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कामयाबी: न्यूरालिंक की ब्रेन चिप का दूसरा ट्रांसप्लांट पूरा, एलन मस्क बोले- अब आठ मरीजों का करेंगे प्रत्यारोपण
Mon, 05 Aug 2024 09:11 AM IST
बशु जैन
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
Published by: बशु जैन
Updated Mon, 05 Aug 2024 09:11 AM IST
सार
न्यूरालिंक मस्क का ब्रेन टेक्नोलॉजी स्टार्टअप है। न्यूरालिंक का मकसद उन मरीजों को भी काबिल बनाना है जो पूरी तरह से कुछ भी करने में अक्षम हैं। न्यूरालिंक के चिप की मदद से इंसान सिर्फ सोचकर कई सारे काम कर सकता है और उसकी सोच को कंप्यूटर पर देखा जा सकता है। कंपनी अपने मरीजों पर न्यूरालिंक का ट्रांसप्लांट कर रही है।
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Elon Musk
- फोटो : X
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विस्तार
एलन मस्क की कंपनी न्यूरालिंक (Neuralink) की ब्रेन चिप का दूसरा ट्रांसप्लांट सफलतापूर्वक पूरा हो गया। इसे लेकर कंपनी के मालिक एलन मस्क ने खुशी जताई है। उन्होंने कहा कि दूसरा ट्रांसप्लांट बेहद अच्छे तरीके से काम कर रहा है। अब हम 2024 में आठ और मरीजों का प्रत्यारोपण करेंगे।
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न्यूरालिंक मस्क का ब्रेन टेक्नोलॉजी स्टार्टअप है। न्यूरालिंक का मकसद उन मरीजों को भी काबिल बनाना है जो पूरी तरह से कुछ भी करने में अक्षम हैं। न्यूरालिंक के चिप की मदद से इंसान सिर्फ सोचकर कई सारे काम कर सकता है और उसकी सोच को कंप्यूटर पर देखा जा सकता है। कंपनी अपने मरीजों पर न्यूरालिंक का ट्रांसप्लांट कर रही है। ट्रांसप्लांट के बाद पहला मरीज नोलैंड अर्बांग वीडियो गेम खेल रहा है। इंटरनेट चलाने, सोशल मीडिया पोस्ट और लैपटॉपर कर्सर घुमा रहा है।
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एलन मस्क ने कहा कि शुरुआत में अर्बांग को सर्जरी के बाद समस्याओं का सामना करना पड़ा था। उनके इंप्लांट के तार पीछे हट गए थे। इससे दिमाग के संकेतों को मापने वाले इलेक्ट्रोड में कमी आई थी। इसे न्यूरालिंक ने सही किया और अब यह ठीक से काम कर रहा है।
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इस बीच न्यूरालिंक ने दूसरे मरीज में ब्रेन चिप का ट्रांसप्लांट किया। एलन मस्क ने बताया कि दूसरे मरीज की रीढ़ की हड्डी में पहले मरीज जैसी चोट थी। दूसरे मरीज के दिमाग पर इंप्लांट के 400 इलेक्ट्रोड काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि दूसरा इंप्लांट अच्छे से काम कर रहा है। कई सारे सिग्नल और इलेक्ट्रोड के साथ यह बेहतर कर रहा है।
कैसे काम कर रही तकनीक
जब इस पूरे प्रोजेक्ट पर काम हो रहा था तब एलन मस्क ने बताया था कि न्यूरालिंक दो उपकरण तैयार कर रही है। पहली सिक्के के आकार की एक चिप है, जिसे इंसान के सिर में लगाया जाएगा। इससे बालों से भी पतले तार निकलेंगे जिनमें लगे 1024 इलेक्ट्रोड दिमाग के अलग-अलग हिस्सों तक जाएंगे। इनसे मिला डेटा चिप के जरिए कंप्यूटर्स तक जाएगा। फिर शोधकर्ता इसका अध्ययन करेंगे।इस चिप के अलावा, एक रोबॉट होगा जो एक सुई की मदद से न्यूरालिंक चिप से निकलने वाले तार इंसान के दिमाग में सिलेगा। मस्क का कहना है कि यह प्रक्रिया LASIC सर्जरी जितना आसान होगा। जनवरी में एक सूअर के अंदर इस चिप का डेमो भी दिया गया। यह दो महीने से इसके दिमाग में लगी थी। मस्क ने कुछ वक्त पहले यह भी बताया था कि एक बंदर के दिमाग में यह चिप लगी है और उस पर इसका असर भी है।