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कहानी सफलता की: इडली-डोसे ने बदली दिहाड़ी मजदूर के बेटे की जिंदगी, कड़ी मेहनत कर खड़ी की 730 करोड़ की कंपनी
Wed, 01 Sep 2021 02:36 PM IST
डिंपल अलावाधी
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: डिंपल अलावाधी
Updated Wed, 01 Sep 2021 02:36 PM IST
सार
ID Fresh Food के संस्थापक मुस्तफा पीसी एक दिहाड़ी मजदूर के बेटे हैं, जिन्होंने कड़ी मेहनत कर 730 करोड़ की कंपनी खड़ी की है।
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मुस्तफा पीसी
- फोटो : Instagram: officialhumansofbombay
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विस्तार
यदि हौसले बुलंद हों तो बड़े से बड़ा संकट भी अवसर में बदल जाता है। आज हम आपको एक ऐसे शख्स के बारे में बताने जा रहे हैं जिनके पिता एक दिहाड़ी मजदूर थे और एक समय में दैनिक वेतन में मुश्किल से 10 रुपये कमाए थे, लेकिन उसने कड़ी मेहनत कर एक मुकाम हासिल किया और 730 करोड़ की कंपनी खड़ी कर दी। हम बात कर रहे हैं केरल के सुदूर गांव में जन्में मुस्तफा पीसी की। पीसी मुस्तफा ID Fresh Food के संस्थापक हैं।
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छठी क्लास में हुए थे फेल
छठी क्लास में फेल होने के बाद मुस्तफा पीसी ने स्कूल छोड़ दिया था। बाद में एक शिक्षक ने मुस्तफा पीसी को स्कूल वापस आने में मदद की। उन्होंने ह्यूमन्स ऑफ बॉम्बे को बताया कि 'भोजन शिक्षा से ज्यादा महत्वपूर्ण है।' और मुस्तफा ने गणित में अपनी कक्षा में टॉप किया। उन्हें नौकरी मिली और पहला वेतन 14,000 रुपये कमाया। फिर उनको विदेश में नौकरी मिल गई, जिससे उनके पिता के लोन को चुकाने के लिए पर्याप्त कमाई हुई।
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ऐसे आया ID Fresh Food का विचार
लेकिन वे अपना खुद का व्यवसाय शुरू करना चाहते थे। उन्होंने अपने चचेरे भाई को एक सप्लायर को पाउच में इडली-डोसा बैटर बेचते हुए देखा। यहीं से उन्हें आईडी फ्रेश फूड का विचार आया। ग्राहक उत्पाद की गुणवत्ता के संदर्भ में शिकायत कर रहे थे। तब मुस्तफा के चचेरे भाई ने उन्हें 'गुणवत्ता वाली बैटर कंपनी' बनाने के लिए बुलाया और उन्होंने आईडी फ्रेश फूड कंपनी की शुरुआत की।
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उन्होंने कंपनी में 50,000 रुपये का निवेश किया। कंपनी की शुरुआत 50 वर्ग फुट की रसोई में ग्राइंडर, मिक्सर और एक वजन मशीन के साथ हुई। तीन साल बाद उन्होंने अपनी कंपनी के लिए नौकरी छोड़ दी और अपनी सारी बचत अपने व्यवसाय में लगा दी।
वर्षों के संघर्ष के बाद निवेशकों के मिलने से कंपनी की किस्मत बदल गई और रातों रात 2000 करोड़ की कंपनी बन गई। द हिंदू के अनुसार, आईडी फ्रेश फूड ने वित्त वर्ष 2011 को 294 करोड़ रुपये के राजस्व के साथ समाप्त किया था। साल 2018 में उन्हें हार्वर्ड में बोलने के लिए आमंत्रित किया गया। उन्होंने अपने पिता और अपने शिक्षक दोनों को उनकी सफलता के लिए धन्यवाद दिया। 2018 में उन्होंने कहा था कि उनकी कंपनी 100 मिलियन डॉलर का ब्रांड है।