फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Business Diary ›   Sebi proposed new framework for delisting of equity shares of a company

सेबी: कंपनी की सूचीबद्धता समाप्त करने को लेकर नए विधान का किया प्रस्ताव

Sat, 26 Jun 2021 02:40 PM IST
‌डिंपल अलावाधी पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली Published by: ‌डिंपल अलावाधी Updated Sat, 26 Jun 2021 02:40 PM IST
सार

भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने एक कंपनी के इक्विटी शेयर की सूचीबद्धता समाप्त करने को लेकर नई व्यवस्था का प्रस्ताव किया है।

विज्ञापन
Sebi proposed new framework for delisting of equity shares of a company
सेबी - फोटो : PTI

विस्तार

बाजार नियामक सेबी ने खुली पेशकश के बाद एक कंपनी के इक्विटी शेयर की सूचीबद्धता समाप्त करने को लेकर नई व्यवस्था का प्रस्ताव किया। सूचीबद्ध कंपनियों के लिए विलय और अधिग्रहण सौदों को और युक्तिसंगत बनाने के मकसद से यह कदम उठाया गया है। इसमें संबंधित अधिग्रहणकर्ता की खुली पेशकश के समय लक्षित कंपनी की सूचीबद्धता समाप्त करने की योजना का पहले से खुलासा करना प्रमुख प्रस्तावों में से एक है। इसका उद्देश्य प्रक्रिया के दौरान सभी निवेशकों के हितों को संतुलित करना भी है।

विज्ञापन


16 जुलाई तक लोगों से मांगी राय
भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने एक परिचर्चा पत्र में कहा कि अधिग्रहण करने वाली इकाई या संयुक्त रूप से अधिग्रहण कराने वालों के लिए प्रस्तावित विधान केवल अधिग्रहण नियमन के तहत खुली पेशकश के मामले में उपलब्ध होना चाहिए। सेबी ने परिचर्चा पत्र पर 16 जुलाई तक लोगों की राय मांगी है।
विज्ञापन


मौजूदा नियमों के संदर्भ में कुछ मसलों के बीच सेबी की प्राथमिक बाजार परामर्श समिति (पीएमएसी) के एक उप-समूह ने अधिग्रहणकर्ता की खुली पेशकश के बाद कंपनी के लिए सूचीबद्धता समाप्त करने की प्रक्रिया को लेकर कई सिफारिशों की हैं। सेबी ने कहा कि उप-समूह की सिफारिशें मुख्य रूप से सूचीबद्धता समाप्त करने से पहले खुलासे, गैर-सूचीबद्धता मूल्य और अधिग्रहण कीमत, शेयरधारकों तथा शेयर बाजार की मंजूरी तथा खुली पेशकश के बाद सूचीबद्धता समाप्त करने के प्रयास से संबद्ध है।
विज्ञापन
विज्ञापन


कर्मचारियों की क्षतिपूर्ति से संबंधित नई व्यवस्था लागू करने की तारीख बढ़ी
इस बीच, बाजार नियामक ने संपत्ति प्रबंधन कंपनियों (एएमसी) के प्रमुख कर्मचारियों की क्षतिपूर्ति से संबंधित नई व्यवस्था लागू करने की तारीख एक अक्तूबर 2021 तक बढ़ा दी। इससे पहले, अप्रैल में जारी परिपत्र के अनुसार व्यवस्था एक जुलाई 2021 से लागू होनी थी। इस पहल का उद्देश्य म्यूचुअल फंड योजना के यूनिटधारकों के हितों के साथ एएमसी के प्रमुख कर्मचारियों के हितों को जोड़ना है। हालांकि नियामक के अनुसार संबंधित पक्षों से मिली प्रतिक्रिया के आधार पर, इस नई व्यवस्था के क्रियान्वयन की समय सीमा बढ़ाकर एक अक्तूबर 2021 कर दी गई।


एएमसी के प्रमुख कर्मचारियों में मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ), मुख्य निवेश अधिकारी (सीआईओ), मुख्य जोखिम अधिकारी (सीआरओ), मुख्य सूचना सुरक्षा अधिकारी (सीआईएसओ), मुख्य परिचालन अधिकारी (सीओओ), कोष प्रबंधक, अनुपालन अधिकारी, बिक्री प्रमुख, निवेशक अधिकारी, अन्य विभागों के प्रमुख और संपत्ति प्रबंधन कंपनी के डीलर शामिल हैं। सेबी ने अप्रैल में जारी परिपत्र में कहा था कि ऐसे कर्मचारियों की क्षतिपूर्ति का एक हिस्सा योजना के यूनिट के रूप में भुगतान किया जाएगा जिसमें उनकी भूमिका है।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed