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म्यूचुअल फंड : रिटर्न पर निर्भर रहकर पैसा लगाना आपके लिए घातक साबित हो सकता है, पढ़ें पूरी रिपोर्ट
Mon, 02 Jan 2023 10:16 AM IST
Jeet Kumar
अमर उजाला, नई दिल्ली
अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Jeet Kumar
Updated Mon, 02 Jan 2023 10:16 AM IST
सार
म्यूचुअल फंड में निवेश सिर्फ उसके पिछले रिटर्न को देखकर कभी नहीं करना चाहिए। सिर्फ रिटर्न पर निर्भर रहकर पैसा लगाना आपके लिए घातक साबित हो सकता है। किसी भी फंड में निवेश के दौरान प्रदर्शन के साथ रेटिंग के महत्व का गणित बताती अजीत सिंह की रिपोर्ट-
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : Istock
विस्तार
बाजार में भले ही इस तरह का कोई डिस्क्लेमर न हो, पर म्यूचुअल फंड में यह नियामकीय आधार पर जरूरी है कि पिछला प्रदर्शन आगे भी जारी रह सकता है, इसकी गारंटी नहीं है। यही एक मात्र साधन है, जो सबसे ज्यादा रेगुलेटेड और पारदर्शी सेगमेंट है। यदि आप म्यूचुअल फंड उद्योग के टॉप रेटेड इक्विटी और हाइब्रिड फंडों में एसेट अंडर मैनेजमेंट (एयूएम) के हिस्से को देखते हैं, तो यह फिर साबित हो जाता है। दो फंड हाउसों यानी आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल और मिरै के एयूएम का काफी हिस्सा टॉप रेटेड फंडों में है। इससे समझ सकते हैं कि वे जोखिम और रिटर्न के बीच संतुलन देते हुए दूसरी कंपनियों की तुलना में तेजी से क्यों आगे बढ़ रहे हैं।
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इक्विटी व हाइब्रिड फंड पर जोर
वैल्यू रिसर्च के मुताबिक, जब 4-स्टार और 5-स्टार रेटेड फंड में व्यक्तिगत एयूएम की हिस्सेदारी की बात आती है तो दोनों फंड अपने सभी बड़े प्रतिस्पर्धियों से आगे निकाल जाते हैं। सीधे शब्दों में कहें तो इन दो एएमसी की ज्यादातर इक्विटी और हाइब्रिड स्कीम टॉप रेटेड यानी 4-स्टार और 5-स्टार हैं।
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-उनके अधिकांश फंडों ने प्रतिस्पर्धियों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया है। इक्विटी और हाइब्रिड फंड एयूएम नए एवं युवा भारत के विकासोन्मुखी निवेश को दर्शाता है। इन नंबरों में डेट, कंजर्वेटिव हाइब्रिड, आर्बिट्राज, पैसिव फंड, डोमेस्टिक फंड ऑफ फंड (एफओएफ) आदि शामिल नहीं हैं।
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जोखिम वाली रेटिंग में बड़े फंड नीचे
देश के सबसे बड़े फंड और करीब 7 लाख करोड़ रुपये के एयूएम का प्रबंधन करने वाले एसबीआई म्यूचुअल फंड की रेटिंग 69 फीसदी, यूटीआई की 67 फीसदी, कोटक की 50 फीसदी, एक्सिस एमएफ की 49 फीसदी व निप्पॉन की 41 फीसदी है। आईडीएफसी एमएफ के पास 4-स्टार और 5-स्टार रेटेड फंडों में अपने व्यक्तिगत एयूएम का 15% हिस्सा है।
एचडीएफसी एमएफ व आदित्य बिरला के पास 10% भी नहीं है। आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल, एसबीआई, कोटक और मिरै एक और दो-स्टार रेटेड फंड एयूएम (रेगुलर प्लान) में ‘शून्य’ हिस्सेदारी वाले बड़े फंड हाउस हैं। इस प्रकार के फंड जोखिम-समायोजित रेटिंग में सबसे नीचे होते हैं।
इक्विटी-हाइब्रिड सेगमेंट में रेटेड एयूएम की रेटिंग
फंड हाउस 4-5 स्टार रेटिंग 4-5 स्टार रेटिंग
(रेगुलर प्लान) (डायरेक्ट प्लान)
आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल 90 फीसदी 84 फीसदी
एचडीएफसी एमएफ 7 फीसदी 4 फीसदी
एसबीआई म्यूचुअल फंड 69 फीसदी 57 फीसदी
एक्सिस म्यूचुअल फंड 49 फीसदी 67 फीसदी
निप्पॉन म्यूचुअल फंड 41 फीसदी 52 फीसदी
खुदरा निवेशकों को डायरेक्ट प्लान पर भरोसा
खुदरा निवेशक डायरेक्ट फंड खरीदकर आगे बढ़ना पसंद करते हैं। इस लिहाज से आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल और मिरै इस सेगमेंट में अच्छा प्रदर्शन करते हैं। इक्विटी और हाइब्रिड सेगमेंट में आदित्य बिरला म्यूचुअल फंड के रेटेड एयूएम की रेटिंग डायरेक्ट प्लान में शून्य और रेगुलर में 8% रही है। कोटक म्यूचुअल फंड की रेटिंग 51 फीसदी और 50 फीसदी, यूटीआई की 74 फीसदी व 67% और आईडीएफसी की 28 फीसदी और 15% रेटिंग रही है।
निवेश के लिए पैसे जुटाने में रेटिंग महत्वपूर्ण
जहां तक रेटिंग देने का सवाल है तो 5-10 फीसदी फंड को 5-स्टार रेटिंग दी जाती है। इसी तरह, अगले 15-20 फीसदी को 4-स्टार रेटिंग दी जाती है। यह रेटिंग निवेश के लिए पैसे जुटाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। अगर किसी फंड की रेटिंग अधिक है, तो इसका मतलब है कि फंड ने जोखिम-समायोजित आधार पर बेहतर प्रदर्शन किया है। -पंकज मथपाल, एमडी, ऑप्टिमा मनी मैनेजर्स