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NIA: विशेष अदालत ने बंगलूरू जाली नोट मामले में महिला को दोषी ठहराया, पांच लोगों को पहले ही हो चुकी है सजा
Sat, 16 Sep 2023 01:38 PM IST
कुमार विवेक
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: कुमार विवेक
Updated Sat, 16 Sep 2023 01:38 PM IST
सार
NIA: 2018 में एनआईए के साथ एक संयुक्त अभियान में कर्नाटक पुलिस ने 2.50 लाख रुपये के नकली नोटों के साथ तीन अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद वनिता के पास से 4.34 लाख रुपये मूल्य के नकली नोट जब्त किए थे।
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एनआईए
- फोटो : Social Media
विस्तार
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की एक विशेष अदालत ने बंगलूरू जाली नोट मामले में एक महिला को दोषी ठहराया है। यह मामला कर्नाटक के रास्ते बांग्लादेश से भारत में भारी मात्रा में उच्च गुणवत्ता वाले जाली नोटों की तस्करी से संबंधित है। वनिता उर्फ 'थंगम' इस मामले में दोषी करार दी जाने वाली छठी आरोपी है। उन्हें भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 489बी (असली नकली नोटों के रूप में उपयोग करना) के तहत छह साल की कैद, आईपीसी की धारा 489सी (नकली नोटों को रखना) के तहत पांच साल की कैद और आईपीसी की धारा 120बी (आपराधिक साजिश) के तहत दो साल की कैद की सजा सुनाई गई थी। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने शनिवार को कहा कि सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी।
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अदालत ने वनिता पर 20,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया। 2018 में एनआईए के साथ एक संयुक्त अभियान में कर्नाटक पुलिस ने 2.50 लाख रुपये के नकली नोटों के साथ तीन अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद वनिता के पास से 4.34 लाख रुपये मूल्य के नकली नोट जब्त किए थे।
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एजेंसी ने कहा कि 2018 में एनआईए के एक अधिकारी की ओर से दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर कर्नाटक पुलिस ने शुरू में आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था। आगे चलकर एनआईए ने मामला फिर से दर्ज किया और गहन जांच और निगरानी शुरू की जिससे मुख्य आरोपी अब्दुल खादिर के नेतृत्व वाले जाली भारतीय मुद्रा नोट (एफआईसीएन) गिरोह का पर्दाफाश हुआ।
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एजेंसी के अनुसार, एनआईए की आगे की जांच में बेंगलुरु में तीन लोगों की ओर से नकली नोटों नोटों के लेन-देन का संकेत मिलता है। इससे पहले 2018 और 2022 के बीच, एनआईए ने आठ लोगों के खिलाफ आरोप पत्र दायर किए। इनमें से तीन मोहम्मद सज्जाद अली उर्फ चाचू, एमजी राजू उर्फ 'मास्टर' और अब्दुल कादिर को विशेष अदालत ने छह साल कैद की सजा सुनाई थी। एनआईए ने कहा कि दो अन्य आरोपियों गंगाधर खोलकर और साबिरुद्दीन को भी विशेष अदालत ने दोषी ठहराया और छह साल कैद की सजा सुनाई।