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SEBI: शेयर बाजार नियामक सेबी ने दंड प्रणाली में किया बड़ा बदलाव, ब्रोकर्स को मिल सकती है राहत

Fri, 10 Oct 2025 06:40 PM IST
रिया दुबे बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: रिया दुबे Updated Fri, 10 Oct 2025 06:40 PM IST
सार

व्यवसाय सुगमता और अनुपालन को और प्रभावी बनाने की दिशा में सेबी ने स्टॉक ब्रोकर्स के लिए दंड प्रणाली को तर्कसंगत बना दिया है। सेबी ने एक्सचेंजों द्वारा ब्रोकर्स पर लगाए जाने वाले दंडों की संख्या 235 से घटाकर 90 कर दी है।
 

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Stock market regulator SEBI has made major changes in the penalty system, brokers may get relief
SEBI - फोटो : ANI

विस्तार

व्यवसाय करने में सुगमता और अनुपालन को बढ़ावा देने के लिए बाजार नियामक सेबी ने शुक्रवार को स्टॉक ब्रोकर्स के लिए दंड ढांचे को सरल बनाया।

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रिपोर्ट के अनुसार, सेबी ने एक्सचेंजों द्वारा ब्रोकर्स पर लगाए जाने वाले दंडों की संख्या 235 से घटाकर 90 कर दी है।

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पहले चरण में कुल 235 मौजूदा दंड प्रावधानों की समीक्षा की गई। इनमें से 40 दंड पूरी तरह हटा दिए गए। वहीं 105 मामूली प्रक्रियागत उल्लंघनों को ‘वित्तीय असुविधा’ की श्रेणी में रखा गया है।

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नए दंड ढांचे का उद्देश्य 

नए ढांचे का उद्देश्य एक्सचेंजों में एक जैसी टिप्पणियों पर लगने वाले दंडों में असंगति को दूर करना, और एक ही उल्लंघन पर कई एक्सचेंजों द्वारा दोहराए गए दंड से बचना है। अब केवल लीड एक्सचेंज ही समान उल्लंघनों पर दंड लगाएगा। सेबी ने कहा कि नए दंड ढांचे के तहत, प्रक्रियागत चूक या तकनीकी त्रुटियों को अब 'फाइनेंशियल डिसइन्सेंटिव' के रूप में वर्गीकृत किया गया है, ताकि ब्रोकर्स की प्रतिष्ठा पर अनावश्यक प्रभाव न पड़े।


नए ढांचे में कुछ दंडों को सलाह या चेतावनी से बदला गया है, खासकर पहली बार हुई गलती पर। इसके अलावा, कई उल्लंघनों के लिए दंड की राशि घटाई गई है और अधिकतम सीमा तय की गई है। सेबी ने बताया कि यह संशोधित ढांचा चल रही जांचों पर भी लागू होगा, जिससे ब्रोकिंग समुदाय को बड़ी राहत मिलेगी। पहले, समान प्रकार की टिप्पणियां पर अलग-अलग एक्सचेंजों में दड की राशि भिन्न होती थी, और कई एक्सचेंजों में सदस्यता रखने वाले ब्रोकर्स को एक ही उल्लंघन पर कई बार जुर्माना भरना पड़ता था।

पेनाल्टी शब्द से जुड़ी नकारात्मक छवि

सेबी ने माना कि 'पेनल्टी' शब्द अक्सर नकारात्मक छवि से जुड़ा होता है, इसलिए प्रक्रियागत गलतियों के लिए इसका प्रयोग गलत धारणा और प्रतिष्ठा जोखिम पैदा कर सकता है। इन मुद्दों के समाधान के लिए सेबी ने एक्सचेंजों और ब्रोकर संगठनों के प्रतिनिधियों की एक वर्किंग ग्रुप का गठन किया था। इस समिति की सिफारिशों और आगे हुई चर्चा के आधार पर यह नया दंड ढांचा तैयार किया गया है।

रिपोर्टिंग सिस्टम में किया गया बदलाव

इसके साथ ही, सेबी ने 'समूहिक प्रतिवेदन मंच नामक एक तकनीक-आधारित साझा रिपोर्टिंग सिस्टम भी शुरू किया है, जिससे अब ब्रोकर्स को एक ही एक्सचेंज पर रिपोर्ट जमा करनी होगी, अलग-अलग एक्सचेंजों पर नहीं। यह प्रणाली 1 अगस्त से लागू की गई है।

पहले चरण में 40 अनुपालन रिपोर्टों की सुविधा शुरू की गई, जबकि दूसरा चरण 15 अक्तूबर से लागू होगा, जि सेबी के अनुसार, यह कदम स्टॉक ब्रोकर्स के लिए अनुपालन को सरल और व्यवसाय करने में सहजता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण सुधार है। सेबी के अनुसार, यह कदम स्टॉक ब्रोकर्स के लिए अनुपालन को सरल और व्यवसाय करने में सहजता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण सुधार है।

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