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कोरोना से निपटने के लिए और वैश्विक अर्थव्यवस्था को उबारने के लिए ज्यादा टैक्स देना चाहते हैं करोड़पति, पत्र लिखकर जताई इच्छा
Tue, 14 Jul 2020 04:27 PM IST
डिंपल अलवधी
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: डिंपल अलवधी
Updated Tue, 14 Jul 2020 04:27 PM IST
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ज्यादा टैक्स देना चाहते हैं करोड़पति
- फोटो : pixabay
कोरोना वायरस महामारी वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए बड़ा संकट बन गई है। इसे उबारने के लिए तत्काल कदम उठाने की जरूरत है। इसके मद्देनजर दुनियाभर के 80 से ज्यादा करोड़पतियों ने सरकारों से आग्रह किया कि वो उनसे ज्यादा टैक्स वसूलें। उनका कहना है कि इस फंड का इस्तेमाल वैश्विक अर्थव्यवस्था की रिकवरी के लिए किया जाए।
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80 करोड़पतियों के ग्रुप का नाम 'Millionaires for Humanity' यानी मानवात के लिए करोड़पति है। खत में लिखा कि अत्यधिक अमीर लोगों से तुंरत ज्यादा टैक्स वसूलना चाहिए। वैश्विक अर्थव्यवस्था में लगातार अनिश्चितता बनी हुई है और बेरोजगारी दर में भी इजाफा हो रहा है। ऐसे में टैक्स की रकम लाभदायक साबित हो सकती है।
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इन करोड़पतियों की सूची में बेन एंड जेरीज आइसक्रीम कंपनी के सह-संस्थापक जेरी ग्रीनफील्ड, स्क्रीनराइटर रिचर्ड कर्टिस और फिल्ममेकर एबिगेल डिज्नी का भी नाम है। इनके अतिरिक्त अमेरिका के उद्यमी सिडनी टोपोल और न्यूजीलैंड के रिटेलर स्टीफन टिंडल भी शामिल हैं।
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ओपेन लेटर में क्या लिखा?
ओपेन लेटर में उन्होंने लिखा कि, 'चूंकि, कोरोना वायरस दुनिया को अपनी जद में ले चुका है, ऐसे में मौजूदा महामारी से निपटने में हम जैसे करोड़पतियों की बेहद अहम भूमिका है। हम इंटेसिव केयर वॉर्ड्स में इलाज करा रहे लोगों के उपचार के लिए नहीं है। न ही हम कोई ऐसे एंबुलेंस को ड्राइव कर रहे जो बीमार लोगों को अस्पताल तक पहुंचा रही है। और न ही हम दरवाजे तक खाना डिलीवरी के लिए ग्रॉसरी स्टोर्स के शेल्व्स को स्टॉक कर रहे हैं। लेकिन हमारे पास पैसा है, जिसकी बेहद जरूरत है और आने वाले समय में इस दुनिया को मौजूदा संकट से निपटने के लिए इसकी जरूरत बनी रहेगी।'
सरकारें कर रहीं टैक्स बढ़ाने पर विचार
मालूम हो कि इसी महीने में स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज ने संकेत दिया था कि उनकी सरकार अब ज्यादा टैक्स वसूलेगी। इसके अलावा रूस भी ज्यादा कमाई करने वालों पर टैक्स का बोझ डालने पर विचार कर रहा है। वहीं कच्चे तेल की मांग घटने के बाद सऊदी अरब ने सेल्स टैक्स में पहले से ही इजाफा कर दिया है।