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आरबीआई ने दिया बड़ा झटका: रेपो दरों में 40 बेसिस प्वाइंट का इजाफा, होम-ऑटो समेत सभी लोन होंगे महंगे

Wed, 04 May 2022 02:26 PM IST
दीपक चतुर्वेदी बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: दीपक चतुर्वेदी Updated Wed, 04 May 2022 02:26 PM IST
सार

एमपीसी ने ब्याज दरों में इजाफा करने के प्रस्ताव पर सर्वसम्मति से मतदान किया और इसके बाद रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने तत्काल प्रभाव से नीतिगत रेपो दरों में 40 बेसिस प्वाइंट की वृद्धि करने का आदेश जारी कर दिया। 

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RBI increase policy repo rates by 40 bps with immediate effect all details here
आरबीआई ने रेपो दरों में किया इजाफा। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

होम-ऑटो या फिर पर्सनल लोन लेने वालों के लिए बुरी खबर है। दरअसल, बुधवार को भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने एक बड़ा फैसला लेते नीतिगत ब्याज दरों में बढ़ोतरी कर दी। यानी अब लोन महंगे हो जाएंगे। बता दें कि 22 मई 2020 से ये दरें अपरिवर्तित थीं। आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने बैठक के फैसलों की जानकारी देते हुए कहा कि तत्काल प्रभाव से नीतिगत रेपो दरों में 40 बेसिस प्वाइंट का इजाफा किया जा रहा है। बढ़ती महंगाई को काबू में करने के लिए इस तरह का फैसला लिया गया है। 

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4.40 फीसदी की गई रेपो-दर
इस बढ़ोतरी के बाद लंबे से चार फीसदी पर स्थिर रेपो दरें बढ़कर 4.40 फीसदी हो गई है। इसके साथ ही आरबीआई ने कैश रिजर्व रेशिया (सीआरआर) में 50 बेसिस प्वाइंट की वृद्धि की है, यह 4.50 फीसदी कर दिया गया है। नई दरें 21 मई से लागू की गई हैं। बता दें कि एमपीसी ने ब्याज दरों में इजाफा करने के प्रस्ताव पर सर्वसम्मति से मतदान किया और इसके बाद रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने बढ़ोतरी करने का आदेश जारी कर दिया। दास ने बताया कि कमोडिटीज और वित्तीय बाजारों में जोखिम और बढ़ती अस्थिरता जैसे कारणों के चलते ये कदम उठाया गया है। 
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ग्राहकों पर बढ़ेगा ईएमआई का बोझ
गौरतलब है कि रेपो दरों में इस इजाफे से लोन लेने वाले ग्राहकों को तगड़ा झटका लगा है। दरअसल, दरें बढ़ने के बद अब होम, ऑटो और पार्सनल लोन महंगे हो जाएंगे और ईएमआई का बोझ बढ़ जाएगा। गवर्नर शक्तिकांत दास का कहना है कि विदेशी मुद्रा भंडार 600 अरब डॉलर से अधिक है और ऋण-से-जीडीपी अनुपात कम है। गौरतलब है कि अप्रैल महीने में महंगाई भारतीय रिजर्व बैंक के पूर्वानुमान से काफी ऊपर निकल चुकी है। मार्च के आंकड़े देखें तो देश में खुदरा महंगाई 6.95 फीसदी के उच्च स्तर पर पहुंच चुकी है, जबकि थोक महंगाई 17 महीने के हाई पर काबिज है। 
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सेंसेक्स 1000 अंक से ज्यादा लुढ़का
यहां बता दें कि आरबीआई के नीतिगत दरों में बढ़ोतरी करने के फैसले का त्वरित असर शेयर बाजारों पर देखने को मिला है और पहले से गिरावट के साथ कारोबार कर रहा स्टॉक मार्केट भर भराकर गिर गया है। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स सूचकांक फैसले के तुरंत बाद 1000 अंक टूटकर और 56 हजार के नीचे पहुंच गया। फिलहाल, सेंसेक्स 1070 अंक फिसलकर 55,864 के निचले स्तर पर कारोबार कर रहा है।  

जारी रहेगा महंगाई का दबाव
इस बैठक में मौद्रिक समिति के सभी छह सदस्य शामिल हुए। बैठक की अध्यक्षता गवर्नर शक्तिकांत दास ने की। दास ने बैठक के बाद संबोधित करते हुए कहा कि मौजूदा भू-राजनीतिक स्थिति के कारण अभूतपूर्व उच्च वैश्विक खाद्य कीमतों का प्रतिकूल प्रभाव घरेलू बाजारों पर देखने को मिला है। उन्होंने कहा कि आगे भी मुद्रास्फीति का दबाव जारी रहने की संभावना बनी हुई है। आरबीआई ने आगाह किया कि जहां भारतीय अर्थव्यवस्था रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच भू-राजनीतिक परिस्थितियों में गिरावट का सामना करने में सक्षम प्रतीत होती है, वहीं इसे भू-राजनीतिक तनाव, कमोडिटी की कीमतों में वृद्धि और बाहरी मांग में कम करने वाली संकट भरी लहरों का सामना भी करना पड़ रहा है। 

अचानक बुलाई गई आरबीआई की बैठक
आरबीआई की ये बैठक पूर्व निर्धारित नहीं थी बल्कि अचानक की गई और इसमें लिया गया फैसला आम आदमी के लिए जोरदार झटका है। यहां बता दें कि बीती आठ अप्रैल को हुई एमपीसी की बैठक में रेपो दरों को लगातार 11वीं बार यथावत रखा गया था। लेकिन इसमें बढ़ोतरी के संकेत आरबीआई गवर्नर ने उसी समय दे दिए थी। बैठक के बाद बताया गया था कि समिति के सदस्यों ने बढ़ती महंगाई और इस नियंत्रित करने के उपायों पर गहन चर्चा की गई है। 


पूर्व रिपोर्टों में जताया गया था अनुमान
इसके अलावा बीते दिनों रिसर्च फर्म नोमुरा की रिपोर्ट में भी ये अनुमान जताया गया था कि बढ़ती महंगाई को काबू में करने के लिए केंद्रीय बैंक रेपो दरों में इजाफा करने का बड़ा फैसला ले सकता है। लेकिन रिपोर्ट में जून में होने वाली एमपीसी बैठक में इस बढ़ोतरी की उम्मीद जताई गई थी। लेकिन आरबीआई ने बुधवार को आनन-फानन में बैठक बुलाकर रेपो दरों और सीआरआर में बढ़ोतरी कर सबको चौंका दिया।

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