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रिलायंस: मुकेश अंबानी ने 31 मार्च को समाप्त वित्त वर्ष में नहीं लिया वेतन, जानिए कितनी है सैलरी
Thu, 03 Jun 2021 04:05 PM IST
डिंपल अलावाधी
पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली
Published by: डिंपल अलावाधी
Updated Thu, 03 Jun 2021 04:05 PM IST
सार
मुकेश अंबानी ने 31 मार्च को समाप्त वित्त वर्ष में अपनी कंपनी रिलायंस से कोई वेतन नहीं लिया है।
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मुकेश अंबानी
- फोटो : TWITTER
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विस्तार
देश के सबसे अमीर व्यक्ति मुकेश अंबानी ने 31 मार्च को समाप्त वित्त वर्ष में अपनी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड से कोई वेतन नहीं लिया। उन्होंने कोरोना वायरस महामारी के प्रकोप के चलते व्यापार और अर्थव्यवस्था के प्रभावित होने के कारण स्वेच्छा से अपना पारिश्रमिक छोड़ दिया।
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पिछले वित्त वर्ष लिया था 15 करोड़ का वेतन
रिलायंस की ताजा वार्षिक रिपोर्ट में कहा गया कि वित्त वर्ष 2020-21 के लिए अंबानी का पारिश्रमिक 'शून्य' था। उन्होंने इससे पिछले वित्त वर्ष में कंपनी से 15 करोड़ रुपये का वेतन प्राप्त किया, जो पिछले 15 वर्षों से इसी स्तर पर बना हुआ था।
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अंबानी के चचेरे भाई ने लिया इतना लिया वेतन
अंबानी के चचेरे भाई निखिल और हिताल मेसवानी का पारिश्रमिक 24 करोड़ रुपये पर बरकरार रहा, लेकिन इस बार इसमें 17.28 करोड़ रुपये का कमीशन शामिल है। कार्यकारी निदेशक पी एम एस प्रसाद और पवन कुमार कपिल के पारिश्रमिक में बढ़ोतरी हुई। प्रसाद को 2020-21 में 11.99 करोड़ रुपये मिले। ये आंकड़ा इससे पिछले वर्ष में 11.15 करोड़ रुपये था। इसी तरह कपिल का पारिश्रमिक 4.04 करोड़ रुपये से बढ़कर 4.24 करोड़ रुपये हो गया।
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अंबानी की पत्नी नीता, जो कंपनी के बोर्ड में गैर-कार्यकारी निदेशक हैं, को प्रत्येक बैठक के लिए आठ लाख रुपये और 1.65 करोड़ रुपये का कमीशन मिला। इस दौरान सभी स्वतंत्र निदेशकों को 1.65 करोड़ रुपये का कमीशन और 36 लाख रुपये तक बैठक शुल्क मिला।
कर्मचारियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी रिलायंस
मालूम हो कि कोरोना काल में रिलायंस अपने कर्मचारियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है। रिलायंस कोरोना वायरस से कर्मचारियों की जान जाने पर उनके परिवार को अगले पांच सालों तक सैलरी देती रहेगी। रिलायंस फाउंडेशन की चेयरपर्सन नीता अंबानी ने कहा कि जो कर्मचारी पे-रोल पर नहीं है और कोविड-19 से उनकी मृत्यु हो गई है तो उनके परिवार को 10 लाख रुपये दिए जाएंगे। मृत कर्मचारियों के बच्चों के लिए भारत में किसी भी संस्थान में शिक्षण शुल्क, छात्रावास आवास और स्नातक की डिग्री तक पुस्तक शुल्क का 100 फीसदी भुगतान प्रदान करेगी। कंपनी बच्चे के ग्रेजुएट होने तक पति या पत्नी, माता-पिता और बच्चों के लिए अस्पताल में भर्ती होने के लिए प्रीमियम का 100 फीसदी भुगतान भी करेगी। अपने सभी कर्मचारियों और उनके परिवारों के टीकाकरण का पूरा खर्च रिलायंस वहन करेगी।