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Tamil Nadu: तमिलनाडु में 'एश्योर्ड पेंशन स्कीम' का एलान, क्या खत्म होगा ओपीएस बनाम एनपीएस विवाद?
Sat, 03 Jan 2026 02:33 PM IST
कुमार विवेक
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: कुमार विवेक
Updated Sat, 03 Jan 2026 02:33 PM IST
सार
Tamil Nadu: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने 'एश्योर्ड पेंशन स्कीम' (TNAPS) का एलान किया है। जानें कैसे यह योजना छह लाख सरकारी कर्मचारियों को 50% पेंशन की गारंटी और वित्तीय सुरक्षा प्रदान करेगी।
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तमिलनाडु के सीएम एमके स्टालिन
- फोटो : एएनआई
विस्तार
तमिलनाडु की राजनीति और अर्थव्यवस्था के केंद्र में लंबे समय से लंबित 'पेंशन विवाद' पर मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने एक बड़ा और निर्णायक कदम उठाया है। राज्य विधानसभा में 'तमिलनाडु एश्योर्ड पेंशन स्कीम' (टीएनएपीएस) की घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री ने उन लाखों सरकारी कर्मचारियों की अनिश्चितता को समाप्त करने की कोशिश की है, जो 2003 के बाद से पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) की बहाली के लिए संघर्ष कर रहे थे।
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सुरक्षा की नई गारंटी: क्या है टीएनएपीएस?
इस योजना का सीधा लाभ उन कर्मचारियों को मिलेगा जो 1 अप्रैल 2003 के बाद सरकारी सेवा में शामिल हुए हैं। अब तक ये कर्मचारी 'अंशदायी पेंशन योजना' (सीपीएस) के दायरे में थे, जहां रिटर्न बाजार के उतार-चढ़ाव पर निर्भर था। नई योजना के तहत, 25 वर्ष की अर्हक सेवा पूरी करने वाले कर्मचारी को उनके अंतिम आहरित वेतन का 50% सुनिश्चित पेंशन के रूप में दिया जाएगा।
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इतना ही नहीं, इस योजना में पारिवारिक पेंशन के प्रावधान और समय-समय पर महंगाई भत्ते (डीए) के साथ 'महंगाई राहत' (डीआर) को भी जोड़ा गया है, जो इसे पुरानी पेंशन योजना के काफी करीब ले आता है। तमिलनाडु का यह मॉडल केंद्र सरकार की 'यूनिफाइड पेंशन स्कीम' (यूपीएस) की तर्ज पर तैयार किया गया लगता है, जहां राजस्थान और हिमाचल प्रदेश जैसे राज्यों ने पूरी तरह से ओपीएस पर लौटने का जोखिम उठाया था, वहीं तमिलनाडु ने एक 'हाइब्रिड मॉडल' चुना है।
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छह लाख कर्मचारियों पर सीधा प्रभाव
तमिलनाडु में वर्तमान में लगभग छह लाख सरकारी कर्मचारी और शिक्षक इस बदलाव के केंद्र में हैं। हालांकि, कर्मचारी यूनियनों के भीतर एक वर्ग अब भी 'बिना किसी अंशदान वाली ओपीएस' की मांग कर रहा है, जिससे आने वाले समय में कुछ दबाव बने रहने की संभावना है।