फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Business Diary ›   RBI MPC begins three-day meeting, decision on policy rates to be taken on October 1

RBI MPC: आरबीआई एमपीसी की बैठक शुरू, नीतिगत दरों में 25 आधार अंकों की कटौती पर हो सकता है फैसला

Mon, 29 Sep 2025 11:11 AM IST
रिया दुबे बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: रिया दुबे Updated Mon, 29 Sep 2025 11:11 AM IST
सार

भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति की बैठक शुरू हो गई है। विशेषज्ञों ने उम्मीद जताई है कि सितम्बर में ब्याज दरों में कटौती करना उचित और तर्कसंगत है, क्योंकि मुद्रास्फीति नियंत्रण में है और आगे इसमें और कमी आने की संभावना है। 

विज्ञापन
RBI MPC begins three-day meeting, decision on policy rates to be taken on October 1
आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा - फोटो : PTI

विस्तार

भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति की तीन दिवसीय बैठक आज मुंबई में शुरू हो गई। इस बैठक में समिति के सदस्य रेपो रेट सहित प्रमुख नीतिगत दरों पर निर्णय लेने से पहले मौजूदा आर्थिक हालात की समीक्षा करेंगे।

विज्ञापन

1 अक्तूबर को आएगा फैसला

बैठक 1 अक्तूबर, बुधवार तक चलेगी, जिसके बाद मौद्रिक नीति की घोषणा की जाएगी। माना जा रहा है कि समिति की चर्चा का मुख्य फोकस महंगाई पर नियंत्रण और विकास को गति देने के बीच संतुलन साधने पर होगा। आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा बुधवार सुबह 10 बजे बैठक के परिणाम की घोषणा करेंगे।

विज्ञापन


ये भी पढ़ें: The Bonus Market Updates: आज बढ़त के साथ खुला बाजार, शुरुआती कारोबार में 200 अंक से ज्यादा चढ़ा सेंसेक्स

विज्ञापन
विज्ञापन

बाजार, व्यवसाय और नीति निर्माता परिणाम पर रख रहे नजर

इस घोषणा से रेपो दरों और अन्य संबंधित नीतिगत उपायों के संबंध में समिति के निर्णय पर स्पष्टता आएगी। बाजार, व्यवसाय और नीति निर्माता मौद्रिक नीति के परिणामों पर बारीकी से नजर रखते हैं, क्योंकि इसका उधार लागत और समग्र आर्थिक गतिविधि पर प्रभाव पड़ता है। पिछले अगस्त माह की नीतिगत बैठक में, रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) ने रेपो दर को 5.5 प्रतिशत पर अपरिवर्तित रखा था।

एसबीआई ने जताई 25 आधार अंकों की कटौती की उम्मीद

एसबीआई की एक रिपोर्ट के अनुसार, मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) इस नीति बैठक में 25 आधार अंकों (बीपीएस) की कटौती की घोषणा कर सकती है क्योंकि यह इस स्तर पर सर्वोत्तम संभव विकल्प है। रिपोर्ट में इस बात पर जोर दिया गया है कि सितम्बर में ब्याज दरों में कटौती करना उचित और तर्कसंगत है, क्योंकि मुद्रास्फीति नियंत्रण में है और आगे इसमें और कमी आने की संभावना है।

इसमें कहा गया है कि केंद्रीय बैंकों का बिना शोरगुल वाला संवाद, इस सारी अराजकता के बीच अपने आप में एक नीतिगत उपकरण है। सितंबर में भी टाइप 2 त्रुटि (तटस्थ रुख के साथ ब्याज दरों में कोई कटौती नहीं) करने का कोई मतलब नहीं है। सितंबर में ब्याज दरों में 25 आधार अंकों की कटौती आरबीआई के लिए सबसे अच्छा विकल्प है।

मुद्रास्फीति में गिरावट ने बनाई जगह

इस बीच यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ने भी उम्मीद जताई है कि आरबीआई इस बैठक में 25 आधार अंकों की कटौती कर सकता है। रिपोर्ट में सुझाव दिया गया है कि मुद्रास्फीति में गिरावट  के रुझान ने इस तरह के कदम के लिए जगह बनाई है। इस कटौती को आरबीआई की ओर से बूस्टर कट के रूप में देखा जा रहा है।

यह अनुमान वित्त वर्ष 2025-26 के लिए महंगाई दर में बड़े पैमाने पर नीचे की ओर संशोधन पर आधारित है। अब अनुमान करीब 2.5 प्रतिशत के आसपास है, जिसमें गिरावट की गुंजाइश और बनी हुई है। रिपोर्ट के मुताबिक अक्तूबर 2025 से जीएसटी के प्रभाव के कारण महंगाई पर लगभग 60 आधार अंक का असर पड़ने की संभावना को भी संशोधन में शामिल किया गया है।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि इस बार केवल दरों का फैसला ही नहीं, बल्कि समिति का संवाद भी बेहद अहम होगा। इसके अनुसार, "डोविश पॉज" (नरम रुख अपनाते हुए दरों को स्थिर रखना) बांड बाजार और बैंक ऋण दरों पर 'हॉकिश कट' (कटौती के बावजूद सख्त संदेश) की तुलना में अधिक प्रभावी साबित हो सकता है।


विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed