RCom: लोन फ्रॉम मामले में सीबीआई ने अमिताभ झुनझुनवाला पर कसा शिकंजा, 20 आरोपी नामजद
सीबीआई ने रिलायंस कम्युनिकेशंस के 1,200 करोड़ रुपये के कर्ज धोखाधड़ी मामले में अमिताभ झुनझुनवाला के खिलाफ पूरक आरोप पत्र दाखिल किया। अब तक कुल 20 आरोपी नामजद, सुप्रीम कोर्ट कर रहा निगरानी।
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केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड (आरकॉम) से जुड़े 1,200 करोड़ रुपये के कथित कर्ज धोखाधड़ी मामले में एक पूरक आरोप पत्र दाखिल किया है। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। यह आरोप पत्र मुंबई में सीबीआई मामलों के विशेष न्यायाधीश के समक्ष प्रस्तुत किया गया है। इसमें रिलायंस एडीए ग्रुप के ग्रुप प्रबंध निदेशक अमिताभ झुनझुनवाला का नाम शामिल है, जिन पर आपराधिक साजिश, आपराधिक गड़बड़ी और धोखाधड़ी के आरोप हैं।
सीबीआई की जांच में सामने आया कि झुनझुनवाला ने समूह में महत्वपूर्ण पद पर रहते हुए आपराधिक साजिश रची। उनका उद्देश्य स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) को धोखा देकर रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड और रिलायंस इन्फ्राटेल लिमिटेड के लिए 1,200 करोड़ रुपये का सावधि कर्ज बेईमानी से प्राप्त करना था। दोनों कंपनियों ने कर्ज नहीं चुकाया, जिससे बैंक को करीब 971.25 करोड़ रुपये का गलत नुकसान हुआ। यह मामला एसबीआई से मिली शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया था। प्राथमिकी के अनुसार, इस मामले में भारतीय सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और वित्तीय संस्थानों का कुल जोखिम 19,694.33 करोड़ रुपये है।
क्या है 1,200 करोड़ रुपये का कर्ज धोखाधड़ी मामला?
यह मामला रिलायंस कम्युनिकेशंस और रिलायंस इन्फ्राटेल की ओर से एसबीआई से लिए गए 1,200 करोड़ रुपये के कर्ज से जुड़ा है। आरोप है कि अमिताभ झुनझुनवाला ने इस कर्ज को धोखाधड़ी से प्राप्त करने में अहम भूमिका निभाई। कंपनियों ने कर्ज का भुगतान नहीं किया, जिससे एसबीआई को करीब 971.25 करोड़ रुपये का भारी नुकसान हुआ। सीबीआई ने अपनी जांच में पाया कि यह एक सुनियोजित आपराधिक साजिश का हिस्सा था। इस मामले में भारतीय सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का कुल जोखिम 19,694.33 करोड़ रुपये है।
कितने आरोपी अब तक नामजद हुए हैं?
सीबीआई ने 29 मई को अपना पहला आरोप पत्र दाखिल किया था। इसमें आरकॉम सहित 16 आरोपी शामिल थे, जिनमें कंपनी के पांच वरिष्ठ अधिकारी और 10 बैंक अधिकारी थे। बाद में, नेटिजन इंजीनियरिंग पी लिमिटेड और उसके निदेशक अनिल जमुना कालिया तथा टुनु साहू सहित तीन और आरोपियों के खिलाफ पूरक आरोप पत्र दायर किया गया। अमिताभ झुनझुनवाला के खिलाफ दूसरे पूरक आरोप पत्र के साथ, इस मामले में कुल 20 व्यक्तियों को आरोप पत्रित किया गया है। इन मामलों में अब तक सात आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जो न्यायिक हिरासत में हैं।
क्या अन्य मामलों की भी जांच चल रही है?
हां, सीबीआई ने विभिन्न सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों, एलअईसी और ईपीएफओ से मिली शिकायतों के आधार पर आठ और प्राथमिकी दर्ज की हैं। ये प्राथमिकी रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड, रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड, रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड और रिलायंस टेलीकॉम लिमिटेड के खिलाफ हैं। सीबीआई ने रिलायंस एडीए ग्रुप से जुड़े मामलों में अब तक सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सभी आरोपी इस समय न्यायिक हिरासत में हैं। इन मामलों की जांच की निगरानी सुप्रीम कोर्ट कर रहा है। सीबीआई इन मामलों की त्वरित और व्यापक जांच के लिए प्रतिबद्ध है।