फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Business Diary ›   RBI report: Indian banks performed better than the world in a decade hindi news

आरबीआई की रिपोर्ट: एक दशक में दुनियाभर की तुलना में भारतीय बैंकों का प्रदर्शन बेहतर, छठे वर्ष भी बढ़ा मुनाफा

Fri, 27 Dec 2024 03:33 AM IST
शुभम कुमार अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Published by: शुभम कुमार Updated Fri, 27 Dec 2024 03:33 AM IST
सार

आरबीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, एनपीए को कम करने में सबसे बेहतर प्रयास ग्रीस का रहा है। 2015 में इसका एनपीए 35.71 फीसदी था जो अब 6.65 फीसदी पर आ गया है। हालांकि, प्रमुख 20 देशों में यह अभी भी सबसे ज्यादा है।

विज्ञापन
RBI report: Indian banks performed better than the world in a decade hindi news
भारतीय रिजर्व बैंक - फोटो : istock

विस्तार

भारतीय बैंकों ने पिछले एक दशक में दुनियाभर के बैंकों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया है। इसका असर यह हुआ कि 20 प्रमुख देशों में शुद्ध रूप से बुरे फंसे कर्जों यानी शुद्ध एनपीए के मामले में हमारे बैंक सबसे आगे हैं। सितंबर तिमाही में इनका शुद्ध एनपीए घटकर 0.57 फीसदी रह गया है। जबकि सकल एनपीए 13 साल के निचले स्तर 2.5 फीसदी पर आ गया है।
विज्ञापन


आरबीआई की रिपोर्ट
आरबीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, एनपीए को कम करने में सबसे बेहतर प्रयास ग्रीस का रहा है। 2015 में इसका एनपीए 35.71 फीसदी था जो अब 6.65 फीसदी पर आ गया है। हालांकि, प्रमुख 20 देशों में यह अभी भी सबसे ज्यादा है। ग्रीस ने अपने ऐतिहासिक रूप से उच्च एनपीए अनुपात को कम करने में 2018 से उल्लेखनीय प्रगति की है।
विज्ञापन


रिपोर्ट के मुताबिक, एडवांस देशों में 2015 से चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही तक एनपीए स्थिर रहा है। ऑस्ट्रेलिया का शुद्ध एनपीए 2015 में 0.89 फीसदी था, जो चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में 0.95 फीसदी रहा है। कनाडा का 0.52 फीसदी से 0.48 फीसदी, डेनमार्क का 3.28 फीसदी से 0.93 फीसदी, यूके का 1.01 फीसदी से 0.99 फीसदी व अमेरिका का एनपीए 1.47 से 0.90 फीसदी पर आ गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


यूरो जोन की बात करें तो स्पेन का एनपीए 5.09 फीसदी से कम होकर 3.04 फीसदी, बेल्जियम का 3.85 फीसदी से घटकर 1.88 फीसदी, फ्रांस का 3.52 फीसदी से 2.06 फीसदी, ग्रीस का 35.71 फीसदी से 6.65 फीसदी, आयरलैंड का 16.91 फीसदी से 1.32 फीसदी और नीदरलैंड का 2.71 फीसदी से घटकर 1.54 फीसदी पर आ गया है।

जोखिम प्रबंधन और आईटी को सुधारने की जरूरत
वित्त वर्ष 2023-24 में लगातार छठे वर्ष लाभप्रदता में सुधार हुआ। केंद्रीय बैंक ने कहा, बैंकों को जोखिम प्रबंधन व आईटी मानकों को मजबूत करने की जरूरत है। संदिग्ध व असामान्य लेनदेन सहित बेईमान गतिविधियों की जांच पर ध्यान देना होगा। एनबीएफसी को ग्राहक शिकायत प्रथाओं को मजबूत करने और अत्यधिक ब्याज दरों से बचने की जरूरत है।


बैंकों की स्थिति मजबूत
कर्ज और जमा में लगातार विस्तार से भारतीय बैंकों की वित्तीय स्थिति मजबूत बनी हुई है। शुद्ध एनपीए कम होकर सितंबर अंत तक 0.57 फीसदी रह या है। मार्च में यह 0.62 फीसदी रहा था। गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) के भी बुरे फंसे कर्ज में सुधार आया है। इनका खाता बही 10 फीसदी से ज्यादा बढ़ा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed