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उपभोक्ताओं पर बढ़ेगा बोझ: लागत बढ़ने पर सरचार्ज वसूल सकती हैं स्टील कंपनियां
Mon, 25 Oct 2021 05:42 AM IST
Jeet Kumar
एजेंसी, नई दिल्ली।
एजेंसी, नई दिल्ली।
Published by: Jeet Kumar
Updated Mon, 25 Oct 2021 05:42 AM IST
सार
जुलाई-सितंबर में तिमाही आधार पर प्रति टन उत्पादन लागत 19% या 6,600 रुपये बढ़ी है। कोकिंग कोयले की कीमत भी सिर्फ चार सप्ताह में 120 डॉलर प्रति टन से 400 डॉलर हो गई है। इस तरह का उतार-चढ़ाव झेलना किसी इस्पात कंपनी के लिए संभव नहीं है।
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सांकेतिक तस्वीर....
- फोटो : iStock
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विस्तार
लागत में बढ़ोतरी की भरपाई करने के लिए स्टील (इस्पात) कंपनियां सरचार्ज वसूल सकती हैं। जेएसडब्ल्यू स्टील घरेलू बाजार में इस अवधारणा की शुरुआत करने वाली पहली कंपनी हो सकती है।
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जेएसडब्ल्यू स्टील के संयुक्त प्रबंध निदेशक एवं समूह मुख्य वित्त अधिकारी (सीएफओ) शेषागिरी राव ने कहा, उत्पादन लागत में बढ़ोतरी की भरपाई को कंपनी दीर्घावधि के मूल उपकरण निर्माताओं के लिए इस्पात उत्पादों की बिक्री पर सरचार्ज (अधिभार) लगाने की तैयारी कर रही है। उत्पादन की लागत पर भारी दबाव है।
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जुलाई-सितंबर में तिमाही आधार पर प्रति टन उत्पादन लागत 19% या 6,600 रुपये बढ़ी है। कोकिंग कोयले की कीमत भी सिर्फ चार सप्ताह में 120 डॉलर प्रति टन से 400 डॉलर हो गई है। इस तरह का उतार-चढ़ाव झेलना किसी इस्पात कंपनी के लिए संभव नहीं है।
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ग्राहकों को भरोसे में लेकर उठाएंगे कदम
राव ने कहा कि सरचार्ज की अवधारणा भारतीय बाजार के लिए नई है, लेकिन वैश्विक बाजारों में यह पहले से है। क्या भारत के मूल्य संवेदनशील बाजार में सरचार्ज लगाना व्यावहारिक होगा, इस पर राव ने कहा कि हम अपने उपभोक्ताओं को भरोसे में लेंगे। उतार-चढ़ाव की वजह से हम उपभोक्ताओं से इस पर बातचीत करेंगे।