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Lok Sabha: 'छत ठीक नहीं कर सकी, लेकिन छाता लाई हूं', थरूर ने वित्त विधेयक पर निशाना साधते हुए क्यों कहा ऐसा?

Mon, 24 Mar 2025 06:41 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: कुमार विवेक Updated Mon, 24 Mar 2025 06:41 PM IST
सार

Lok Sabha: कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने सोमवार को वित्त विधेयक पर सवाल उठाते हुए इसे 'पैचवर्क का क्लासिक उदाहरण' बताया। उन्होंने कहा कि भारत में लागू जीएसटी दुनिया में सबसे जटिल है। लोकसभा में थरूर ने सरकार पर निशाना साधते हुए आगे क्या टिप्पणी की, आइए जानते हैं?

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Tharoor describes Finance Bill classic case of 'patchwork', Know all about what he said
लोकसभा में शशि थरूर। - फोटो : PTI

विस्तार

कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने सोमवार को वित्त विधेयक की आलोचना करते हुए सरकार पर निशाना साधा। वित्त विधेयक को देखकर लगता है कि वित्त मंत्री करदाताओं से कह रहीं हो कि मैं छत ठीक नहीं कर सकी, लेकिन मैं आपके लिए छाता लेकर आई हूं। थरूर ने वित्त विधेयक को 'पैचवर्क का क्लासिक मामला' बताते हुए कहा कि भारत का जीएसटी दुनिया का 'सबसे जटिल कर' है। दूसरी ओर, भाजपा के निशिकांत दुबे ने सरकार का बचाव करते हुए कहा कि कांग्रेस का एजेंडा सकारात्मक पहलुओं को देखे बिना हर चीज का विरोध करना है।

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लोकसभा में वित्त विधेयक पर बहस की शुरुआत करते हुए थरूर ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार का आर्थिक प्रबंधन संरचनात्मक चुनौतियों का सामना कर रहा है।

थरूर ने कहा, "इस सदन में वित्त मंत्री के बजट भाषण ने मुझे उस गैराज मैकेनिक की याद दिला दी, जो कहती हैं कि मैं आपके ब्रेक ठीक नहीं कर सकती, इसलिए मैंने हॉर्न तेज बजा दिया। वहीं, वित्त विधेयक को देखकर लगता है, वह अब करदाताओं से कह रही है कि मैं छत ठीक नहीं कर सकी, लेकिन मैं आपके लिए छाता लेकर आई हूं।"

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वित्त विधेयक पैचवर्क का उत्कृष्ट उदाहरण: शशि थरूर 

तिरुवनंतपुरम के सांसद ने कहा, "यह वित्त विधेयक पैचवर्क (जोड़-तोड़ के उपायों) का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। ऐसे समय में जब देश को स्पष्टता, दृढ़ विश्वास और निर्णायक नेतृत्व की जरूरत है, सरकार का आर्थिक प्रबंधन संरचनात्मक चुनौतियों से जूझ रहा है।"

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थरूर ने कहा कि भारत में दुनिया का सबसे भ्रामक और जटिल जीएसटी ढांचा है। उन्होंने कहा, "हम सभी जिस अच्छे और सरल कर की मांग कर रहे थे। उसके बजाय भारत में कई और भ्रामक जीएसटी दरें हैं। इनमें दुनिया में सबसे ऊंची 28 प्रतिशत की जीएसटी दर भी शामिल है। इसके बावजूद कर राजस्व अब भी सकल घरेलू उत्पाद का 18 प्रतिशत है।" उन्होंने कहा कि चीन में 13 प्रतिशत जीएसटी सीमा है, लेकिन वे सकल घरेलू उत्पाद का 20 प्रतिशत कर संग्रह करते हैं।

कांग्रेस नेता बोले- हमारी जीएसटी कर प्रणाली दुनिया में सबसे जटिल

उन्होंने कहा, "वियतनाम में कर की सीमा और भी कम 8 प्रतिशत है और वह सकल घरेलू उत्पाद का 19 प्रतिशत कर संग्रह करता है। थाईलैंड में जीएसटी केवल 7 प्रतिशत है और उन्हें सकल घरेलू उत्पाद का 17 प्रतिशत प्राप्त होता है। अब, अत्यधिक दरों के अलावा, हमारी प्रणाली एक संदिग्ध कर वहन करती है, जो दुनिया में सबसे जटिल है। 77 देशों में जीएसटी है, और वे केवल एक या दो कर लगाते हैं। हमारे देश में इस बहु-दर संरचना ने व्यवसायों के लिए अनुपालन बोझ को और बढ़ा दिया है।"



चर्चा में भाग लेते हुए भाजपा के निशिकांत दुबे ने कहा कि यह सर्वविदित तथ्य है कि देश की अर्थव्यवस्था जो 2 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर की थी, पिछले दस वर्षों में बढ़कर 4.5 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर हो गई है। उन्होंने कहा कि बजट सभी समस्याओं का जादुई समाधान नहीं है। उन्होंने कहा, "यह उपलब्धि श्रमिकों की मदद करने के उद्देश्य से की गई कड़ी मेहनत का परिणाम है...कांग्रेस का एजेंडा है कि वह सकारात्मक पहलुओं पर ध्यान दिए बिना हर चीज का विरोध करती है। आपको जवाब देना होगा कि आपने (कांग्रेस ने) गरीबों और वेतनभोगी वर्ग के लिए क्या किया।"

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चर्चा में भाग लेते हुए कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने 18 लाख करोड़ रुपये का कॉरपोरेट ऋण राइट ऑफ कर दिया है। इस पर जवाब देते हुए केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि बट्टे खाते में डाले गए कर्ज का मतलब यह नहीं है कि उसे वसूलना छोड़ दिया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार मामलों पर नजर रख रही है।

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