फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Business Diary ›   Budget 2019: India to improve condition of government insurance companies

बजट 2019: सरकारी बीमा कंपनियों की हालत सुधारने के लिए हो सकता है यह एलान

Thu, 04 Jul 2019 05:47 PM IST
‌डिंपल अलवधी बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला Published by: ‌डिंपल अलवधी Updated Thu, 04 Jul 2019 05:47 PM IST
विज्ञापन
Budget 2019: India to improve condition of government insurance companies

सरकारी बीमा कंपनियों की हालत सुधारने के लिए सरकार पांच जुलाई को पेश होने वाले बजट में एक महत्वपूर्ण घोषणा कर सकती है। सरकारी क्षेत्र की बीमा कंपनियों के सुदृढ़ीकरण के लिए इनकी वित्तीय हालत में सुधार करना होगा जिसके लिए करीब 13,000 करोड़ रुपये की जरूरत होगी। 

विज्ञापन

विभिन्न विकल्पों पर विचार कर रही है सरकार 

सूत्रों ने बताया की सरकार सुदृढ़ीकरण के विभिन्न विकल्पों पर विचार कर रही है। इन विकल्पों में सभी सरकारी साधारण बीमा कंपनियों का विलय न्यू इंडिया एश्योरेंस में करना भी शामिल है। माना जा रहा है कि ऐसा करने से कंपनियों का हर दृष्टि से मूल्यवर्द्धन हो सकेगा। 

विज्ञापन

इस पर भी चल रहा है काम

सूत्रों ने बताया कि वित्त मंत्रालय के अंतर्गत विनिवेश का काम देखने वाले निवेश और सरकारी परिसंपत्ति विभाग (दीपम) सरकारी साधारण बीमा कंपनियों के कुछ शेयरों को बेचने पर भी काम कर रहा है। सूत्रों के अनुसार इन बीमा कंपनियों में नेशनल इंश्योरेंस कंपनी, ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी और युनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी शामिल हैं। 

विज्ञापन
विज्ञापन

एक साल से लंबित है मामला

सरकार चाहती है इन साधारण बीमा कंपनियों का सुदृढ़ीकरण जल्द हो क्योंकि यह मामला बीते एक साल से लंबित है। लेकिन सूत्रों का कहना है कि इनके विलय से पहले इनमें 12 से 13 हजार करोड़ रुपये डालने की जरूरत होगी जिससे उनकी वित्तीय हालत सुधर सके और वे विलय के लिए योग्य हो सकें। 


 

बजट 2019: सालाना 10 करोड़ रुपये से अधिक कमाने वालों पर लग सकता है 40 फीसदी कर

2018-19 के बजट में कही गई थी विलय की बात

संभव है कि आगामी बजट में इन बीमा कंपनियों के लिए इस आवश्यक पूंजी का प्रावधान हो। 2018-19 के बजट में इन कंपनियों के विलय की बात कही गई थी। लेकिन कई कारणों के चलते विलय को अंजाम नहीं दिया जा सका। इन कारणों में कंपनियों की कमजोर वित्तीय हालत भी शामिल रही। 

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed