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Retirement: अधिक फायदे के लिए जल्दी शुरू करें निवेश, नहीं करें सही समय का इंतजार
Mon, 25 Dec 2023 06:10 AM IST
यशोधन शर्मा
नारायण कृष्णमूर्ति, आर्थिक सलाहकार
नारायण कृष्णमूर्ति, आर्थिक सलाहकार
Published by: यशोधन शर्मा
Updated Mon, 25 Dec 2023 06:10 AM IST
सार
रिटायरमेंट एक वित्तीय लक्ष्य है, जिसके लिए आपको बचत और एसेट्स की जरूरत होती है। बाकी लक्ष्य किसी न किसी रूप में कर्ज लेकर पूरे किए जा सकते हैं। जितना जल्दी और अधिक समय तक आप निवेश करते रहेंगे, तो आपकी सेवानिवृत्त के समय कुल जमा पूँजी के ज्यादा से ज्यादा होने की संभावना उतनी ही अधिक होगी।
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विस्तार
हमारी सीरीज को पढ़ने वाले एक व्यक्ति का संदेश आया था। वे 34 वर्ष के हैं और जानना चाहते थे कि रिटायरमेंट के लिए बचत शुरू करने का सही समय क्या है। रिटायरमेंट को जीवन का एक हिस्सा मानना तब शुरू होता है, जब कोई व्यक्ति 60 वर्ष या उससे अधिक का हो जाता है। जो 30-40 साल के होते हैं उन्हें रिटायरमेंट दूर लगता है। पर सच्चाई यह है कि इसे जल्दी शुरू कर देना चाहिए।
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मैं इसे तीन दोस्तों - विजय, अजय और जय की कहानी से समझाता हूँ। वे हमेशा एक साथ रहे और जब कॉलेज के बाद नौकरी का समय आया, तो वे सभी एक ही शहर में रहे, लेकिन अलग-अलग कंपनियों में काम करने लगे। उनकी कमाई लगभग समान थी, इसलिए उनके जीवन में अवसर भी लगभग समान थे। अब, विजय ने नौकरी के दो साल बाद हर साल 5,000 रुपये की बचत और निवेश करना शुरू कर दिया, क्योंकि वह यह सुनिश्चित करना चाहता था कि सेवानिवृत्त होने तक उसके पास पर्याप्त पैसा हो।
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अजय ने शादी के बाद बचत शुरू करने का फैसला किया और बचत पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया, क्योंकि उसे लगा कि शादी होने तक वह अच्छे जीवन का अनुभव बेहतर कर सकता है। इसलिए, अजय ने विजय की तरह समान राशि बचाना शुरू तो किया , लेकिन पांच साल बाद। जबकि जय उन सभी में से सबसे सुपर कूल था। वह निवेश के लिए बच्चे पैदा होने का इंतजार किया। अब 12% के रिटर्न के आधार पर तीनों के निवेश का परिणाम काफी अलग था। विजय के पास 55 साल की उम्र में 1.8 करोड़ रुपये थे। अजय के पास 94.8 लाख रुपये और जय के पास सिर्फ 49.9 लाख रुपये ही जमा हो पाया।
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पांच साल की देरी से निवेश करने के कारण आपकी जमा राशि उस राशि की आधा हो सकती है जो आप पांच साल पहले शुरू करते। अगर हम यह मान लें कि जय 5,000 की जगह 10,000 रुपये मासिक निवेश किया तो 20 वर्षों तक 12% सालाना रिटर्न के आधार पर भी उसके पास विजय के 99.9 लाख रुपये से कम होगा। इससे सीखने वाली बात यह है कि पैसा जितने लंबे समय तक निवेशित रहेगा, उसके रिटर्न की संभावना उतनी ही अधिक होगी।
भाई-बहने के साथ जीवन गुजारने के बारे में भी सोचना है एक चुनौती
एक और कारण वह यह है कि कार या घर खरीदने या यहां तक कि बच्चों को शिक्षित करने के लिए तो कर्ज मिल जाते हैं, पर आपकी रिटायरमेंट के बाद के जीवन को चलाने के लिए कोई कर्ज नहीं होता है। इन दिनों संयुक्त परिवार व्यवस्था चरमरा रही है। रिटायर होने के बाद अपने बच्चों या भाई-बहनों के साथ जीवन गुजारने के बारे में सोचना आपके लिए एक चुनौती हो सकती है। इसी तरह, बढ़ती उम्र का मतलब यह भी है कि लोग 80 और यहां तक कि 90 की उम्र में भी स्वस्थ तरीके से जीवन जी रहे हैं। किसी ऐसे व्यक्ति के लिए जो 60 वर्ष की उम्र में सेवानिवृत्त होता है, तो उसके अगले 25-30 वर्षों तक जीने की पूरी संभावना है।
कोई व्यक्ति जो रिटायर होने से पहले 30 वर्षों तक काम करता है, उसे सम्मानजनक जीवन जीने के लिए रिटायरमेंट के अगले 30 वर्षों का खर्च चलाने के लिए धन की जरूरत पड़ती है। जब आप युवा हों तभी रिटायरमेंट के लिए बचत करना शुरू कर दें और किसी के यह कहने का इंतजार न करें कि आज रिटायरमेंट के लिए निवेश शुरू करने का अच्छा समय है। जैसे-जैसे आपकी उम्र बढे, रिटायरमेंट बचत और निवेश में अपना योगदान बढ़ाते रहें, ताकि पैसा ठीक-ठाक बढ़ता रहे और जब आपको इसकी जरूरत हो तो आपके पास रहे।
जल्दी निवेश शुरू करने के फायदे और ताकत को सीखने का सबसे अच्छा तरीका शायद इस तथ्य से आता है कि अधिकांश के पास नौकरी के समय से ही अनिवार्य बचत हमारे प्रोविडेंट फंड या एनपीएस में चली जाती है। इस निधि में कितना पैसा जाएगा, यह हमारे वेतन से जुड़ा हुआ है। यह एक छोटी रकम से शुरू हो सकता है। जैसे-जैसे हम अधिक कमाने लगते हैं, यह बढ़ सकता है।