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RBI Repo Rate: होम, कार व कॉरपोरेट लोन की ईएमआई घटने की उम्मीद बढ़ी, रेपो दर में 25 आधार अंकों की कटौती

Wed, 09 Apr 2025 10:08 AM IST
अभिषेक दीक्षित बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: अभिषेक दीक्षित Updated Wed, 09 Apr 2025 10:08 AM IST
सार

RBI MPC Meeting Updates: आरबीआई ने बुधवार को लगातार दूसरी बार प्रमुख ब्याज दर में 25 आधार अंकों की कटौती का एलान किया है। केंद्रीय बैंक के इस फैसले से  अमेरिका की ओर से लगाए गए पारस्परिक शुल्कों से प्रभावित अर्थव्यवस्था को सहारा मिलने की उम्मीद बढ़ी है। रेपो रेट में कटौती के अलावे आरबीआई गवर्नर ने क्या-क्या कहा है? आइए जानते हैं।

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RBI MPC voted unanimously to reduce the policy repo rate by 25 basis points with immediate effect
भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा। - फोटो : PTI

विस्तार

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने रेपो रेट कटौती का एलान कर दिया है। आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति ने रेपो रेट में तत्काल प्रभाव से 0.25 फीसदी की कटौती का फैसला सर्वसम्मति से लिया है। आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा, 'मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) के सदस्यों ने नीतिगत रेपो दर को तत्काल प्रभाव से 25 आधार अंकों से घटाकर 6% करने के लिए मतदान किया।' इस दौरान गवर्नर ने वैश्विक विकास के लिए नई चुनौतियों की ओर इशारा भी किया।

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होम, कार और कॉरपोरेट लोन की ईएमआई हो सकती है कम

आरबीआई ने बुधवार को लगातार दूसरी बार प्रमुख ब्याज दर में 25 आधार अंकों की कटौती का एलान किया है। केंद्रीय बैंक के इस फैसले से अमेरिका की ओर से लगाए गए पारस्परिक शुल्कों से प्रभावित अर्थव्यवस्था को सहारा मिलने की उम्मीद बढ़ी है। ब्याज दरों में कटौती के बाद प्रमुख नीतिगत दर यानी रेपो रेट घटकर 6 प्रतिशत हो गई। इस कदम से आवास, ऑटो और कॉर्पोरेट ऋण लेने वालों को राहत मिली।

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फरवरी महीने में भी की गई थी 25 आधार अंकों की कटौती

फरवरी में अपनी पिछली नीति में आरबीआई ने रेपो दर को 25 आधार अंकों से घटाकर 6.25 प्रतिशत कर दिया था। यह दर मई 2020 में पिछली दर में कटौती के बाद आई थी। दरों में आखिरी संशोधन फरवरी 2023 में हुआ था। जब नीति दर को 25 आधार अंकों से बढ़ाकर 6.5 प्रतिशत कर दिया गया था।

क्या है रेपो रेट?

रेपो रेट वह दर होती है जिस पर RBI बैंकों को कर्ज देता है। बैंक इस कर्ज से ग्राहकों को लोन देते हैं। रेपो रेट कम होने का मतलब है कि बैंक से मिलने वाले कई तरह के कर्ज, जैसे होम लोन, कार लोग अब सस्ते हो जाएंगे। हालांकि बैंक ईएमआई में कब तक और कितनी कटौती करेंगे यह उन पर निर्भर करता है। भारतीय रिजर्व बैंक की माद्रिक नीति समिति हर दो महीने के अंतराल पर होने वाली अपनी तीन दिवसीय बैठक में रेपो दर को घटाने, बढ़ाने या स्थिर रखने पर फैसला लेती है।

अमेरिकी टैरिफ के झटके बाद जीडीपी वृद्धि के अनुमानों में कटौती

आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) ने सर्वसम्मति से नीतिगत दर को 25 आधार अंकों से घटाकर 6.25 प्रतिशत करने का फैसला किया है। वैश्विक अनिश्चितताओं के कारण आरबीआई ने सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि दर का अनुमान 6.7 प्रतिशत से घटाकर 6.5 प्रतिशत कर दिया है। पिछले सप्ताह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भारतीय आयातों पर 26 प्रतिशत का भारी-भरकम पारस्परिक शुल्क लगाने की घोषणा की थी, जो 9 अप्रैल से प्रभावी होगा। आरबीआई गवर्नर ने वित्तीय वर्ष 2026 में वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर 6.5% रहने का अनुमान जताया है। आरबीआई गवर्नर ने कहा कि नीतिगत और व्यापार संबंधी अनिश्चितताओं के कारण वृद्धि अनुमानों में 20 आधार अंकों की कमी की गई है।

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वित्तीय वर्ष  2025-26 में जीडीपी वृद्धि के अनुमान

  • पहली तिमाही में 6.5%
  • दूसरी तिमाही में 6.7%
  • तीसरी तिमाही में 6.6%
  • चौथी तिमाही में 6.3%

वित्तीय वर्ष 2025-26 में 4% तक रह सकती है महंगाई दर

आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि खाद्य मुद्रास्फीति निर्णायक रूप से सकारात्मक दायरे में प्रवेश कर रही है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए मुद्रास्फीति 4% रहने का अनुमान लगाया गया है। फरवरी में महंगाई दर 4.2% रहने का अनुमान लगाया गया है।

वित्तीय वर्ष 26 के लिए तिमाहीवार का अनुमान

  • पहली तिमाही 3.6%
  • दूसरी तिमाही 3.9%
  • तीसरी तिमाही 3.8%
  • चौथी तिमाही 4.4%                                                               


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