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Report: ग्रामीण मांग बनी उपभोग वृद्धि की रीढ़, एफएमसीजी से ऑटो तक सेक्टरों में दिखेगा असर

Fri, 18 Jul 2025 04:11 PM IST
रिया दुबे बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: रिया दुबे Updated Fri, 18 Jul 2025 04:11 PM IST
सार

पीएल कैपिट की रिपोर्ट की रिपोर्ट के अनुसार ग्रामीण मांग में सुधार से एफएमसीजी से लेकर ऑटोमोबाइल जैसे प्रमुख उपभोग क्षेत्रों की रिकवरी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की उम्मीद है। बीते कुछ तिमाहियों में ग्रामीण मांग ने शहरी मांग से बेहतर प्रदर्शन किया है, और अब यह रफ्तार और तेज हो सकती है।
 

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Rural demand is the backbone of consumption growth, impact will be seen in sectors from FMCG to auto
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : ANI

विस्तार

ग्रामीण मांग में सुधार प्रमुख उपभोक्ता क्षेत्रों जैसे एफएमसीजी, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, ऑटोमोबाइल, मोबाइल फोन, आवास और परिधान की रिकवरी में अहम भूमिका निभा सकता है। पीएल कैपिट की रिपोर्ट में यह दावा किया गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि उपभोग से जुड़े इन क्षेत्रों को ग्रामीण इलाकों से धीरे-धीरे उभरती मांग से समर्थन मिलने की उम्मीद है।

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ग्रामीण मांग ने शहरी मांग से किया बेहतर प्रदर्शन
रिपोर्ट के अनुसार, बीते कुछ तिमाहियों में ग्रामीण मांग ने शहरी मांग से बेहतर प्रदर्शन किया है, और अब यह रफ्तार और तेज हो सकती है। इसकी प्रमुख वजहें हैं स्थिर उपभोक्ता भावनाएं, आय में वृद्धि और अनुकूल मानसून के चलते कृषि उत्पादन में सुधार है।
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ग्रामीण उपभोक्ता सूचकांक में हो रहा सुधार
इसमें कहा गया कि बेहतर कृषि उत्पादन और ग्रामीण विकास पर बढ़ते सरकारी खर्च के कारण ग्रामीण परिवार अधिक लचीलापन दिखा रहे हैं। ग्रामीण उपभोक्ता भावना सूचकांक (सीएसआई) जनवरी 2024 में 96.5 से मई 2025 तक 100 तक लगातार सुधर रहा है। इसी दौरान भविष्य की अपेक्षा सूचकांक (एफईआई) भी 124.3 से बढ़कर 125.9 हो गया है। यह ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ते आशावाद को दर्शाता है। 


अच्छे मौसम से कृषि आय में वृद्धि होने की संभावना
इसमें कहा गया कि अच्छे मानसून और कम महंगाई से ग्रामीण मांग को बनाए रखने और बढ़ाने में मदद मिलेगी।  इस सकारात्मक प्रवृत्ति में योगदान देने वाला एक प्रमुख कारक खरीफ बुवाई में सुधार है। यह 2025 की पहली तिमाही में वर्ष-दर-वर्ष 11.1 प्रतिशत अधिक है। सामान्य मानसून, पर्याप्त मिट्टी की नमी और जलाशयों के मजबूत स्तर के साथ स्वस्थ रबी मौसम की उम्मीद से प्रमुख फसल उत्पादक राज्यों में ग्रामीण आय में भी वृद्धि होने की संभावना है।

अगस्त के त्योहारी महीनें में मांग में अधिक वृद्धि की उम्मीद 
ग्रामीण क्षेत्रों में आय बढ़ने से रोजमर्रा की वस्तुओं और महंगी वस्तुओं की खपत में सीधे तौर पर वृद्धि होने की उम्मीद है। इसके अलावा, हाल ही में कर कटौती का उपभोग पर प्रभाव अगस्त से अधिक दिखाई देने की संभावना है। यह समय रक्षाबंधन, गणेश चतुर्थी और ओणम जैसे प्रमुख त्योहारों के साथ मेल खाता है, जिससे मांग और अधिक तेज हो सकती है।
रिपोर्ट में बताया गया है कि इन सभी सकारात्मक कारकों के साथ, ग्रामीण मांग भारत की समग्र उपभोग रिकवरी में अहम भूमिका निभाएगी।

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