आ गई है। इससे पिछले महीने नवंबर में यह 0.58 फीसदी थी।
अक्तूबर में यह 0.16 फीसदी थी, सितंबर में 0.33 फीसदी और अगस्त में यह 1.17 फीसदी थी। यानी लगातार दो महीनों से इसमें इजाफा हो रहा है। दिसंबर 2018 में यह 3.46 फीसदी थी। दिसंबर माह में खुदरा महंगाई दर के पिछले चार सालों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है।
साथ ही अर्थव्यवस्था में जारी सुस्ती का असर रोजगार क्षेत्र पर भी गहरा असर डालने वाला है। एसबीआई ने सोमवार को अर्थव्यवस्था पर जारी रिपोर्ट इकोरैप में अनुमान जताया था कि आर्थिक सुस्ती की वजह से चालू वित्त वर्ष में करीब 16 लाख रोजगार कम आएंगे। इसलिए यह महंगाई के मोर्चे पर यह एक बड़ा झटका है।
Government of India: The annual rate of inflation, based on monthly WPI, stood at 2.59% (provisional) for the month of December, 2019 (over December,2018) as compared to 0.58% (provisional) for the previous month. pic.twitter.com/Dx5xQB3WtB
— ANI (@ANI) January 14, 2020
इतनी रही वस्तुओं की थोक महंगाई दर
दिसंबर में खाद्य वस्तुओं की थोक महंगाई दर 13.24 फीसदी रही। नवंबर में यह 11 फीसदी थी। प्याज की महंगाई दर 455.8 फीसदी रही, जो नवंबर में 172.3 फीसदी थी। दालों की बात करें, तो यह 13.11 फीसदी रही, जो नवंबर में ज्याद यानी 16.59 फीसदी थी। गैर-खाद्य वस्तुओं की थोक महंगाई दर 1.93 फीसदी से बढ़कर 7.72 फीसदी पर आ गई। वहीं मैन्युफैक्चरिंग उत्पादों की बात करें, तो इसकी थोक महंगाई दर -0.25 फीसदी है।
टूटा खुदरा महंगाई दर के पिछले चार सालों का रिकॉर्ड
वहीं, दिसंबर माह में प्याज, टमाटर सहित खाद्य तेलों की महंगाई ने खुदरा महंगाई दर के पिछले चार सालों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। दिसंबर में खुदरा महंगाई दर 7.35 फीसदी रही थी। यह भारतीय रिजर्व बैंक के अनुमान (दो से छह फीसदी) से भी ज्यादा पहुंच गई। हालांकि कोर महंगाई दर अभी 3.7 फीसदी है, जो पिछले साल के मुकाबले थोड़ी से ज्यादा है। इससे पहले जुलाई 2016 में यह सर्वाधिक रही थी।
अक्तूबर - नवंबर में यह रही थी महंगाई दर
2019 अक्तूबर में जहां खुदरा महंगाई दर 4.62 फीसदी रही थी, वहीं नवंबर में यह बढ़कर 5.54 फीसदी पर पहुंच गई थी। पिछले दो माह में प्याज की कीमतें भी 50 रुपये से बढ़कर 160 रुपये तक पहुंच गई थी। हालांकि अब प्याज की कीमतों में काफी कमी हो गई है।