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स्टार्टअप रैंकिंग 2019: सभी राज्यों से गुजरात का प्रदर्शन रहा सबसे बेहतर
Sat, 12 Sep 2020 01:07 PM IST
डिंपल अलवधी
पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली
Published by: डिंपल अलवधी
Updated Sat, 12 Sep 2020 01:07 PM IST
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उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्द्धन विभाग (डीपीआईआईटी) ने राज्यों की स्टार्टअप रैंकिंग रूपरेखा-2020 पर काम करना शुरू कर दिया है। एक रिपोर्ट में यह जानकारी देते हुए कहा गया है कि विभाग इस बारे में भागीदार राज्यों और संघ शासित प्रदेशों द्वारा दिए गए ब्योरे पर गौर करेगा। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने इससे पहले 2019 की रूपरेखा पर रैकिंग जारी की।
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पहले स्थान पर गुजरात
इसमें गुजरात पहले स्थान पर रहा है। डीपीआईआईटी की रिपोर्ट में कहा गया है कि अगली रूपरेखा नीतियों और प्रोत्साहनों पर अधिक केंद्रित होगी। यह राज्यों की 2019 की रैंकिंग की प्रक्रिया को उससे आगे बढ़ाएगी। रिपोर्ट में कहा गया है, 'राज्य रैंकिंग रूपरेखा-2020 का मकसद चुनौतियों को हल करना है। इसमें व्यापक रूप से राज्यों से मिले विचारों को शामिल किया जाएगा।' सभी राज्यों और एक संघ शासित प्रदेश दिल्ली के बीच से गुजरात का प्रदर्शन सबसे बेहतर रहा है।
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इन राज्यों का था बेहतर प्रदर्शन
गुजरात के बाद बेहतर प्रदर्शन करने वाले राज्यों में बिहार, महाराष्ट्र, ओडिशा, राजस्थान और चंडीगढ़ का स्थान रहा है। वहीं आंकांक्षी लीडर श्रेणी में हरियाणा, झारखंड, पंजाब, तेलंगाना, उत्तराखंड और नगालैंड शामिल हैं। उभरती स्टार्टअप पारस्थितिकी वाले राज्यों में आंध्र प्रदेश, असम, छत्तीसगढ़, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, मध्यप्रदेश, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, मिजोरम और सिक्किम का स्थान रहा है।
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तीन 'पी' पर ध्यान दें स्टार्टअप
कुल मिलाकर 22 राज्यों और तीन संघ शासित प्रदेशों ने इस सर्वेक्षण में भाग लिया है। इस संदर्भ में पीयूष गोयल ने कहा कि स्टार्टअप के वित्तपोषण के मामले में 'कोषों का कोष' उनको समर्थन दे रहा है और कई सार्वजनिक उपक्रम स्टार्टअप के लिये समर्पित कोष बनाने के साथ आगे आ रहे हैं। उन्होंने स्टार्टअप को भी संदेश देते हुए कहा कि वह आत्मनिर्भर भारत को बढ़ावा देने के लिए तीन 'पी' - प्रोडक्ट (उत्पाद), प्रोसेस (प्रक्रिया), पीपुल (लोग) पर ध्यान दें।
रिपोर्ट कहती है कि राज्य रैंकिंग रूपरेखा-2020 को शुरू कर दिया गया है, जिससे इस प्रक्रिया में निरंतरता को कायम रखा जा सके। इससे सूक्ष्म और वृहद पैमाने पर स्टार्टअप पारिस्थति तंत्र को आगे बढ़ाने में मदद मिली है। रिपोर्ट के अनुसार, 2019 की रूपरेखा विभिन्न राज्यों द्वारा स्टार्टअप और संबंधित पारिस्थितिकी तंत्र में मदद के लिए की गई कार्रवाई का पता लगाने का प्रयास थी।