फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Business Diary ›   Rupee strong before release of retail inflation data, sluggishness in domestic stock market

Retail Inflation: खुदरा महंगाई के आंकड़े जारी होने से पहले रुपया मजबूत, घरेलू शेयर बाजार में सुस्ती

Mon, 14 Nov 2022 11:36 AM IST
विवेक दास बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: विवेक दास Updated Mon, 14 Nov 2022 11:36 AM IST
सार

Retail Inflation: इस वर्ष रुपये में अब तक 8-9 प्रतिशत की गिरावट आई। अलकेमी कैपिटल मैनेजमेंट के असेट मैनेजमेंट सेगमेंट के रिसर्च हेड शेषाद्री सेन के मुताबिक रुपये में कुछ दिनों तक कमजोरी और उतार-चढ़ाव बना रह सकता है, पर उनका मानना है कि रुपए का सबसे बुरा दौर लगभग समाप्त हो चुका है।

विज्ञापन
Rupee strong before release of retail inflation data, sluggishness in domestic stock market
महंगाई दर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बीते हफ्ते डॉलर में आई कमजोरी के बाद रुपया मजबूत हो रहा है। वैश्विक बेंचमार्क डॉलर का कमजोर होना दूसरी करेंसीज के लिए सकारात्मक साबित हुआ है। सोमवार को रुपया डॉलर के मुकाबले 80.52 रुपये के लेवल पर खुला। इससे पहले शुक्रवार को यह 81.80 के स्तर पर बंद हुआ था। नवंबर महीने में आई तेजी से पहले रुपया पिछले कई हफ्तों से कमजोर होकर नए सर्वकालिक निम्नतम स्तर पर पहुंच गया था। बीते अक्तूबर महीने में रुपया डॉलर के मुकाबले कमजोर होकर इतिहास में पहली बार 83 के स्तर पर पहुंच गया था। 

विज्ञापन

इस वर्ष रुपये में अब तक 8-9 प्रतिशत की गिरावट आई। अलकेमी कैपिटल मैनेजमेंट के असेट मैनेजमेंट सेगमेंट के रिसर्च हेड शेषाद्री सेन के मुताबिक रुपये में कुछ दिनों तक कमजोरी और उतार-चढ़ाव बना रह सकता है, पर उनका मानना है कि रुपए का सबसे बुरा दौर लगभग समाप्त हो चुका है। सेन के अनुसार रुपया ने बीते दिनों में विदेशी संस्थागत निवेशकों की ओर से की गई मजबूत बिकवाली के कारण बहुत झंझावत झेले हैं। यूएस फेड की ओर से मॉनेटरी पॉलिसी कड़ा करने और रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध का भी रुपये पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा। इस लड़ाई के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल के भाव बढ़ गए, इसका खामियाजा भी रुपये को भुगतना पड़ा।

विज्ञापन


वहीं हफ्ते के पहले कारेाबारी दिन सोमवार (14 नवंबर)  को सेंसेक्स और निफ्टी सुस्ती के साथ क्रमशः 61,762.64 और 18,362.75 अंको पर कराेबार करता दिखा। निवेशकों की नजर सोमवार को जारी होने वाली भारत के रिटेल महंगाई के आंकड़ों पर टिकी हुई है। इससे पहले सितंबर महीने में खुदरा महंगाई दर 7.41 प्रतिशत पर पहुंच गई थी। लगातार तीसरी तिमाही में यह आरबीआई को सरकार की ओर से दिए गए लक्ष्य 2-6 प्रतिशत के लक्ष्य से अधिक रही। बता दें कि वर्ष 2016 में पेश किए गए लचीले मुद्रास्फीति लक्ष्यीकरण ढांचे के तहत यदि सीपीआई आधारित मुद्रास्फीति लगातार तीन तिमाहियों के लिए 2 से 6 प्रतिशत की सीमा से बाहर रहती है तो आरबीआई को महंगाई के प्रबंधन में विफल माना जाता है।

विज्ञापन
विज्ञापन


बीती तिमाहियों में महंगाई को रोकने में विफल रहने के कारण भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की एक आउट ऑफ टर्न बैठक तीन नवंबर को आयोजित की गई थी। इस बैठक में महंगाई नियंत्रण में विफल रहने पर सरकार को जवाब और रिपोर्ट देने के संबंध में चर्चा की गई थी। बता दें कि सरकार के निर्देशों के तहत महंगाई नियंत्रण में असफल रहने पर आरबीआई को केंद्र को जवाब देना होता है।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed