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Report: FY2026 में सरकार को 2.7 से 3 लाख करोड़ रुपये तक का लाभांश दे सकता है आरबीआई, रिपोर्ट में ये दावा
Sat, 17 May 2025 04:34 PM IST
कुमार विवेक
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: कुमार विवेक
Updated Sat, 17 May 2025 04:34 PM IST
सार
Report: आरबीआई की ओर से वित्त वर्ष 2026 में सरकार को रिकॉर्ड अधिशेष हस्तांतरित करने की उम्मीद है। अनुमानतः लाभांश की राशि 2.7 लाख करोड़ रुपये से 3 लाख करोड़ रुपये तक की हो सकती है। एक रिपोर्ट में यह दावा किया गया है। आइए इस बारे में विस्तार से जानें।
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आरबीआई
- फोटो : PTI
विस्तार
भारतीय रिजर्व बैंक की ओर से वित्त वर्ष 26 में सरकार को 2.7 लाख करोड़ रुपये से 3 लाख करोड़ रुपये तक का रिकॉर्ड अधिशेष लाभांश हस्तांतरित किए जाने की उम्मीद है। लाभांश की राशि पिछले साल की तुलना में लगभग 50 प्रतिशत तक अधिक हो सकती है। सेबी-पंजीकृत एनालिस्ट फ्रंट वेव रिसर्च की एक रिपोर्ट में यह बात कही गई है।
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रिपोर्ट के अनुसार आरबीआई के लाभांश की राशि पिछले साल के ऐतिहासिक 2.1 लाख करोड़ रुपये के हस्तांतरण से काफी अधिक होगा। यह आने वाले महीनों में भारत की राजकोषीय स्थिति और तरलता की स्थिति पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकता है। लाभांश की घोषणा मई के अंत तक होने की संभावना है। रिपोर्ट में कहा गया, "आरबीआई की ओर से वित्त वर्ष 2026 में सरकार को रिकॉर्ड अधिशेष हस्तांतरित करने की उम्मीद है। अनुमानतः लाभांश की राशि 2.7 लाख करोड़ रुपये से 3 लाख करोड़ रुपये तक की हो सकती है।"
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रिपोर्ट के अनुसार अधिशेष हस्तांतरण में अपेक्षित वृद्धि के तीन प्रमुख कारण हैं। सबसे पहले, आरबीआई के समय पर विदेशी मुद्रा बाजार संचालन ने मजबूत व्यापारिक लाभ उत्पन्न किया। केंद्रीय बैंक ने लगभग 83-84 रुपये पर अमेरिकी डॉलर खरीदे और उन्हें 84-87 रुपये पर बेचा। इससे केंद्रीय बैंक को उल्लेखनीय लाभ हुआ। दूसरा, आरबीआई के 600 बिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिका विदेशी मुद्रा भंडार ने वैश्विक ब्याज दरों में वृद्धि के कारण ज्यादा ब्याज आय अर्जित की। इससे केंद्रीय बैंक के अधिशेष में काफी वृद्धि हुई।
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तीसरा, घरेलू मोर्चे पर, आरबीआई ने ओपन मार्केट ऑपरेशंस (ओएमओ), बॉन्ड होल्डिंग्स और रेपो ट्रांजैक्शन के जरिए ठोस आय अर्जित की। इससे इसकी बैलेंस शीट मजबूत हुई और हस्तांतरण के लिए उपलब्ध अधिशेष का आकार और बढ़ गया।