Mutual Funds: इक्विटी बाजारों में मंदी का असर म्यूचुअल फंड्स के इक्विटी प्रवाह पर, जानिए क्या कहते हैं जानकार
Mutual Funds: बाजार में इक्विटी म्यूचुअल फंड के शुद्ध प्रवाह में गिरावट आई है। एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया द्वारा जारी मासिक आंकड़ों के अनुसार प्रबंधित इक्विटी म्यूचुअल फंड में मई महीने के दौरान 19,013 करोड़ रुपये का निवेश हुआ, जो अप्रैल में दर्ज 24,269.26 करोड़ रुपये के निवेश की तुलना में 22 प्रतिशत कम है।
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बाजार में इक्विटी म्यूचुअल फंड के शुद्ध प्रवाह में गिरावट आई है। एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया द्वारा जारी मासिक आंकड़ों के अनुसार प्रबंधित इक्विटी म्यूचुअल फंड में मई महीने के दौरान 19,013 करोड़ रुपये का निवेश हुआ, जो अप्रैल में दर्ज 24,269.26 करोड़ रुपये के निवेश की तुलना में 22 प्रतिशत कम है। यह पिछले पांच महीनों में आई गिरावट है, अप्रैल की तुलना में सभी क्षेत्रों में निवेश में गिरावट देखी गई है। सक्रिय म्यूचुअल फंड्स के प्रबंधन अधिन परिसंपत्तियां मई में 4.85 प्रतिशत बढ़कर 72.2 लाख करोड़ रुपये हो गईं, जबकि अप्रैल में यह 70 लाख करोड़ रुपये थी। म्यूचुअल फंड उद्योग का कुल प्रवाह 29,108 करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले महीने के डेट फंड्स में प्रवाह के कारण 2.76लाख करोड़ रुपये का प्रवाह हुआ था।
इक्विटी बाजारों में मंदी का असर
सैमको म्यूचुअल फंड के सीईओ विराज गांधी कहते इक्विटी बाजारों में मंदी का असर मई 2025 में म्यूचुअल फंड्स के इक्विटी प्रवाह पर पड़ा, भू राजनीतिक चिंताओं, मुनाफावसूली और बाजार के रुख की वजह से इसमें गिरावट आई। पिछले महीनों में मजबूत प्रदर्शन के बाद ऊंचे मूल्यांकन ने निवेशकों को सतर्क रुख अपनाने के लिए प्रेरित तो किया है, जिसकी वजह से इक्विटी प्रवाह में उल्लेखनीय मंदी आई है। उनका कहना है एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया के आंकड़ों के अनुसार इक्विट म्यूचुअल फंड प्रवाह में 21.66 प्रतिशत की तेज गिरावट आई, जो अप्रैल के आंकड़ों से 12 महीने के निचने स्तर 19,013.12 करोड़ रुपये पहुंच गया। इस गिरावट के बाद भी सकारात्मक रुझान जारी है।
भारतीय निवेशक अधिक परिपक्व हो रहे हैं
ओमनीसाइंस कैपिटल के सीईओ और मुख्य निवेशक रणनीतिकार विकास गुप्ता कहते हैं, भारतीय निवेशक अधिक परिपक्व हो रहे हैं और तर्कसंगत तरीके से निवेश कर रहे हैं। फ्लेक्सीकैप और मल्टीकैप फंड्स में निवेश जारी है। जबकि स्मॉल कैप फड्स में मूल्यांकन की चिंताओं की वजह से कम निवेश हो रहा है। निवेशकों को फ्लैक्सीकैप निवेश से बाजार में कही भी निवेश करने का मौका मिलता है। इसलिए इसमें निवेश जारी है, सेक्टर फंड्स की बात करें तो अभी सकारात्क रुझान देखने को मिल रहा है। लेकिन निवेशकों को लोकप्रिय सेक्टर्स में निवेश करते समय सावधानी बरती की जरूरत है। उनकों अपनी फंड्स की पीई पर ध्यान देना चाहिए। स्मॉलकेस मैनेजर और ग्रोथ इंवेस्टिंग के संस्थापक नरेंद्र सिंह कहते है भारत का म्यूचुअल फंड उद्योग ने अपनी बढ़त जारी रखी है, लेकिन निवेशकों के व्यवहार में बदलाव देखने को मिलते हैं, जिसकी वजह से म्यूचुअल फंड्स उद्योग पर असर पड़ता है। फिलहाल आगामी महीनों में तेजी जारी रहने की उम्मीद है।