{"_id":"6024d670d8d79f726a7630af","slug":"sbi-research-report-on-gdp-indian-economy-may-shrink-by-7-percent-in-current-financial-year","type":"story","status":"publish","title_hn":"GDP को लेकर एसबीआई ने जारी की रिपोर्ट, जानिए कैसा होगा अर्थव्यवस्था का हाल","category":{"title":"Business Diary","title_hn":"बिज़नेस डायरी","slug":"business-diary"}}
GDP को लेकर एसबीआई ने जारी की रिपोर्ट, जानिए कैसा होगा अर्थव्यवस्था का हाल
Thu, 11 Feb 2021 12:32 PM IST
डिंपल अलावाधी
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: डिंपल अलावाधी
Updated Thu, 11 Feb 2021 12:32 PM IST
विज्ञापन
भारतीय अर्थव्यवस्था
- फोटो : pixabay
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने एक रिपोर्ट जारी की है। एसबीआई के शोध प्रभाग एसबीआई रिसर्च की ताजा रिपोर्ट में कहा गया है कि तीसरी और चौथी तिमाही में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वृद्धि के बावजूद चालू वित्त वर्ष के दौरान भारतीय अर्थव्यवस्था सात फीसदी संकुचित हो सकती है। जबकि इससे पहले एसबीआई शोध ने 2020-21 के दौरान घरेलू जीडीपी में 7.4 फीसदी संकुचन का अनुमान लगाया था।
विज्ञापन
तेजी की पटरी पर लौट सकती है अर्थव्यस्था
अप्रैल-सितंबर के दौरान अर्थव्यवस्था में 15.7 फीसदी संकुचन हुआ, लेकिन यदि एसबीआई का विश्लेषण सही साबित हुआ, तो दूसरी छमाही में जीडीपी 2.8 फीसदी की दर से बढ़ सकती है। इस संदर्भ में एसबीआई के समूह मुख्य आर्थिक सलाहकार सौम्य कांति घोष ने कहा कि 41 महत्त्वपूर्ण सूचकांकों में 51 फीसदी तेजी दर्शा रहे हैं, जिसके चलते अर्थव्यवस्था के तीसरी तिमाही में 0.3 फीसदी की वृद्धि के साथ अर्थव्यस्था आर्थिक तेजी की पटरी पर लौट सकती है। उन्होंने कहा कि अंतिम आंकड़े सुखद आश्चर्य पैदा करने वाले हो सकते हैं।
विज्ञापन
चौथी तिमाही में सकारात्मक दिशा में हो सकती है वृद्धि
आगे घोष ने कहा कि, 'अब हमें उम्मीद है कि जीडीपी में गिरावट पूरे साल के लिए सात फीसदी रहेगी, जो हमारे पिछले पूर्वानुमान 7.4 फीसदी की तुलना में कम है। साथ ही चौथी तिमाही में वृद्धि सकारात्मक दिशा में लगभग 2.5 फीसदी हो सकती है।'
विज्ञापन
अगले वित्त वर्ष 11 फीसदी वृद्धि संभव
एसबीआई रिसर्च ने अगले वित्त वर्ष 2021-22 में आर्थिक वृद्धि 11 फीसदी रहने के अपने अनुमान को बरकार रखा है। आर्थिक समीक्षा में अगले साल की वृद्धि 11 फीसदी रहने का अनुमान है जबकि भारतीय रिजर्व बैंक का अनुमान है कि वृद्धि 10.5 फीसदी रहेगी।
जानिए क्या कहती है वित्त मंत्रालय की रिपोर्ट
इससे पहले वित्त मंत्रालय ने भी रिपोर्ट जारी की थी, जिसमें दावा किया गया था कि वृद्धि व मुद्रास्फीति के परिदृश्य 2021-22 में अर्थव्यवस्था के पूर्ण पुनरुद्धार से भी अधिक अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद जगाते हैं। वित्त मंत्रालय द्वारा जारी मासिक आर्थिक रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि भारत दुनिया के लिए कोविड-19 टीके का केंद्र बन गया है।
समावेशी वृद्धि को मिलेगी ताकत
रिपोर्ट में कहा गया है, 'केंद्रीय बजट 2021-22 में घोषित उपायों के साथ की संरचनात्मक सुधारों और आत्मनिर्भर भारत मिशन के तहत नीतिगत मदद से व्यापक आधार पर समावेशी वृद्धि को ताकत मिलेगी। इनसे देश आने वाले वित्त वर्ष में मजबूत और टिकाऊ वृद्धि की राह पर लौट आएगा।' रिपोर्ट में कहा गया कि वृद्धि व मुद्रास्फीति के परिदृश्य 2021-22 में पुनरुद्धार से अधिक की उम्मीद जगाते हैं।