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सेमीकंडक्टर की कमी का असर: फरवरी में यात्री वाहनों की बिक्री 6% गिरी, दोपहिया वाहनों में 27% की गिरावट
Fri, 11 Mar 2022 04:50 PM IST
दीपक चतुर्वेदी
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: दीपक चतुर्वेदी
Updated Fri, 11 Mar 2022 04:50 PM IST
सार
India's Passenger Vehicle Sales Decline 6 Percent: सेमी कंडक्टर की कमी के चलते ऑटो क्षेत्र की मुश्किलें बढ़ती जा रही है। रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध ने इसे और भी बढ़ा दिया है। अब इसका असर ऑटोमोबाइल सेक्टर में दिखाई देने लगा है। सियाम के आंकड़ों पर नजर डालें तो फरवरी महीनों में कुल वाहनों की बिक्री 18 फीसदी घट गई है।
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ऑटोमोबाइल क्षेत्र
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
देश में सेमी कंडक्टर की कमी के चलते पहले से ही ऑटोमोबाइल सेक्टर परेशानी में है। इस पर रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध ने इस संकट को और भी बढ़ा दिया है। अब इसका असर दिखाई देने लगा है। सियाम की रिपोर्ट के मुताबिक, फरवरी महीना ऑटो उद्योग के लिए बुरा साबित हुआ है। जहां एक ओर यात्री वाहनों की बिक्री में छह फीसदी की गिरावट आई है, तो वहीं दोपहिया वाहनों की बिक्री इस अवधि में 27 फीसदी तक गिरी है।
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रूस-यूक्रेन युद्ध का ऐसे हुआ असर
बता दें कि सेमीकंडक्टर्स माइक्रोचिप से संचालित होते हैं। माइक्रोचिप के उत्पादन में नियोन और पैलेडियम खनिजों का इस्तेमाल होता है। यूक्रेन और रूस इन दोनों खनिजों का सबसे बड़ा स्रोत हैं। सेमीकंडक्टर बाजार के जानकारों के मुताबिक नियोन के बिना चिप का उत्पादन नहीं हो सकता। नियोन रूस में स्टील उत्पादन के दौरान पैदा होने वाला बाइ प्रोडक्ट है। इस बाइ प्रोडक्ट का यूक्रेन में शुद्धिकरण किया जाता है किया जाता है। फिलहाल, ये दोनों देश युद्ध या प्रतिबंधों की वजह से विश्व सप्लाई चेन से बाहर हो गए हैं। पैलेडियम का सबसे बड़ा स्रोत रूस है। इसका इस्तेमाल सेंसर, मेमोरी, और अन्य एप्लीकेशंस बनाने में होता है।विश्लेषकों ने चेतावनी दी है कि अगर यूक्रेन युद्ध लंबा खिंचा, तो दुनिया भर में चिप सप्लाई की स्थिति और बिगड़ सकती है।
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डीलरों को आपूर्ति 23 फीसदी घटी
ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चर्स का संगठन सियाम की रिपोर्ट के मुताबिक, कारखानों से डीलरों को गाड़ियों की आपूर्ति फरवरी 2022 में 23 फीसदी घट गई। इसमें कहा गया कि फरवरी 2022 में कुल यात्री वाहनों, दो पहिया वाहनों और तीन पहिया वाहनों की थोक बिक्री 13,28,027 इकाई रह गई, जो इससे पिछले वर्ष की समान अवधि में 17,35,909 इकाई के मुकाबले 23 फीसदी कम है। रिपोर्ट के अनुसार, फरवरी में वाहनों की कुल बिक्री में 17.8 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है। इस महीने कुल 17.91 लाख यूनिट वाहन बेचे गए. जबकि फरवरी 2021 में कुल 21.77 लाख यूनिट वाहन बेचे गए थे।
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कारों की बिक्री का आंकड़ा यहां पहुंचा
फरवरी 2022 में यात्री वाहनों की कुल बिक्री छह फीसदी घटकर 2,62,984 इकाई रह गई, जो इससे पिछले वर्ष की समान अवधि में 2,81,380 इकाई थी। यात्री कारों की थोक बिक्री की बात करें तो पिछले महीने 1,33,572 इकाई रही जो फरवरी 2021 में 1,55,128 इकाई थी। इस बीच दोपहिया वाहनों की बिक्री की बात करें तो इनकी थोक बिक्री पिछले महीने 27 फीसदी घटकर 10,37,994 इकाई रह गई, जो एक वर्ष पहले 14,26,865 इकाई थी। इसी तरह, तीन पहिया वाहनों की थोक बिक्री पिछले महीने मामूली रूप से घटकर 27,039 इकाई रह गई, जो पिछले वर्ष समान अवधि में 27,656 थी।
नए नियमों के कारण लागत बढ़ी
सियाम के महानिदेशक राजेश मेनन ने कहा कि सेमीकंडक्टर की कमी से जुड़ी कई चुनौतियां हमारे सामने हैं, नए नियमों के कारण लागत बढ़ी है। ये बड़े कारण है जिससे कि वाहन उद्योग में बिक्री प्रभावित हुई है। पिछले महीने सभी श्रेणी के वाहनों के उत्पादन में 20 फीसदी की कमी दर्ज की गई है। मेनन ने यह भी कहा कि ऑटो क्षेत्र रूस-यूक्रेन के बीच जारी संघर्ष के संभावित प्रभाव को भी करीब से देख रहा है, क्योंकि अगर युद्ध और आगे बढ़ता है तो निश्चित तौर पर वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला तनाव में आ सकती है।