{"_id":"6833cf41b63c4cd163080cab","slug":"sbi-ecowrap-report-bumper-dividend-may-fiscal-situation-govt-will-be-able-to-spend-additional-70000-crores-2025-05-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"SBI Ecowrap: बंपर लाभांश से राजकोषीय हालात बेहतर करने में मिलेगी मदद; 70000 करोड़ अतिरिक्त खर्च कर सकेगी सरकार","category":{"title":"Business Diary","title_hn":"बिज़नेस डायरी","slug":"business-diary"}}
SBI Ecowrap: बंपर लाभांश से राजकोषीय हालात बेहतर करने में मिलेगी मदद; 70000 करोड़ अतिरिक्त खर्च कर सकेगी सरकार
Mon, 26 May 2025 07:47 AM IST
ज्योति भास्कर
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
Published by: ज्योति भास्कर
Updated Mon, 26 May 2025 07:47 AM IST
सार
भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने इकोरैप रिपोर्ट में कहा है कि इस साल देश का राजकोषीय घाटा 0.2 फीसदी तक कम हो सकता है। इस रिपोर्ट के मुताबिक बंपर लाभांश से राजकोषीय स्थिति बेहतर करने में मदद मिलेगी। रिपोर्ट के मुताबिक लाभांश 70000 करोड़ के अतिरिक्त खर्च का रास्ता भी खोलेगा।
विज्ञापन
फाइल फोटो
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के 2.69 लाख करोड़ रुपये के बंपर लाभांश से सरकार की राजकोषीय स्थिति बेहतर हो सकेगी। साथ ही, दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था में वृद्धि को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी। एसबीआई ने इकोरैप रिपोर्ट में कहा, हमारा अनुमान है कि बंपर लाभांश से राजकोषीय घाटा बजट स्तर से 0.2 फीसदी कम होकर जीडीपी का 4.2 फीसदी रहेगा। यह वैकल्पिक रूप से करीब 70,000 करोड़ के अतिरिक्त खर्च का रास्ता भी खोलेगा, जबकि अन्य चीजों में कोई बदलाव नहीं होगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2025-26 के बजट में 2.56 लाख करोड़ का लाभांश मिलने का अनुमान लगाया था।
आरबीआई विदेशी मुद्रा भंडार का शीर्ष विक्रेता
रिपोर्ट में कहा गया है कि यह अधिशेष भुगतान मजबूत सकल डॉलर की बिक्री, उच्च विदेशी मुद्रा लाभ और ब्याज आय में लगातार वृद्धि की वजह से है। आरबीआई जनवरी में एशिया के अन्य केंद्रीय बैंकों की तुलना में विदेशी मुद्रा भंडार का शीर्ष विक्रेता था। सितंबर, 2024 में देश का विदेशी मुद्रा भंडार 704 अरब डॉलर के शिखर पर पहुंच गया था।
सरकार बुनियादी ढांचे पर बढ़ा सकती है अपना खर्च
रिपोर्ट में कहा गया है कि चालू वित्त वर्ष में टिकाऊ नकदी की स्थिति अधिशेष में रहने की उम्मीद है। इसमें खुले बाजार परिचालन (ओएमओ) की खरीद, आरबीआई के लाभांश हस्तांतरण और 2025-26 में 25-30 अरब डॉलर के भुगतान संतुलन (बीओपी) अधिशेष से समर्थन मिलेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
आरबीआई विदेशी मुद्रा भंडार का शीर्ष विक्रेता
रिपोर्ट में कहा गया है कि यह अधिशेष भुगतान मजबूत सकल डॉलर की बिक्री, उच्च विदेशी मुद्रा लाभ और ब्याज आय में लगातार वृद्धि की वजह से है। आरबीआई जनवरी में एशिया के अन्य केंद्रीय बैंकों की तुलना में विदेशी मुद्रा भंडार का शीर्ष विक्रेता था। सितंबर, 2024 में देश का विदेशी मुद्रा भंडार 704 अरब डॉलर के शिखर पर पहुंच गया था।
विज्ञापन
सरकार बुनियादी ढांचे पर बढ़ा सकती है अपना खर्च
- आरबीआई से बंपर लाभांश मिलने से सरकार बुनियादी ढांचे पर अपना खर्च बढ़ा सकती है।
- लाभांश से सरकार का राजस्व बढ़ेगा, जिससे उसे खर्च करने के लिए ज्यादा उधारी नहीं लेनी पड़ेगी।
- अगर सरकार अपनी उधारी कम नहीं करती है, तो इस पैसे का इस्तेमाल कल्याणाकारी योजनाओं और सरकारी सब्सिडी पर खर्च करने में किया जा सकता है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि चालू वित्त वर्ष में टिकाऊ नकदी की स्थिति अधिशेष में रहने की उम्मीद है। इसमें खुले बाजार परिचालन (ओएमओ) की खरीद, आरबीआई के लाभांश हस्तांतरण और 2025-26 में 25-30 अरब डॉलर के भुगतान संतुलन (बीओपी) अधिशेष से समर्थन मिलेगा।
विज्ञापन