नहीं बदले हैं तत्काल टिकट के नियम, ट्रेन के 3 घंटे से ज्यादा लेट होने पर मिलेगा पूरा रिफंड
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जी हां! आपने सही पढ़ा है। रेलवे ने तत्काल टिकट के नियमों में किसी तरह का कोई बदलाव नहीं किया है। अगर आपने ऐसी कोई खबर पढ़ी है तो वो बिलकुल निराधार, झूठी और बेबुनियाद है। रेलवे ने कहा है कि IRCTC द्वारा 2015 से समय-समय पर इसके नियमों में बदलाव किया गया है, जिनमें चार्ज से लेकर के रिफंड तक शामिल हैं। लेकिन हाल में ऐसा कुछ भी नया बदलाव नहीं किया गया है।
इंटरनेट से होती है बुकिंग
तत्काल टिकट की बुकिंग रेलवे के काउंटर के अलावा इंटरनेट पर आईआरसीटीसी की वेबसाइट से भी होती है। एसी क्लास के लिए टिकट की बुकिंग सुबह 10 बजे से शुरू होती है। वहीं नॉन एसी स्लीपर क्लास के लिए 11 बजे तत्काल बुकिंग होती है। अभी तक तत्काल टिकट कराने वालों को कैंसिल कराने के बाद रिफंड नहीं मिलता था। लेकिन अब रेलवे ने अपने इस नियम में थोड़ा सा बदलाव कर दिया है।
मिलेगा 50 फीसदी रिफंड
अब यात्रियों को तत्काल टिकट कैंसिल कराने पर 50 फीसदी तक का रिटर्न मिलेगा। इसके लिए रेलवे अपने पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम में बड़ा बदलाव करने जा रहा है। हालांकि कंफर्म टिकट को चार्ट बनने के बाद कैंसिल कराने पर रिफंड नहीं मिलेगा। इससे उन यात्रियों को फायदा मिलेगा जो रेल से यात्रा के लिए तत्काल टिकट बुक कराते थे।
3 घंटे ट्रेन लेट होने पर मिलेगा पूरा रिफंड
अगर आपने भी तत्काल टिकट बुक कराया है और ट्रेन 3 घंटे से अधिक लेट हो गई है, तब भी आपको पूरा पैसा रिफंड होगा। आपको इसके लिए दो काम करने होंगे। पहला कि चार्ट बन गया है और ट्रेन अपने गंतव्य स्थान की ओर चल दी है। दूसरा लेट होने पर आप यात्रा न करें। रिफंड के लिए आपको रेलवे स्टेशन पर स्टेशन मास्टर को लिखकर के देना होगा। अगर इंटरनेट पर टिकट बुक कराई है तो फिर साइट से ही रिफंड मिलने का प्रोसेस करना होगा।
RAC टिकट भी होगा कंफर्म
रेलवे ने इसके अलावा अपने एक और नियम में बदलाव किया है जिसमें अब से आरएसी टिकट मिलने वालों को भी चार्ट बनने पर कंफर्म टिकट मिलने लगा है। अभी टिकट पर जो प्रिंट होता है, उस पर हिंदी और अंग्रेजी भाषा में यात्रा की डिटेल्स होती हैं। अब यह डिटेल्स यात्रियों को हिंदी, अंग्रेजी के अलावा उनकी मातृभाषा में भी मिलेगा।
लंबी दूरी की ट्रेनों में दूरी से तय होता है रिजर्वेशन
लंबी दूरी की ट्रेनों में रिजर्व कोटा दूरी के मुताबिक तय किया जाता है। ऐसे में बीच के स्टेशनों पर वेटिंग टिकट पुल्ड कोटे में जारी की जाती है। पुल्ड कोटे में टिकट जारी होने के बाद वह तभी कन्फर्म हो पाती है, जब इस कोटे में टिकट कैंसल होती है। अन्य कोटे में टिकट कैंसल होने पर वेंटिंग क्लियर नहीं हो पाती।
अब आसान होगा कन्फर्मेशन टिकट पाना
पूरे इंडियन रेलवे में हजारों ऐसी ट्रेनें हैं जिनमें दूरी की बाध्यता है। ऐसे में पैसेंजरों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। डिस्टेंस रिस्ट्रिक्शन खत्म हो जाने से पैसेंजरों को जनरल वेटिंग दी जाएगी जिससे वेंटिंग टिकट आसानी से कन्फर्म हो जाएंगी। हालांकि, अभी बिना रिजर्व क्लास के पैसेंजरों को राहत नहीं मिल पाई है।