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SBI Report: असंगठित क्षेत्र के उद्योगों में आधे अब भी इंटरनेट से दूर, हिमाचल प्रदेश सबसे आगे
Mon, 08 Jun 2026 05:30 AM IST
नितिन गौतम
अमर उजाला ब्यूरो, कोलकाता
अमर उजाला ब्यूरो, कोलकाता
Published by: नितिन गौतम
Updated Mon, 08 Jun 2026 05:30 AM IST
सार
एसबीआई की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि देश का आधा असंगठित क्षेत्र अभी भी इंटरनेट के बिना काम कर रहा है। हालांकि हाल के वर्षों में इसमें थोड़ी बेहतरी देखी गई है। आइए जानते हैं कि रिपोर्ट में और क्या-क्या है।
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भारत का असंगठित क्षेत्र
- फोटो : पीटीआई
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विस्तार
असंगठित क्षेत्र के उद्यम में आधे अभी भी इंटरनेट के उपयोग से दूर हैं। ऐसे असंगठित गैर-कृषि उद्यम में इंटरनेट का इस्तेमाल में हिमाचल प्रदेश सबसे आगे है। इसके बाद हरियाणा व असम का नंबर है। वहीं इस तरह के उद्यमों में सर्वाधिक मजदूरी देने में उत्तराखंड अव्वल है। एसबीआई रिसर्च के एएसयूएसई 2025 यूनिट-लेवल विश्लेषण में यह तथ्य सामने आए हैं। उद्यम प्रदर्शन सुधारने में डिजिटल तकनीकों की भूमिका को दर्शाता है। इसमें कहा गया है कि 2025 में सभी राज्यों में इंटरनेट उपयोग बढ़ा है।
2022-23 में 21% , 2023-24 में 27 प्रतिशत उद्यम इंटरनेट का उपयोग होता था। अब यह आंकड़ा बढ़कर 39% हो गया है। हिमाचल प्रदेश के 68.2% उद्यमों में इंटरनेट के जरिए काम होता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि इंटरनेट व डिजिटल तक तकनीक अपनाने से श्रम उत्पादकता में 76% की वृद्धि होती है। असंगठित गैर-कृषि क्षेत्र अर्थव्यवस्था में रोजगार सृजन, आजीविका समर्थन व समग्र आर्थिक गतिविधि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उत्पादकता लाभों के अलावा, सूचना प्रौद्योगिकी अपनाने से फर्म पंजीकरण की संभावना औसतन 84% अंक तक बढ़ जाती है।
इस रोडमैप को लागू करने की सिफारिश
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2022-23 में 21% , 2023-24 में 27 प्रतिशत उद्यम इंटरनेट का उपयोग होता था। अब यह आंकड़ा बढ़कर 39% हो गया है। हिमाचल प्रदेश के 68.2% उद्यमों में इंटरनेट के जरिए काम होता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि इंटरनेट व डिजिटल तक तकनीक अपनाने से श्रम उत्पादकता में 76% की वृद्धि होती है। असंगठित गैर-कृषि क्षेत्र अर्थव्यवस्था में रोजगार सृजन, आजीविका समर्थन व समग्र आर्थिक गतिविधि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उत्पादकता लाभों के अलावा, सूचना प्रौद्योगिकी अपनाने से फर्म पंजीकरण की संभावना औसतन 84% अंक तक बढ़ जाती है।
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इस रोडमैप को लागू करने की सिफारिश
- डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए स्थानीय भाषाओं में डिजिटल भुगतान, बहीखाता, ऑनलाइन मार्केटिंग और पंजीकरण पर व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान कराया जाए।
- डिजिटल कौशल के लिए उद्यमों के लिए प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जाए व नव-औपचारिकीकृत सूक्ष्म फर्मों के लिए अनुपालन लागत को कम कराया जाए।
- डिजिटल लेनदेन इतिहास के आधार पर नकदी प्रवाह-आधारित ऋण को बढ़ावा दिया जाए।
- छोटे उद्यमों को ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म तक पहुंच सुनिश्चित कराई जाए।
- स्थानीय डिजिटल मार्केटप्लेस के माध्यम से बिक्री में सहायता करना।
- महिला-स्वामित्व वाले, ग्रामीण और अत्यंत छोटे उद्यमों का विशेष डिजिटलाइजेशन कराया जाए।
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