रिपोर्ट: योजनाएं पसंद आईं तो बढ़ी 1.8 करोड़ महिला मतदाताओं की संख्या, इन देशों के बाद भारत में सबसे अधिक मतदान
एसबीआई द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार, 2024 में जो 1.8 करोड़ महिला मतदाता बढ़ी हैं, उनमें चार योजनाओं का सबसे अधिक योगदान रहा है। इनमें 45 लाख महिला मतदाताओं की संख्या साक्षरता के कारण बढ़ी है।
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एसबीआई की बृहस्पतिवार को जारी रिपोर्ट के अनुसार, 2024 में जो 1.8 करोड़ महिला मतदाता बढ़ी हैं, उनमें चार योजनाओं का सबसे अधिक योगदान रहा है। इनमें 45 लाख महिला मतदाताओं की संख्या साक्षरता के कारण बढ़ी है। 36 लाख संख्या रोजगार जैसे मुद्रा योजना के कारण बढ़ी है। 20 लाख पीएम आवास योजना के कारण तो 21 लाख संख्या स्वच्छता के चलते बढ़ी है। इनके अलावा इलेक्ट्रिसिटी, पीने के पानी जैसे साधनों से भी संख्या में तेजी आई है। रिपोर्ट के मुताबिक, 19 लाभार्थी राज्यों में 2024 में औसतन 7.8 लाख महिला मतदाता बढ़ी हैं।
2019 में कम योजनाओं के कारण औसत बढ़त केवल 2.5 लाख थी। पिछले 10 साल में भले ही कुल मतदाताओं की संख्या मे तेजी आई है, बावजूद इसके मतदान प्रतिशत में गिरावट आई है। एक दशक में 14.4 करोड़ मतदाता बढ़े जबकि 9.2 करोड़ ने वोट डाला। 2014 में मतदान का औसत प्रतिशत 66.4 फीसदी रहा था जो 2024 में घटकर 66 फीसदी हो गया।
जर्मनी, फ्रांस व स्पेन के बाद भारत में सबसे अधिक मतदान
रिपोर्ट बताती है कि जर्मनी, फ्रांस और स्पेन के बाद भारत में सबसे अधिक मतदान होता है। उदाहरण के तौर पर 2024 में जर्मनी में 76.6 प्रतिशत मतदान, फ्रांस में 66.6 फीसदी, स्पेन में 66.6 फीसदी और भारत में 66.1 फीसदी मतदान हुआ था। अमेरिका में 63.9 फीसदी और इटली में 63.8 फीसदी लोगों ने वोट डाले थे। इस आधार पर भारत जल्द ही मतदान के मामले में तीसरे स्थान पर आ सकता है।
एसटी मतदाताओं का लगातार बढ़ रहा है प्रतिशत
रपोर्ट के अनुसार, देश में अनुसूचित जनजातियां यानी एसटी मतदाताओं का प्रतिशत हर चुनाव में बढ़ता गया है। जबकि जनरल मतदाताओं की संख्या घटती गई है। 2014 में जनरल मतदाताओं का प्रतिशत 66 था जो 2019 में 66.8 हो गया लेकिन 2024 में घटकर 65.5 हो गया। इसी दौरान एससी यानी अनुसूचित जातियों का मतदान प्रतिशत 66.5, 67.5 और 66 फीसदी रहा। एसटी का प्रतिशत 70.7, 73.3 और 72.5 फीसदी रहा।
विभिन्न राज्यों की हालिया प्रमुख योजनाएं
| राज्य | योजना | वर्ष | महिला वोटर बढ़े (लाख में) |
|---|---|---|---|
| पश्चिम बंगाल | लक्ष्मी भंडार | 2021 | 29.1 लाख |
| मध्य प्रदेश | लाडली बहन | 2023 | 28.3 लाख |
| कर्नाटक | गृहलक्ष्मी | 2023 | 13.7 लाख |
| महाराष्ट्र | माझी लाडकी बहिन | 2024 | 52.6 लाख |
| ओडिशा | शुभद्रा | 2024 | 9.1 लाख |
| झारखंड | मंईयां सम्मान | 2024 | 17 लाख |
| असम | मुख्यमंत्री महिला उद्यमिता | 2024 | 13 लाख |
यह टेबल 2021 से 2024 तक विभिन्न राज्यों में महिलाओं के वोटर बढ़ने की संख्या को दर्शाती है, जिनमें योजना आधारित लाभ शामिल हैं।
प्रमुख राज्यों में महिला मतदान व उनके जनधन खातों की संख्या
| राज्य | 2014 (%) | 2024 (%) | जनधन खाते |
|---|---|---|---|
| आंध्रप्रदेश | 74.6 | 81.8 | 88 लाख |
| छत्तीसगढ़ | 69.4 | 72.9 | 1.01 करोड़ |
| असम | 80.1 | 81.1 | 1.43 करोड़ |
| हरियाणा | 71.4 | 64.8 | 52 लाख |
| हिमाचल | 64.5 | 71.5 | 10 लाख |
| पंजाब | 70.6 | 62.8 | 2.1 करोड़ |
| उत्तर प्रदेश | 58.4 | 57 | 5.18 करोड़ |
| उत्तराखंड | 61.7 | 57.7 | 20 लाख |
यह टेबल 2014 और 2024 में महिला मतदाताओं के प्रतिशत के आंकड़ों को दर्शाती है और प्रत्येक राज्य में जनधन खातों की संख्या को भी दिखाती है।