फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Business Diary ›   Sebi bans willful defaulter from trading in markets

विलफुल डिफॉल्टर रहेंगे बाजार और कंपनी से बाहर

Thu, 26 May 2016 07:35 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली Updated Thu, 26 May 2016 07:35 PM IST
सार

  • विलफुल डिफॉल्टर नहीं उगाह सकेंगे बाजार से पूंजी
  • कंपनी के प्रबंधन में रहने का नहीं होगा अधिकार

विज्ञापन
Sebi bans willful defaulter from trading in markets
विजय माल्या - फोटो : Reuters

विस्तार

इरादतन कर्ज नहीं चुकाने वालों के खिलाफ सेबी ने अपना रुख सख्त कर दिया है। ऐसे लोग अब पब्लिक इश्यू सहित अन्य बाजार माध्यमों से पूंजी नहीं उगाह सकेंगे। सेबी ने इस बारे में अधिसूचना जारी कर दी है। इस तरह के कर्जदार किसी भी सूचीबद्ध कंपनी के निदेशक मंडल में भी शामिल नहीं हो सकेंगे।

विज्ञापन


सेबी ने इस तरह के लोगों पर और कठोर रवैया अपनाते हुए उन्हें म्यूचुअल फंड या ब्रोकरेज फर्म बनाने से भी मनाकर दिया है। इसके अलावा वे किसी अन्य सूचीबद्ध कंपनी पर भी अपना नियंत्रण नहीं रख सकेंगे। सेबी ने यह कदम यूबी समूह के चेयरमैन विजय माल्या के मामले के बाद उठाया है। माल्या देश छोड़कर भाग गए हैं और उन पर विभिन्न बैंकों का 9,000 करोड़ रुपये से भी अधिक का कर्ज और ब्याज बकाया है।
विज्ञापन


माल्या ने हाल ही में यूनाइटेड स्पिरिट लिमिटेड के चेयरमैनशिप और निदेशक पद को छोड़ा है। इस कंपनी का नया मालिक अब डियाजियो है। हालांकि डियाजियो के साथ माल्या के सौदे की जांच सेबी कर रहा है। बहरहाल, माल्या अभी कुछ कंपनियों के निदेशक पद पर बने हुए हैं। सेबी का नया नियम बुधवार से लागू हो चुका है। रिजर्व बैंक के नियमों के अनुसार जो भी व्यक्ति इरादतन कर्ज नहीं चुकानेवाले वाला यानी विलफुल डिफॉल्टर घोषित हो चुका है उस पर सेबी का नियम लागू होगा। 

विज्ञापन
विज्ञापन

विलफुल डिफॉल्टर न तो पब्लिक इश्यू जारी कर सकेगा और न हीं डेट सिक्योरिटी

Sebi bans willful defaulter from trading in markets
सेबी - फोटो : pti

25 मई को जारी अधिसूचना में सेबी ने साफ-साफ कहा है कि विलफुल डिफॉल्टर न तो पब्लिक इश्यू जारी कर सकेगा और न हीं डेट सिक्योरिटी ला सकेगा। उसे नॉन-कन्वर्टिबल रीडीमेबल प्रीफेरेंस शेयर जारी करने का भी अधिकार नहीं होगा।

सेबी ने कहा है कि तब भी लागू होगा जब कंपनी के निदेशक मंडल का कोई भी सदस्य अथवा प्रोमोटर विलफुल डिफॉल्टर की सूची में है। इसके अलावा विलफुल डिफॉल्टर किसा अन्य सूचीबद्ध कंपनी को भी अपने नियंत्रण में नहीं ले सकेगा। अगर वैसी कंपनी जिसके निदेशक मंडल में विलफुल डिफॉल्टर हों और कंपनी बिक रही हो तब उस डिफॉल्टर को अधिकार होगा कि वह कंपनी की बोली में शामिल हो सके।

विलफुल डिफॉल्टर सूची में शामिल किसी भी व्यक्ति प्रोमोटर, निदेशक अथवा प्रमुख प्रबंधन पद पर काबिज व्यक्ति को नए सिरे से किसी कंपनी के पंजीकरण का अधिकार नहीं होगा यानी वह नई कंपनी नहीं खोल सकेगा। विलफुल डिफॉल्टर उसे माना जाता है जो कंपनी में पर्याप्त नकद प्रवाह और अच्छा नेटवर्थ होने के बावजूद कर्ज नहीं चुकाता है और रकम को अवैध तरीके से कंपनी से बाहर निकाल देता है।

बैंक से लिए गए कर्ज का इस्तेमाल भी कर्ज के मद में यानी मशीनरी आदि नहीं खरीद कर रकम को कंपनी से बाहर कर दिया जाता है। इसके अलावा रकम से संबधित खर्चे के बारे में बैंक में झूठी रिपोर्ट जमा करना वाले भी विलफुल डिफॉल्टर की श्रेणी में आते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed