नॉर्थ पोल मैराथन पूरा करने वाले पहले भारतीय हैं राम गोपाल कोठारी, दिल्ली की सीएम ने किया सम्मानित
कोलकाता में जन्मे उद्यमी और अन्वेषक राम गोपाल कोठारी को दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अपने आवास पर आयोजित एक विशेष समारोह में सम्मानित किया। वे भौगोलिक नॉर्थ पोल (90°N) पर फुल मैराथन पूरा कर इतिहास रचने वाले पहले भारतीय हैं।
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कोलकाता में जन्मे उद्यमी और अन्वेषक राम गोपाल कोठारी को दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अपने आवास पर आयोजित एक विशेष समारोह में सम्मानित किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के पति भी मौजूद थे। कोठारी ने हाल ही में भौगोलिक नॉर्थ पोल (90°N) पर फुल मैराथन पूरा कर इतिहास रचा है। वे ऐसा करने वाले पहले भारतीय हैं।
13 जुलाई 2025 को कोठारी ने नॉर्थ पोल मैराथन जीती
यह चरम सहनशक्ति की दौड़ बहते बर्फीले समुद्र (आर्कटिक ओशन) की परतों पर आयोजित होती है। तापमान –8°C तक गिर गया, तेज हवाएं चलीं और रास्ते में ध्रुवीय भालू के खतरे तक मौजूद थे। उनके जूते बर्फीले पानी से भर गए। नौ बार मांसपेशियों में खिंचाव आया, पैर की अंगुली चोटिल हुई। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और आठ घंटे से कुछ अधिक समय में दौड़ पूरी कर उत्तर ध्रुव पर तिरंगा लहराया।
यह उनका पहला फुल मैराथन भी था। दौड़ के बाद कोठारी ने कहा, “मैं सिर्फ बर्फ़ पर नहीं दौड़ रहा था, मैं विश्वास और वादे पर दौड़ रहा था। यह दिखाने के लिए कि भारत हर जगह का हिस्सा है, यहाँ तक कि दुनिया की चोटी पर भी।”
2012 में आर्थिक संकट और मानसिक थकान से भी जूझे
कोठारी की यह उपलब्धि सिर्फ उस जगह के लिए उल्लेखनीय नहीं है जहां उन्होंने दौड़ लगाई, बल्कि उस जगह के लिए भी जहां से उन्होंने शुरुआत की। वे कोलकाता के बड़ाबाजार में एस्बेस्टस की छत वाले दो कमरों में पले-बढ़े और श्री माहेश्वरी विद्यालय में शिक्षा प्राप्त की। 2012 में उन्हें आर्थिक संकट और मानसिक थकान का सामना करना पड़ा। कोठारी ने फुटपाथ पर कार इंश्योरेंस पॉलिसियों बेचकर अपना करियर दोबारा शुरू किया और धीरे-धीरे एक सफल इंश्योरेंस व्यवसाय खड़ा किया। जिसके आज देशभर में पांच दफ्तर हैं।
अब तक कोठारी 71 देशों और सातों महाद्वीपों की यात्रा कर चुके हैं, जिसमें अंटार्कटिका की कठिन यात्रा भी शामिल है। उन्होंने स्वालबार्ड की ध्रुवीय रात का अनुभव किया। यह दुनिया की आखिरी बस्ती जहां 24 घंटे के अंधेरे में उत्तरी रोशनी चमकती है। वे ग्रीनलैंड में इग्लू में रहे और असली एस्किमो डॉग स्लेज की सवारी की। उनकी दौड़ने की शुरुआत 2018 में टाटा मुंबई हाफ मैराथन से हुई थी। यह एक साधारण शुरुआत थी, जो अंततः आर्कटिक की विजय तक पहुंची।