SEBI: म्यूचुअल फंड में पहली बार निवेश करने वाली महिलाओं को इसेंटिव देने की बन रही योजना, बोले सेबी प्रमुख
SEBI: म्यूचुअल फंड में महिलाओं की अधिक भागीदारी को प्रोत्साहित करने के लिए बाजार नियामक सेबी पहली बार निवेश करने वाली महिला निवेशकों के लिए अतिरिक्त प्रोत्साहन शुरू करने की योजना बना रहा है। सेबी प्रमुख ने इस बारे में क्या बताया, आइए जानते हैं विस्तार से।
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म्यूचुअल फंड में महिलाओं की अधिक भागीदारी को प्रोत्साहित करने के लिए बाजार नियामक सेबी पहली बार निवेश करने वाली महिला निवेशकों के लिए अतिरिक्त प्रोत्साहन शुरू करने की योजना बना रहा है। शेयर बाजार के नियामक सेबी के प्रमुख तुहिन कांत पांडे ने शुक्रवार को इसकी जानकारी दी।
एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (एम्फी) की ओर से आयोजित एक कार्यक्रम में पांडे ने कहा, "जब तक महिलाओं को समान प्रतिनिधित्व नहीं दिया जाएगा, वित्तीय समावेशन अधूरा रहेगा।" उन्होंने कहा, "...हम पहली बार निवेश करने वाली महिला निवेशकों के लिए अतिरिक्त वितरण प्रोत्साहन शुरू करने पर भी विचार कर रहे हैं।"
टियर 2 और टियर 3 शहरों में निवेश के लिए वितरकों को मिलेगा प्रोत्साहन
उन्होंने कहा कि सेबी उद्योग को सुविधा प्रदान करने और प्रोत्साहित करने के लिए कई उपाय कर रहा है। एक हालिया प्रस्ताव बी30 शहरों (टियर 2 और टियर 3 शहरों) में पहली बार व्यक्तिगत निवेशकों से निवेश के लिए वितरकों को प्रोत्साहित करने के लिए भी है।
नियामक के अनुसार, इस कदम से न केवल नए प्रतिभागी जुड़ेंगे, बल्कि म्यूचुअल फंड की पहुंच कम प्रतिनिधित्व वाले क्षेत्रों तक भी बढ़ेगी, जिससे गहन वित्तीय समावेशन में योगदान मिलेगा। इसके अलावा, सेबी प्रमुख ने कहा कि उत्पाद के इनोवेशन के लिए अधिक लचीलापन उपलब्ध कराने, स्पष्टता में सुधार लाने और योजनाओं के पोर्टफोलियो में ओवरलैप की समस्या का समाधान करने के लिए, सेबी म्यूचुअल फंड योजनाओं के वर्गीकरण की समीक्षा कर रहा है।
परामर्श प्रक्रिया के दौरान मिले फीडबैक के आधार पर होगा फैसला
उन्होंने कहा कि परामर्श प्रक्रिया से प्राप्त फीडबैक के आधार पर अगले कदम उठाए जाएंगे। सेबी अध्यक्ष ने कहा, "इन उपायों से उद्योग को अधिक पारदर्शी और निवेशक-अनुकूल बनने में मदद मिलेगी।" हाल ही में, सेबी ने कारोबार में आसानी और अनुपालन सरलीकरण उपायों के तहत म्यूचुअल फंडों द्वारा प्रस्तुत रिपोर्टों और फाइलिंग की समीक्षा की है।"
समीक्षा के आधार पर नियामक ने परिसंपत्ति प्रबंधन कंपनियों (एएमसी) द्वारा 52 से अधिक रिपोर्ट, नोटिस और परिशिष्ट दाखिल करने की आवश्यकता को समाप्त करने का निर्णय लिया है। अगले कुछ महीनों में, नियामक म्यूचुअल फंड नियमों को व्यापक रूप से सरल बनाने की दिशा में भी काम करेगा। पांडे ने कहा कि इसका उद्देश्य निवेशकों के हितों की रक्षा करते हुए उद्योग के लिए अनुपालन को आसान बनाना है।
सोशल मीडिया पर हो रहे धोखाधड़ी के प्रति सेबी ने किया आगाह
इसके साथ ही सेबी ने निवेशकों को सोशल मीडिया संदेशों या मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से प्रचारित की जा रही धोखाधड़ी के प्रति आगाह किया। इनमें विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) के माध्यम से शेयर बाजार तक पहुंच प्रदान करने का झूठा दावा किया जाता है। सेबी ने चेतावनी दी कि ऐसी योजनाएं अवैध हैं और नियामक द्वारा समर्थित नहीं हैं।