Sensex Closing Bell: नए साल के पहले दिन बाजार में सपाट करोबार; सेंसेक्स 31 अंक चढ़ा, निफ्टी 21750 के नीचे
Sensex Closing Bell: साल 2024 के पहले कारोबारी दिन सोमवार की सुबह कमजोर शुरुआत के बाद बाजार में शानदार रिकवरी आई। हालांकि उसके बाद बाजार में बिकवाली दिखी और आखिरकार सेंसेक्स और निफ्टी सपाट बंद हुए।
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शेयर बाजार नए साल के पहले दिन नए रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचने के बाद सपाट बंद हुआ। साल 2024 के पहले कारोबारी दिन सोमवार की सुबह कमजोर शुरुआत के बाद बाजार में शानदार रिकवरी आई। हालांकि उसके बाद बाजार में बिकवाली दिखी और आखिरकार सेंसेक्स और निफ्टी सपाट बंद हुए।
साल के पहले कारोबारी दिन बीएसई सेंसेक्स के 30 शेयरों का हाल
सोमवार के कारोबारी सेशन के बाद सेंसेक्स 31.68 (0.04%) अंकों की बढ़त के साथ 72,271.94 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं दूसरी ओर, निफ्टी 10.50 (0.05%) अंकों की मजबूती के साथ 21,741.90 के लेवल पर बंद हुआ।
एनएसई निफ्टी के टॉप गेनर्स और टॉप लूजर्स शेयर
सोमवार के कारोबारी सेशन के दौरान सेंसेक्स 72500 और निफ्टी 21830 के स्तर तक पहुंचे। मार्केट में सबसे ज्यादा खरीदारी पीएसयू बैंकिंग और मीडिया सेक्टर के शेयरों में दिखी। इससे पहले शुक्रवार को सेंसेक्स 170 अंकों की गिरावट के साथ 72,240 के स्तर पर बंद हुआ था।
एलआईसी को 806 करोड़ का जीएसटी डिमांड नोटिस
भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) को जीएसटी डिमांड नोटिस मिला है। कंपनी ने सोमवार को बताया कि कर अधिकारियों ने 2017-18 के लिए जीएसटी के कथित कम भुगतान के लिए उसे लगभग 806 करोड़ रुपये का डिमांड नोटिस भेजा है। बीमाकर्ता ने नियामक फाइलिंग में कहा कि एलआईसी को महाराष्ट्र राज्य के लिए ब्याज और जुर्माने के साथ जीएसटी संग्रह के लिए सोमवार को नोटिस मिला है। बीमाकर्ता निर्धारित समय सीमा में आदेश के खिलाफ आयुक्त (अपील), मुंबई के समक्ष अपील दायर करेगा।
एशियन पेंट्स से 14 करोड़ की मांग
एशियन पेंट्स को चेन्नई के जीएसटी विभाग से 13.83 करोड़ का नोटिस मिला है। यह नोटिस 2017-18 में इनपुट टैक्स क्रेडिट के गलत आंकड़ों पर मिला है। इसके अलावा, अल्ट्राटेक को पंजाब के जीएसटी विभाग से ब्याज व जुर्माने के साथ 72.06 लाख रुपये का नोटिस मिला है। यह मामला वित्त वर्ष 2018 में इनपुट सेवा वितरक क्रेडिट नहीं दिखने से जुड़ा है।
500 करोड़ से ज्यादा के खर्च संबंधी नियम में ढील
अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए केंद्र ने चालू वित्त वर्ष की चौथी तिमाही यानी जनवरी-मार्च के दौरान 500 करोड़ रुपये से अधिक के सरकारी खर्च को नियंत्रित करने वाले नियमों में ढील दी है। यह छूट व्यय विभाग की ओर से जारी एकल नोडल एजेंसी (एसएनए)/ केंद्रीय नोडल एजेंसी के निर्देशों के कड़ाई से पालन के अधीन है। बयान में कहा गया है, वित्तीय सलाहकार निगरानी करेंगे कि किसी भी स्तर पर पैसे का दुरुपयोग न हो और सही समय पर फंड जारी हो। उधर, वित्त मंत्रालय ने इलेक्ट्रोरल बॉन्ड के 30वें चरण को मंजूरी दे दी है। यह मंगलवार को खुलेगा और 11 जनवरी को बंद होगा।